Hindi Diwas 2021: क्या है 68 वर्ष पुराना इतिहास, 14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है यह दिन? जानिए

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: वर्तिका तोलानी Updated Tue, 14 Sep 2021 03:56 AM IST

सार

Hindi Diwas 2021: देश में हिंदी भाषा के महत्व को चिह्नित करने के लिए हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। हिंदी की बढ़ती लोकप्रियता एक प्रमुख कारण था कि हिंदी दुनिया में चौथी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा बन गई। आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में लगभग 70 से 80 करोड़ लोग हिंदी बोलते हैं और 77 प्रतिशत भारतीय हिंदी लिखते-पढ़ते, बोलते और समझते हैं।
हिंदी दिवस 2021
हिंदी दिवस 2021 - फोटो : iStock
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विस्तार

हिंदी दिवस हर साल 14 सितंबर को मनाया जाता है। अंग्रेजी, स्पेनिश और मंदारिन के बाद हिंदी दुनिया की चौथी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। हिंदी भारत की सबसे व्यापक रूप से बोली जाने वाली भाषाओं में से एक है, उत्तर भारत के अधिकांश लोग इस भाषा को अपनी मातृभाषा के रूप में मानते हैं। हर साल हिंदी दिवस पर भारत के राष्ट्रपति दिल्ली में एक समारोह में लोगों को भाषा के प्रति उनके योगदान के लिए राजभाषा पुरस्कार प्रदान करते हैं।

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बता दें कि हिंदी एक इंडो-आर्यन भाषा है, जिसे देवनागरी लिपि में भारत की आधिकारिक भाषाओं में से एक के रूप में लिखा गया है। केंद्र सरकार की दो आधिकारिक भाषाओं में से एक हिंदी है और दूसरी अंग्रेजी। यह भारत गणराज्य की 22 अनुसूचित भाषाओं में से एक है। हिंदी दिवस आधिकारिक भाषा को बढ़ावा देने और प्रचारित करने के लिए समर्पित है। 

हिंदी दिवस: इतिहास

बोहर राजेंद्र सिंह ने हजारी प्रसाद द्विवेदी, काका कालेलकर, मैथिली शरण गुप्त और सेठ गोविंद दास के साथ मिलकर हिंदी भाषा को देश की आधिकारिक भाषाओं में से एक के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया। इसके बाद सन 1949 में बोहर राजेंद्र सिंह के जन्मदिन 14 सितंबर पर भारत की संविधान सभा ने हिंदी को नवगठित राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के रूप में अपना लिया। हालांकि, तब केवल निर्णय को स्वीकारा गया था, क्योंकि भारतीय संविधान का एक हिस्सा तो 26 जनवरी 1950 को बना। इसके तीन साल बाद यानी 1953 में राजेंद्र सिंह के जन्मदिन के अवसर पर ही पहला हिंदी दिवस मनाया गया। तब से लेकर अब तक तकरीबन 68 साल से 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जा रहा है।

हिंदी दिवस: उत्सव

भारत में स्कूल और कॉलेज इस दिन हिंदी में साहित्यिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित करते हैं, जिनमें सभी छात्र हिस्सा लेते हैं। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाने का फैसला किया था। अधिकांश शैक्षणिक संस्थान कविता, निबंध और पाठ प्रतियोगिताओं का आयोजन करते हैं और छात्रों को हिस्सा लेने, भाषा का जश्न मनाने और उस पर गर्व करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। यादगार दिन को मनाने के लिए आप कई साहित्यिक गतिविधियों के साथ-साथ समारोह भी देख सकते हैं।

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