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सिर्फ पढ़ाई ही नहीं पर्यटन के लिए भी मशहूर है कोटा, ये जगहें करेंगी आकर्षित

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Mohit Mudgal Updated Thu, 23 Jan 2020 08:30 PM IST
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कोटा का नाम लेते ही आपके मन में सबसे पहले आईआईटी और मेडिकल की तैयारी कर रहे छात्रों की छवि आती होगी। लेकिन यह शहर कई और चीजों के लिए भी जाना जाता है। आज हम आपको बताएंगे ऐसी ही जगहों के बारे में जिनके लिए कोटा जाना जाता है।
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कोटा शहर राजस्थान के दक्षिण-पूर्व में स्थित है। यह राज्य की राजधानी जयपुर से करीब 240 किमी की दूरी पर है। कोटा शहर चंबल नदी के तट पर बसा हुआ है। यह राजस्थान का तीसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला क्षेत्र है।

चंबल गार्डन

  • चंबल गार्डन, अमर निवास में चंबल नदी के तट पर स्थित है। पूरे कोटा शहर में यह पार्क एक पिकनिक स्पॉट के रूप में प्रसिद्ध है। गार्डन के बीच एक तालाब बनाया गया है, जिसमें कुछ मगरमच्छ भी पाले गए हैं। तालाब के ऊपर एक झूला भी बनाया गया है।
  • ऐसा कहा जाता है कि एक समय था कि जब यहां नदी में काफी मगरमच्छ थे। लेकिन 20वीं सदी के मध्य में शिकार तेजी से किए जाने की वजह से इनकी संख्या काफी कम हो गई। अभी थोड़े ही मगरमच्छ बचे हैं, जो इस तालाब में रहते हैं।

सिटी फोर्ट पैलेस

चंबल नदी के पूर्वी तट पर 17वीं शताब्दी में यह किला बनाया गया था। यह कोटा का मुख्य आकर्षण का केंद्र था। यह किला राजस्थान के सबसे विशाल किलों में से एक है। 17वीं शताब्दी में बना हाथी स्तंभ भी किले में मौजूद है। किले का प्रवेश द्वार भी आकर्षण का केंद्र है। किले के बुर्ज, बालकनी, गुंबद, परकोटे बेहद ही आकर्षक हैं।

राव माधो सिंह संग्राहलय

यह संग्रहालय पुराने महल में स्थित है। इसे राजस्थान के सबसे बेहतरीन संग्रहालयों में माना जाता है। कोटा राज्य के प्रथम शासक राव माधो सिंह के नाम पर इस संग्रहालय का नाम रखा गया है। इस संग्राहलय में कोया की खूबसूरत पेंटिंग, मूर्तियां, तस्वीरें, हथियार और शाही वंश से संबंधित अनेक चीजें भी देखी जा सकती हैं।

जगमंदिर महल

ये महल कोटा की एक रानी द्वारा 1740 ई. में बनवाया गया था। यह महल किशोर सागर झील के बीच में बना है। झील के साफ (पारदर्शी) पानी में महल का प्रतिबिंब बेहद सुंदर लगता है। बता दें कि किशोर सागर झील बूंदी के राजकुमार धी देह ने 1346 ई. में बनवाई थी। यह झील पर्यटकों के लिए हमेशा आकर्षण का केंद्र बनी रहती है।

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