12वीं बोर्ड परीक्षा रद्द: यह निर्णय अकादमिक से अधिक राजनीतिक, विशेषज्ञों की आई मिली-जुली प्रतिक्रिया

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: वर्तिका तोलानी Updated Tue, 01 Jun 2021 10:35 PM IST

सार

कुछ शिक्षकों द्वारा फैसले का स्वागत किया गया है। वहीं कुछ ने इसे अकादमिक से ज्यादा राजनीतिक बताया है।
सीबीएसई बोर्ड 12वीं की परीक्षाएं रद्द
सीबीएसई बोर्ड 12वीं की परीक्षाएं रद्द - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 जून को सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। इसके बाद से ही प्रतिक्रियाओं का दौर थम नहीं रहा है। कुछ शिक्षकों द्वारा फैसले का स्वागत किया गया है। वहीं कुछ ने इसका विरोध भी किया है। भोपाल के एक निजी विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजेश शर्मा ने अमर उजाला से खास बातचीत की है। इसमें उन्होंने कहा है कि मेरी राय में बारहवीं बोर्ड परीक्षा रद्द करने का निर्णय अकादमिक से अधिक राजनीतिक है। हम टीकाकरण कर सकते थे और फिर जुलाई या उसके बाद परीक्षा आयोजित कर सकते थे। बारहवीं कक्षा के इस बैच को भविष्य में अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। देखते हैं रिजल्ट का फार्मूला कैसे तय होता है। प्रामाणिकता और वैधता महत्वपूर्ण है।

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दिल्ली विश्वविद्यालय में बारहवीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर होगा दाखिला

बारहवीं बोर्ड परीक्षा की स्थिति स्पष्ट न होने की वजह से दिल्ली विश्वविद्यालय की दाखिला प्रक्रिया भी अटकी हुई थी। लेकिन अब कुछ हद तक स्थिति स्पष्ट होती नजर आ रही है। दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दर्शन पांडेय कहते हैं कि वर्तमान महामारी एवं परिस्थितियों को देखते हुए सीबीएसई 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। यह बेहद विवेकपूर्ण एवं स्वागत योग्य निर्णय लिया गया है। इस निर्णय से विद्यार्थियों को मानसिक और भावनात्मक रूप से राहत मिलेगी। अब विद्यार्थियों को अपने स्कूल में आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अंक दिया जाएगा, उसी आधार पर उनके परीक्षा परिणामों घोषित किया जाएगा। दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए बारहवीं बोर्ड के अंकों के आधार पर कटऑफ को ही निकाला जाएगा, ऐसी संभावना दिखाई देती है। यद्यपि इस वर्ष दाखिले से संबंधित क्या नए बदलाव हो सकते हैं, इसका अंतिम निर्णय  तो दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन को ही लेना है। परंतु जो भी निर्णय होगा, उसमें विद्यार्थियों के हितों को अवश्य ध्यान में रखा जाएगा। वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर के पी सिंह कहते हैं कि दिल्ली विश्वविद्यालय की स्नातक कार्यक्रमों के लिए प्रवेश नीति में बदलाव की कोई संभावना नहीं दिखती। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी तरह की चिंता न करें। डीयू हमेशा उनके ही पक्ष में निर्णय लेगा।

फिक्की की सह अध्यक्ष ने इस फैसले का किया स्वागत

फिक्की अराइज की सह अध्यक्ष प्रवीण राजू कहते हैं कि आज के हालात देखते हुए सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं रद्द करना सही फैसला है। बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ किए बिना हम परीक्षा नहीं ले सकते थे। इसलिए हम इस निर्णय का स्वागत करते हैं। आशा है इसके सभी भागीदारों से सलाह कर शीघ्र ही इस मुद्दे का हल निकाला जाएगा।
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