AICTE का निर्देश : सीबीएसई प्राइवेट व पत्राचार छात्रों को जेईई रैंक के आधार पर दिया जाए अंतरिम दाखिला

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Fri, 10 Sep 2021 10:19 PM IST

सार

JEE Main 2021 CBSE private and patrachar students: इस साल, AICTE ने इंजीनियरिंग प्रवेश के लिए पात्रता मानदंड में भी संशोधन किया है। सीबीएसई परीक्षा में भाग लेने वाले ऐसे विद्यार्थियों, जिनका रिजल्ट अभी जारी नहीं हो पाया है, को उनकी संयुक्त प्रवेश परीक्षा यानी जेईई की रैंक के आधार पर अंतरिम प्रवेश दिया जाए।
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AICTE - फोटो : social media
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विस्तार

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की प्राइवेट, पत्राचार और कंपार्टमेंट तथा इम्प्रूवमेंट एग्जाम दे रहे विद्यार्थियों को बड़ी राहत दी है। एआईसीटीई ने इंजीनियरिंग शिक्षा संस्थानों को निर्देशित किया है कि वे सीबीएसई परीक्षा में भाग लेने वाले ऐसे विद्यार्थियों, जिनका रिजल्ट अभी जारी नहीं हो पाया है, को उनकी संयुक्त प्रवेश परीक्षा यानी जेईई की रैंक के आधार पर अंतरिम प्रवेश दिया जाए। इससे विद्यार्थियों को एक साल खराब होने से बच सकेगा और वे समय पर पसंदीदा संस्थान में दाखिला भी ले पाएंगे।
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एआईसीटीई (All India Council of Technical Education) की ओर से शुक्रवार को मीडिया रिपोर्ट में जानकारी दी गई कि जिन छात्रों के 12वीं के नतीजे घोषित नहीं हुए हैं, उन्हें संस्थानों को प्रवेश देने से इनकार नहीं करना चाहिए। इन छात्रों में सीबीएसई निजी श्रेणी के उम्मीदवार, पत्राचार और कंपार्टमेंट के छात्र शामिल हैं। हालांकि, छात्रों को एक वचनबद्धता पर हस्ताक्षर करना होगा कि वे परिणाम घोषित होने के एक सप्ताह के भीतर अपने कक्षा 12वीं की अंकतालिका जमा करेंगे।

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परिषद के सदस्य सचिव राजीव कुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह प्रावधान केवल उन दाखिलों के लिए लागू है जो राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाओं जैसे जेईई या राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा में छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर किए जा रहे हैं। कुमार ने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं है, जब परिषद ने अंतरिम प्रवेश को मंजूरी दी है। पिछले साल एमबीए प्रवेश के लिए अपवाद लागू किया गया था, जब कुछ विश्वविद्यालय स्नातक (यूजी) परिणाम घोषित करने में सक्षम नहीं थे। उन्होंने कहा, कोविड-19 के दौर में हम एक अभूतपूर्व स्थिति का सामना कर रहे हैं और कोई भी तरीका फुलप्रूफ काम नहीं करेगा, लेकिन हमें ऐसी रणनीति बनाने की जरूरत है जिससे छात्रों को कम से कम नुकसान हो। 

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गौरतलब है कि इस साल, AICTE ने इंजीनियरिंग प्रवेश के लिए पात्रता मानदंड में भी संशोधन किया है, जो शैक्षणिक वर्ष 2021-22 से लागू होगा। बीई और बीटेक कोर्स करने के लिए अब 12वीं कक्षा में गणित और भौतिकी विषय का अध्ययन अनिवार्य नहीं है। संशोधित नियमों के अनुसार, छात्र 14 सूचीबद्ध विषयों में से किन्हीं तीन विषयों के कॉम्बिनेशन का चयन कर सकते हैं। जबकि छात्रों को अंतरिम प्रवेश प्रदान किया जाएगा, फिर भी उन्हें पाठ्यक्रम-विशिष्ट न्यूनतम पात्रता आवश्यकता को पूरा करना होगा। यदि कोई छात्र परिणाम घोषित होने के बाद कक्षा 12वीं में संबंधित विषयों के न्यूनतम उत्तीर्ण अर्हता को प्राप्त करने में विफल रहता है, तो उसका प्रवेश स्वतः ही रद्द कर दिया जाएगा। 

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