Hum Do Hamare Do Review: राजकुमार और कृति की पैकेज डील, मैडॉक ने फिर दिया दर्शकों को गच्चा

Pankaj Shukla पंकज शुक्ल
Updated Fri, 29 Oct 2021 10:31 AM IST
हम दो हमारे दो रिव्यू
हम दो हमारे दो रिव्यू - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
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Movie Review
हम दो हमारे दो
कलाकार
राजकुमार राव , परेश रावल , कृति सेनन , रत्ना पाठक और अपारशक्ति खुराना
लेखक
दीपक वेंकटेशन और प्रशांत झा
निर्देशक
अभिषेक जैन
निर्माता
दिनेश विजन
ओटीटी
डिज्नी प्लस हॉटस्टार
रेटिंग
2/5
निर्माता दिनेश विजन हिंदी सिनेमा में प्रयोगधर्मी सिनेमा के लंबे समय से अमलबरदार रहे हैं। उनकी फिल्म कंपनी मैडॉक फिल्म्स का इसीलिए नाम भी हिंदी फिल्म जगत में काफी सम्मान से लिया जाता है। नए निर्देशकों को मौका देने में वह अग्रणी रहे हैं। राजकुमार राव उनके नियमित सितारे हैं और कृति सैनन का तो बायोडाटा ही मैडॉक फिल्म्स से शुरू होता है। दोनों ‘बरेली की बर्फी’ में साथ दिख चुके हैं। लेकिन, सिनेमा सिर्फ सितारे ही नहीं चलाते। इसके लिए पहली जरूरत है एक अच्छी और मनोरंजन से भरपूर कहानी की। ऐसी अदाकारी की जो स्वाभाविक लगे। और, सबसे जरूरी बात निर्देशन ऐसा हो जो उस कहानी को दर्शकों से जोड़ सके। वर्चुअल रियलिटी (वीआर) का ऐप बनाने वाले और ब्लॉगिंग को अपना करियर बनाने की हिम्मत रखने वाली युवा पीढ़ी की नुमाइंदगी करती ये फिल्म अपनी कहानी के झोल से मार खा गई है।
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हम दो हमारे दो
हम दो हमारे दो - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म ‘हम दो हमारे दो’ की कहानी ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्मों जैसी है और इसका निर्देशन डेविड धवन की फिल्मों के जैसा। इसके निर्देशक अभिषेक जैन इसी उलझन में आखिर तक फंसे रहे कि आखिर उनको किस निर्देशक की कॉपी बनना है क्योंकि फिल्म में ओरीजनल जैसा कुछ है नहीं। शादी के लिए नकली माता पिता लाने का किस्सा घिस चुका है। कॉमिक बुक हीरो ध्रुव के नाम पर अपना नाम रखने वाला कहानी का नायक भी हर फ्रेम में इतना मेकअप किए रहता है कि लगता ही नहीं वह हमारे आसपास ही कहीं रहता है।
 

हम दो हमारे दो
हम दो हमारे दो - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
कहानी में नायक नायिका में प्रेम होने से पहले की गलतफहमियां हैं। प्रेम का थोड़ा सा लीक से इतर इजहार है। इकरार है। लेकिन, इसरार इस बात का है कि नायिका को शादी ऐसे घर में करनी है जिसमें फैमिली हो और एक प्यारा सा कुत्ता भी हो। लेकिन नायक आसान काम यानी कि कुत्ता ढूंढने से पहले मुश्किल का यानी कि माता पिता ढूंढने का शुरू करता है। और बाकी की फिल्म चुटकुलों और जबर्दस्ती हास्य पैदा करने की कोशिशों में खर्च हो जाती है।
 

हम दो हमारे दो
हम दो हमारे दो - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
निर्माता दिनेश विजन की इस साल की ये आखिरी फिल्म है। ‘रुही’ सिनेमाघरों में रिलीज हुई। एक शानदार फिल्म ‘मिमी’ उन्होंने नेटफ्लिक्स को दी। डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर को वह इससे पहले ‘शिद्दत’ दे चुके हैं और ‘हम दो हमारे दो’ यूं लगता है कि जैसे इस ओटीटी को पैकेज डील में मिल गई है। ‘फिल्म हम दो हमारे दो’ में ऐसा कुछ नहीं है कि दर्शक इसमें शुरू से आखिर तक दिलचस्पी बनाए रखें। परेश रावल का अभिनय अब एक ऐसे ढर्रे पर आ चुका है कि दर्शक उनके अभिनय शुरू करने से पहले ही जान जाता है कि उनके हाव भाव क्या होने वाले हैं। रत्ना पाठक से काफी उम्मीदें फिल्म में रहीं लेकिन उन्होंने भी निराश किया। इस मामले में मनु ऋषि चड्ढा का अभिनय तालियां बजाने लायक जरूर रहा।
 

कृति सेनन
कृति सेनन - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
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