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सिर्फ कोचिंग ही नहीं, ये शिक्षण संस्थान भी हैं कोटा की पहचान

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Mohit Mudgal Updated Thu, 23 Jan 2020 08:14 PM IST
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कोटा, राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक शहरों में से एक है। ये शहर चंबल नदी के तट पर बसा है। कोटा अनेक किलों, महलों, संग्राहलयों, मंदिरों और बगीचों के लिए लोकप्रिय है। लेकिन सबसे ज्यादा प्रसिद्ध अपने शिक्षण संस्थानों के लिए है। कोटा को भारत का कोचिंग कैपिटल भी कहां जाता है। छात्र देशभर से यहां आईआईटी और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करने आते हैं।  आज हम आपको बताएंगे कोटा के प्रमुख सरकारी शिक्षण संस्थानों के बारे में...  
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राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा

  • राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय की स्थापना साल 2006 में हुई थी। राजस्थान सरकार द्वारा राज्य में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इस विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी।
  • विश्वविद्यालय की स्थापना यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, कोटा (जिसे पहले इंजीनियरिंग कॉलेज, कोटा के रूप में जाना जाता था) के परिसर में की गई थी। विश्वविद्यालय कोटा रेलवे स्टेशन से लगभग 14 किलोमीटर और कोटा बस स्टैंड से 10 किलोमीटर की दूरी पर रावतभाटा रोड पर स्थित है।
  • विश्वविद्यालय वर्तमान में लगभग 68 इंजीनियरिंग कॉलेजों, 3 बी.आर्क, 16 एमसीए कॉलेजों, 39 एमबीए कॉलेजों, 31 एमटेक कॉलेजों, 1 एम.आर्च और 1 होटल प्रबंधन एवं खानपान संस्थान से संबद्ध है। विश्वविद्यालय से संबद्ध विभिन्न संस्थानों में 1.5 लाख से अधिक छात्र अध्ययन करते हैं।

गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, कोटा

  • गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, कोटा की स्थापना साल 1992 में की गई थी। कॉलेज का छात्र संघ राजस्थान में प्रकाशित होने वाला एक मात्र मेडिकल समाचार पत्र 'उद्यान' प्रकाशित करता है। बता दें कि गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, कोटा का अधिकतर भाग पेड़-पौधों से घिरा है।    
  • कॉलेज की शुरुआत साल 1992 में ईएसआई अस्पताल के एक हिस्से में की गई थी। साल 1997 में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज राजस्थान के सबसे बड़े कैंपस में शिफ्ट हो गया। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, एमबीएस अस्पताल और जेके लोन अस्पताल के साथ भी संबद्ध है। शुरुआत में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में केवल 50 सीटें थी। जिसके बाद साल 2019 में ये बढ़कर 250 सीटें हो गई हैं। कॉलेज एमबीबीएस के अलावा एमडी/एमएस और सुपरस्पेशलिटी कार्यक्रम भी ऑफर करता है।

वर्धमान महावीर मुक्त विश्वविद्यालय

  • वर्धमान महावीर मुक्त विश्वविद्यालय के पहले कोटा मुक्त विश्वविद्यालय के नाम से भी जाना जाता था। इस विश्वविद्यालय का नाम 21 सितंबर 2002 को बदला गया। वर्धमान महावीर विश्वविद्यालय की स्थापना साल 1987 में राज्य में मुक्त शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए की गई थी। मुक्त विश्वविद्यालय का मुख्यालय कोटा में है। लेकिन इसका परिचालन क्षेत्र पूरे राजस्थान में हैं।
  • वर्धमान महावीर मुक्त विश्वविद्यालय का उद्देश्य समाज के बड़े वर्ग को शिक्षा के अवसर प्रदान करना है। खासकर वो वर्ग जो लंबे समय से शिक्षा से दूर रहा है, ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोग और महिलाएं। वर्धमान महावीर मुक्त विश्वविद्यालय दूसरे विश्वविद्यालयों और संस्थानों खासतौर पर इग्नू से भी जुड़ने का भी प्रयास करता है, ताकि मुक्त शिक्षा के क्षेत्र में नई व्यवस्था स्थापित की जा सके।

कोटा विश्वविद्यालय

  • कोटा विश्वविद्यालय को यूनिवर्सिटी ऑफ कोटा अधिनियम 2003 के तहत स्थापित किया गया है। कोटा विश्वविद्यालय विभिन्न कोर्सेज में स्नातक और परास्नातक की डिग्रियां प्रदान करता है। कोटा यूनिवर्सिटी द्वारा छह जिलों (कोटा, झालावाड़, बूंदी, बारां, करौली, सवाई माधोपुर) के 175 कॉलेज संबद्ध हैं।
  • विश्वविद्यालय में छह विभाग हैं- आर्ट्स, साइंस, सोशल साइंस, कॉमर्स एंड मैनेजमेंट, लॉ और एजुकेशन। यह एकमात्र विश्वविद्यालय है जो राज्य में वन्यजीव विज्ञान में परास्नातक कोर्स कराता है।

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