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UPTET: सरकारी प्रिंटिंग प्रेस होने के बावजूद क्यों निजी कंपनी को दी जाती है जिम्मेदारी? जानिए यहां

एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: वर्तिका तोलानी Updated Wed, 01 Dec 2021 03:51 PM IST

सार

UPTET 2021 क्यों सरकारी प्रिंटिंग प्रेस होने के बावजूद भी यूपीटीईटी और अन्य बड़ी भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र की छपाई निजी प्रिंटिंग प्रेस को दी जाती है? है कि सरकारी प्रिंटिंग प्रेस होने के बावजूद निजी लोगों को पेपर छापने जैसे अति गोपनीय और महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी आखिर क्यों दी जाती है?
यूपीटीईटी
यूपीटीईटी - फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार

रविवार को होने वाली यूपीटीईटी की परीक्षा, प्रश्नपत्र लीक होने के बाद रद्द कर दी गई थी। रविवार को परीक्षा के लिए करीब 20 लाख उम्मीदवारों को उपस्थित होना था। वे अब एक महीने के भीतर होने वाली पुनर्निर्धारित परीक्षा में शामिल होंगे। प्राप्त जानकारी के मुताबिक उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के प्रश्न पत्र छापने वाली कंपनी के निदेशक को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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कौन है राय अनूप प्रसाद?

एसटीएफ ने कहा कि आरोपी की पहचान दिल्ली निवासी राय अनूप प्रसाद के रूप में हुई है और उसे सोमवार रात ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया गया था। प्रसाद आरएसएम फिनसर्व लिमिटेड, दिल्ली के बदरपुर के निदेशक हैं। जिसे प्रश्नपत्र छापने का ठेका दिया गया था। 

किन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला?

आरोपी ने प्रश्नपत्रों की छपाई के दौरान गोपनीयता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की, जिसके बाद प्रश्न पत्र लीक हो गया और परीक्षा रद्द करनी पड़ी। बयान में कहा गया है कि प्रसाद और चार अन्य के खिलाफ सूरजपुर पुलिस स्टेशन में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और बाकी आरोपियों को पकड़ने के प्रयास जारी हैं। 

पहले भी प्रिंटिग प्रेस से लीक हो चुका है प्रश्नपत्र?

बता दें कि यह पहली बार नहीं है कि पेपर लीक होने के मामले में प्रिटिंग प्रेस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। बल्कि इससे पहले भी 2018 में आयोजित लोक सेवा आयोग की एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती और अधीनस्थ सेवा आयोग की नलकूप ऑपरेटर भर्ती परीक्षा में भी प्रिंटिंग प्रेस की भूमिका संदिग्ध थी।

क्यों निजी प्रिंटिंग प्रेस को दी जाती है जिम्मेदारी?

ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि क्यों सरकारी प्रिंटिंग प्रेस होने के बावजूद भी यूपीटीईटी और अन्य बड़ी भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्र की छपाई निजी प्रिंटिंग प्रेस को दी जाती है? है कि सरकारी प्रिंटिंग प्रेस होने के बावजूद निजी लोगों को पेपर छापने जैसे अति गोपनीय और महत्वपूर्ण कार्य की जिम्मेदारी आखिर क्यों दी जाती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक बार शासन ने टीईटी और शिक्षक भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र की छपाई की जिम्मेदारी सरकारी प्रिंटिंग प्रेस को देे का निर्णय लिया था। किंतु राजकीय मुद्रणालय के अधिकारिकयों ने मना कर दिया। अधिकारियों का कहना था कि हम सरकारी प्रिंटिंग प्रेस में प्रश्नपत्र छाप देंगे लेकिन कोषागार तक पहुंचाने की जिम्मेदारी परीक्षा योजना करने वाली संस्थान को देना चाहिए। क्योंकि राजकीय मुद्रणालय के पास संसाधनों की कमी है। 

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