डिजिटल सामग्री की निगरानी का फैसला सुनकर सकते में अधिकतर ओटीटी, एमएक्स प्लेयर ने किया स्वागत

अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई Published by: Mishra Mishra Updated Wed, 11 Nov 2020 10:43 PM IST
प्रकाश जावड़ेकर
प्रकाश जावड़ेकर - फोटो : PTI
विज्ञापन
ख़बर सुनें

ऑनलाइन वेबसाइटों और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर लगातार बढ़ रही अव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने देश में चल रहे सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित होने वाली सामग्री को अपनी निगरानी में कर लिया है।  सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स अब सरकार की देखरेख में ही अपने प्लेटफॉर्म पर कोई सामग्री प्रसारित कर पाएंगे। सरकार का यह फैसला कई शिकायतों के बाद आया है और इस फैसले से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के संचालक सकते में आ गए हैं।

विज्ञापन

देश में जब से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने कदम रखा है तब से फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों को अपने अनुसार कहानी कहने की आजादी मिल गई थी। इन निर्माताओं की कई सामग्रियों से कुछ लोगों और समुदायों को दिक्कत भी होती रही और वह इस पर आवाज भी उठाते रहे। लेकिन, कलाकारों के कान पर जूं तक न रेंगी। विवादों के बाद समय-समय पर कई बार ओटीटी पर भी सेंसरशिप शुरू करने की मांग उठी लेकिन फिल्मकार इसके सख्त खिलाफ नजर आए। लेकिन, इस बार सरकार ने किसी की एक न सुनी और ओटीटी पर प्रसारित होने वाली सभी सामग्रियों का जिम्मा खुद उठा लिया।

सरकार के इस फैसले से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के मालिकों में हड़कंप मचा हुआ है। बुधवार सुबह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की तरफ से जारी किए गए फैसले के बाद अमर उजाला ने देश में चल रहे सभी प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म्स डिज्नी प्लस हॉटस्टार, नेटफ्लिक्स, अमेजॉन प्राइम वीडियो, सोनी लिव, ऑल्ट बालाजी, जी5 से संपर्क करके उनकी प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की। लेकिन, सरकार के इस फैसले पर सब की तरफ से 'नो कमेंट' ही आया। सबका कहना सिर्फ यही रहा कि वह अभी कुछ बोलने की स्थिति में नहीं हैं।

ओटीटी प्लेटफॉर्म्स
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

इन सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के कर्ताधर्ताओं के बीच आंतरिक बैठकें चल रही हैं और सरकार के इस फैसले पर अमल किया जाए या नहीं, इस पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, सरकार के इस फैसले पर एमएक्स प्लेयर के सीईओ करण बेदी ने जरूर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा, 'हम अपनी इंडस्ट्री के हित के लिए सरकार के साथ काम करने के लिए एकदम तैयार हैं। एक रचनात्मक सामग्री निर्माता होने के तौर पर हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सरकार का यह फैसला न केवल प्रसारित होने वाली सामग्री की प्रकृति का संज्ञान लेगा, बल्कि यह सुनिश्चित भी करेगा कि रचनात्मकता की रक्षा हो और वह अपने क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ती रहे।'

देश में ओटीटी के आगमन से फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों को पर्दे पर गाली गलौज और उन कामुक दृश्यों को दिखाने की आजादी मिल गई, जिन्हें वह सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली फीचर फिल्मों में नहीं दिखा पाते थे। जोश जोश में कभी-कभी निर्माताओं ने कुछ ऐसी सामग्रियों का भी निर्माण किया जिनसे कुछ समुदाय और उनकी भावनाएं आहत हुईं। ओटीटी पर लगाम होने की बात तो कई बार सामने आ चुकी थी लेकिन उसको लागू करने का फैसला केंद्र सरकार ने अपनी पिछली कैबिनेट की बैठक में ही लिया। 

अब इस फैसले पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी मुहर लगा दी है और अब यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। सरकार का यह फैसला उन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए परेशानी बढ़ाएगा जो सिर्फ गाली गलौज और अश्लील सामग्री परोसने के लिए जाने जाते हैं। इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर नकेल कसने के लिए महाराष्ट्र सरकार भी गंभीर रूप से सोच रही है। महाराष्ट्र साइबर ने ऑल्ट बालाजी समेत सात ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और वेबसाइट पर देश में अश्लीलता फैलाने का मुकदमा भी दायर किया है। जल्द ही उन पर कार्यवाही हो सकती है!

सलीम-जावेद की इस बात से चिढ़ गए थे अमजद खान, 'शोले' के बाद कभी साथ नहीं किया काम

 

विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00