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छात्र को कसाब कहने का मामला: कर्नाटक के शिक्षा मंत्री ने कहा, हम सभी इन शब्दों का करते हैं इस्तेमाल

एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली Published by: सौरभ पांडेय Updated Wed, 30 Nov 2022 03:39 PM IST
सार

कर्नाटक के बेंगलुरु में मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के एक प्रोफेसर ने कक्षा के दौरान एक मुस्लिम छात्र को 'आतंकी' कह दिया था। इस मामले पर अब कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश का बयान आया है। 

बीसी नागेश, प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री
बीसी नागेश, प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री - फोटो : twitter@ANI
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विस्तार

MIT Prof Terrorist Remark: मणिपाल विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर द्वारा एक छात्र को "कसाब" कहने के मामले पर कर्नाटक के शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने कहा कि यह कोई मुद्दा नहीं है। लगभग हर रोज रावण, शकुनि जैसे शब्दों का इस्तेमाल होता है। यहां तक कि विधानसभा में भी कई बार इस तरह की बातें हो चुकी हैं। लेकिन जब आप कसाब के बारे में बोलते हैं तो यह एक मुद्दा बन जाता है। शिक्षक को ऐसा नहीं कहना चाहिए था।  लेकिन इसे मुद्दा सिर्फ राजनीति और वोट बैंक के लिए बनाया जा रहा है। 

यह था पूरा मामला

कर्नाटक के बेंगलुरु में मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के एक प्रोफेसर ने कक्षा के दौरान एक मुस्लिम छात्र को 'आतंकी' कह दिया था, जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें छात्र को आतंकी कहकर संबोधित करने के बाद उस छात्र और प्रोफेसर में 45 सेकंड तक तीखी बहस होती दिखाई दे रही है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद मणिपाल यूनिवर्सिटी सवालों के घेरे में आ गई थी। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की और मामले को लेकर अपना पक्ष रखते हुए सफाई दी है। 

वायरल वीडियो में, जब प्रोफेसर ने क्लास के दौरान छात्र को 'कसाब' (26/11 के मुंबई हमले में शामिल आतंकी का नाम) कहा तो छात्र उससे भिड़ता हुआ दिखाई दे रहा है। वीडियो में छात्र को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि मुस्लिम होने के नाते और हर रोज इसका सामना करना अजीब नहीं है। जब शिक्षक ने जवाब दिया कि छात्र उनके बेटे की तरह है, तो उन्होंने कहा कि नहीं, अगर एक पिता ऐसा कहता है, तो यह उस पर है। यह मजाकिया नहीं है। क्या आप अपने बेटे से इस तरह बात करेंगे? क्या आप उसे आतंकी कहेंगे? आप इतने लोगों के सामने मुझे ऐसा कैसे कह सकते हैं? यह एक समाज है, आप प्रोफेशनल हैं, और आप पढ़ा रहे हैं। आप ऐसा कैसे कर सकते हैं? आप मुझसे ऐसा कैसे कह सकते हैं? 
 

वायरल वीडियो में, ज्यादातर सिर्फ छात्र को जवाब देते सुना जा सकता है। सहायक प्रोफेसर सफाई देते नजर आ रहे हैं कि उन्होंने यह बात मजाकिया अंदाज में कही थी। इस पर छात्र ने जवाब दिया कि 26/11 मजाक नहीं है। इस देश में एक मुसलमान होने के नाते और यह सब हर रोज सामना करना मजेदार नहीं है, सर। आप मेरे धर्म के बारे में मजाक नहीं कर सकते, वह भी अपमानजनक तरीके से।हालांकि, वीडियो में प्रोफेसर को छात्र से माफी मांगते हुए भी देखा जा सकता है। वीडियो वायरल होने के बाद एमआईटी की ओर से प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया और आंतरिक जांच के आदेश दिए। छात्र और के बीच बातचीत कैसे शुरू हुई, इस बारे में अभी कोई प्रारंभिक जानकारी नहीं मिल पाई है। वहीं, बाद में छात्र ने बताया कि उसने और सहायक प्रोफेसर ने अपने मतभेद सुलझा लिए हैं। उन्होंने यह बात मजाक में कही थी, लेकिन मुझे गलत लगी तो मैंने विरोध दर्ज कराया था।  उधर, विश्वविद्यालय के जनसंपर्क निदेशक एसपी कार ने बताया कि घटना पिछले सप्ताह हुई थी। 
 
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