शैक्षणिक सत्र 2021-22: डीयू ने जारी किए नियम, कटऑफ में विद्यार्थी नहीं बदल सकेंगे कोर्स और कॉलेज

रश्मि शर्मा, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Thu, 30 Sep 2021 06:05 AM IST

सार

पांचवीं कटऑफ के बाद एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। स्पेशल कटऑफ व अभियान में प्रावधान किया गया है कि इनमें विद्यार्थियों को किसी भी तरह की आवाजाही (कोर्स व कॉलेज बदलने) की अनुमति नहीं होगी।
दिल्ली विवि में दाखिले के लिए जुटी विद्यार्थियों की भीड़
दिल्ली विवि में दाखिले के लिए जुटी विद्यार्थियों की भीड़ - फोटो : PTI
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विस्तार

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के शैक्षणिक सत्र 2021-22 में स्नातक कोर्सेज में किसी भी कटऑफ में दाखिला लेने वाले विद्यार्थी स्पेशल कटऑफ और विशेष अभियान के दौरान कोर्स व कॉलेज नहीं बदल सकेंगे।
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इनमें केवल वहीं विद्यार्थी दाखिले के योग्य माने जाएंगे, जिन्हें पूर्व की किसी कटऑफ मेें दाखिला नहीं मिला है। दाखिले में स्थिरता लाने के लिए यह व्यवस्था की गई है। विशेष अभियान मेें आवेदन करने वालों की संख्या सीटों से अधिक होने पर कॉलेज एक मेरिट सूची निकालकर दाखिला देंगे।


डीयू में दाखिले के लिए इस बार कुल पांच कटऑफ निकाली जानी हैं। तीन कटऑफ के बाद एक स्पेशल कटऑफ आएगी। पांचवीं कटऑफ के बाद एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। स्पेशल कटऑफ व अभियान में प्रावधान किया गया है कि इनमें विद्यार्थियों को किसी भी तरह की आवाजाही (कोर्स व कॉलेज बदलने) की अनुमति नहीं होगी।

जिन विद्यार्थियों ने पहले की तीन कटऑफ में से किसी में भी प्रवेश प्राप्त कर लिया होगा, उन्हें स्पेशल कट-ऑफ में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जो विद्यार्थी दाखिला लेने से वंचित रहेंगे, उन्हें ही इसमें मौका दिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक छात्र दाखिले के योग्य बन सकें। हर साल हरेक कटऑफ में विद्यार्थी कॉलेज और कोर्स बदलते हैं।

 इससे दाखिलों में स्थिरता नहीं आ पाती। ऐसे में दाखिला प्रक्रिया भी लंबी खिंच जाती है। वहीं किसी कॉलेज में विशेष अभियान के दौरान आवेदकों की संख्या उपलब्ध सीटों से अधिक है तो कॉलेज कोर्स के अनुसार मेरिट सूची बनाएंगे। इस मेरिट में कॉलेज केवल योग्यता और सीटों की उपलब्धता के आधार पर उम्मीदवारी को मंजूरी देंगे।

भारत बंद में परीक्षा से चूके छात्रों को मिल सकती है राहत
किसानों के भारत बंद के कारण दिल्ली विश्वविद्यालय के एंट्रेंस टेस्ट को देने से चूके छात्रों को राहत मिल सकती है। दरअसल डीयू प्रशासन ने प्रवेश परीक्षा से चूके छात्रों की समस्या से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को अवगत कराया है। अब राहत देने का फैसला एनटीए को करना है।

एनटीए ही देखेगा कि छात्रों को राहत दी जा सकती है या नहीं। बीते सोमवार को भारत बंद से मेट्रो रेल सेवा प्रभावित होने व जाम के कारण दिल्ली बॉर्डर के आसपास बनाए गए सेंटरों तक छात्र पहुंच नहीं पाए थे, कुछ छात्र लेट भी पहुंचे थे।

डीयू डीन स्टूडेंट वेलफेयर व दाखिला समिति चेयरमैन प्रो राजीव गुप्ता ने कहा कि एनटीए को छात्रों की समस्या से अवगत करा दिया गया है। चूंकि परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी एनटीए है, वही राहत के विषय में फैसला लेगी। डीयू प्रशासन का प्रयास है कि किसी छात्र का नुकसान न हो। एनटीए ही देखेगा कि कितने छात्र बंद से प्रभावित हुए हैं। उसी आधार पर एजेंसी फैसला लेगी।

रविवार 26 सितंबर से डीयू के स्नातक स्तर के 12 प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों और सभी स्नातकोत्तर और पीएचडी कोर्सेज में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षाएं शुरू हुई हैं जो एक अक्तूबर तक चलेंगी।
देशभर में 24 शहरों में इसका आयोजन किया जा रहा है। 27 सितंबर को भी स्नातक, स्नातकोत्तर व पीएचडी स्तर के कई कोर्सेज की परीक्षा थी।

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