NEET PG Counselling: नीट पीजी काउंसलिंग में देरी को लेकर जारी रहेगी रेजिडेंट डाॅक्टरों की हड़ताल, फोर्डा की बैठक में हुआ फैसला

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Mon, 06 Dec 2021 09:54 PM IST

सार

Delay in NEET PG 2021 Counseling Doctors Strike Continues: फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA) द्वारा 27 नवंबर से अस्पतालों में आउट पेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) सेवाओं का बहिष्कार करने के लिए राष्ट्रव्यापी आह्वान किया गया था। ये हड़ताल लगातार जारी है और देशभर के अस्पतालों में इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है।
नीट पीजी काउंसलिंग में देरी को लेकर डॉक्टरों की हड़ताल
नीट पीजी काउंसलिंग में देरी को लेकर डॉक्टरों की हड़ताल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

NEET PG Counselling में देरी को लेकर 27 नवंबर, 2021 से शुरू हुआ रेजिडेंट डॉक्टरों का विरोध-प्रदर्शन और हड़ताल लगातार जारी है। सोमवार देर शाम को फोर्डा की अहम बैठक में मामले का समाधान नहीं होने तक ओपीडी सेवाओं का बहिष्कार जारी रखने पर सहमति बनी है।
विज्ञापन

इससे पहले नीट पीजी 2021 काउंसलिंग में देरी के मसले और रेजिडेंट डॉक्टरों की देशव्यापी हड़ताल को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया से फोर्डा के अध्यक्ष और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने दूसरी बार भी मुलाकात की, लेकिन कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकला। 

 

ओपीडी सेवाओं के कार्य बहिष्कार जारी रहेगा

इसके बाद शाम साढ़े छह बजे फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA) और देशभर की रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (RDA) के साथ ऑनलाइन बैठक में हड़ताल और ओपीडी सेवाओं के कार्य बहिष्कार जारी रखने पर सहमति बनी है। रेजिडेंट डॉक्टरों ने कहा कि वे अभी भी सरकार के आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कई उम्मीदवारों ने एक साल पहले ही गंवा दिया है।
 

देश में 40,000 डॉक्टरों की कमी, कोरोना की तीसरी लहर से निपटना मुश्किल

उन्होंने दावा किया कि देश में 40,000 डॉक्टरों की कमी है। उन्होंने आगे कहा कि डॉक्टरों की कमी के कारण COVID-19 की तीसरी लहर से निपटना मुश्किल है। इसलिए, वे आउट पेशेंट विभाग (ओपीडी) और सभी वैकल्पिक सेवाओं का बहिष्कार कर प्रदर्शन कर रहे हैं, ताकि सरकारें समय पर फैसला लें। 
 

जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल को देश भर से मिल रहा समर्थन

फोर्डा के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे जूनियर और रेजिडेंट डाॅक्टरों की हड़ताल को देश भर से समर्थन मिल रहा है। नीट पीजी काउंसलिंग में हो रही देरी के विरोध में भाग लेते देशभर में मेडिकल कॉलेजों के रेजिडेंट डॉक्टरों ने सभी गैर-आपातकालीन सेवाओं का कार्य बहिष्कार किया। इधर, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, चंडीगढ़, झारंखड समेत कई राज्यों से पूरा समर्थन मिल रहा है। सभी स्थानों पर हड़ताल का व्यापक असर देखने काे मिल रहा है। 
 

ईडब्ल्यूएस आरक्षण की सीमा पर होना है पुनर्विचार

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में नीट पीजी प्रवेश परीक्षा में ईडब्ल्यूएस आरक्षण कोटा के तहत आय सीमा को लेकर सुनवाई लंबित है। इस कारण, केंद्र सरकार ने नीट पीजी काउंसलिंग को स्थगित कर दिया है। सरकार ने कहा था कि उसका पैनल चार सप्ताह में EWS श्रेणी के लिए आठ लाख रुपये की वार्षिक आय सीमा के मानदंड की समीक्षा करेगा। सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 06 जनवरी, 2022 के लिए निर्धारित है और तब तक नीट पीजी की काउसंलिंग शुरू होने के आसार बेहद कम है। 
 

जेएनएमसीएच एएमयू ने भी दिया डॉक्टरों की हड़ताल को समर्थन

जेएनएमसीएच एएमयू ने नीट पीजी 2021 काउंसलिंग में देरी का विरोध कर रहे रेजिडेंट डॉक्टरों को पूरा समर्थन दिया है। जेएनएमसीएच ने मांगें पूरी होने तक 06/12/21 की शाम 07 बजे से आपातकालीन सेवाओं को वापस लेने का फैसला किया है।


विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00