Hindi News ›   Education ›   EWS quota in private schools, Govt Proposal for students to get free education is ready

निजी स्कूलों में भी EWS कोटा लागू करने की तैयारी, छात्रों को मिलेगी मुफ्त शिक्षा

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Thu, 08 Aug 2019 04:18 PM IST

सार

  • मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने दी जानकारी
  • सरकार तैयार कर चुकी है प्रस्ताव
EWS quota in private schools, Govt Proposal for students to get free education is ready
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

देश में कॉलेजों की तरह ही निजी स्कूलों में भी आर्थिक कमजोर वर्ग (EWS) आरक्षण लागू करने की तैयारी है। अगर ऐसा होता है तो इस वर्ग से आने वाले छात्रों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा ग्रहण करने का लाभ मिलेगा। यह जानकारी खुद केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने दी है।



राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में रमेश पोखरियाल निशंक ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। हालांकि यह प्रस्ताव अभी पाइपलाइन में है। इसे मंजूरी मिलनी बाकी है।


बता दें कि सरकार द्वारा आर्थिक कमजोर वर्ग से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह ईडब्ल्यूएस कोटा लाया गया है। इसके तहत संस्थानों में 10 फीसदी सीटें आर्थिक कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित होती है।

EWS कोटा के तहत एक साल में बढ़ीं कितनी सीटें, अगले साल कितनी बढ़ेंगी

राज्यसभा में ही एक अन्य सवाल के जवाब में रमेश पोखरियाल निशंक ने बताया कि इस कोटा के तहत अब तक कुल 1,18,983 सीटें बढ़ाई गई हैं। ये सीटें केंद्रीय विश्वविद्यालयों, इग्नू, आईआईएम, आईआईटी, एनआईटी समेत अन्य संस्थानों में शैक्षणिक सत्र 2019-20 में बढ़ाई गई हैं। वहीं, शैक्षणिक सत्र 2020-21 में 95,783 सीटें और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

ये भी पढ़ें : दो विदेशियों समेत कितने लोगों को मिल चुका है भारत रत्न, देखें 65 वर्षों की पूरी सूची

हालांकि ईडब्ल्यूएस कोटा लागू करने से देश भर के संस्थानों में एक समस्या आ रही है। वह है ढांचागत सुविधाएं, शिक्षकों की संख्या। क्योंकि कॉलेजों,संस्थानों में इंफ्रास्ट्रक्चर का फंड पहले जितना ही है, शिक्षकों की संख्या भी उतनी ही है, लेकिन अभ्यर्थियों की संख्या अचानक बढ़ गई है। 

इसका एक उदाहरण जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से भी सामने आया। यहां हॉस्टल की एक डॉर्मेटरी में दस-दस छात्र रहने को मजबूर हैं। छात्रों की संख्या अचानक बढ़ने से अन्य सुविधाओं की भी कमी हो गई है।

ये भी पढ़ें : बदल गए हैं GK के कई सवालों के जवाब, ये नहीं पढ़ा तो परीक्षा में कट सकते हैं अंक
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00