Web Series Review: शुद्धतावादियों का असली चेहरा दिखाती वेब सीरीज 'लैला'

मुंबई डेस्क, अमर उजाला Published by: शिप्रा सक्सेना Updated Thu, 20 Jun 2019 08:05 AM IST

सार

  • डिजिटल रिव्यू: लैला (वेबसीरीज)
  • कलाकार: हुमा कुरैशी, राहुल खन्ना, सिद्धार्थ, आरिफ जकारिया, लायशा मांगे आदि
  • निर्देशक: दीपा मेहता
  • ओटीटी: नेटफ्लिक्स
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विस्तार

देश में अगर तथाकथित शुद्धतावादियों का राज हो जाए तो क्या होगा, नेटफ्लिक्स की नई सीरीज 'लैला' इसी की कहानी कहती है। सीरीज देखते हुए आपको 'द हैडमेड्स टेल' या जॉर्ज ऑरवेल के उपन्यास 1984 की याद भी आ सकती है। लेकिन, यह सीरीज इनसे इस मायने में अलग है क्योंकि ये भविष्य के भारत की कहानी कहती है। 
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'सेक्रेड गेम्स' के दूसरे सीजन से पहले नेटफ्लिक्स ने भारतीय दर्शकों का मूड सेट करने की कोशिश की है ताकि अगर वह घूल और दूसरी ऐसी सीरीज को देखने की मन:स्थिति से बाहर आ गए हैं तो फिर से उसी लोक में पहुंच जाएं जहां सब कुछ काला या सफेद है। धूसर किरदारों की कमी कहानियों में भी हो रही है और वेब सीरीज में भी। प्रयाग अकबर के लिए उपन्यास को दीपा मेहता ने उन हिंदुस्तानियों की सोच के हिसाब से बनाने की कोशिश की है, जो कट्टर हिंदुत्वादी नहीं हैं।


छह एपीसोड की ये वेब सीरीज आपको इसे आखिर तक एक बार में ही देखने के लिए भी बाध्य करती दिखती है लेकिन कहीं कहीं ये इसमें कामयाब होती है और कहीं नहीं। ये भविष्य का आर्यावर्त है। यहां रक्त की शुद्धता सबसे प्रबल स्वरूप में उपस्थित है। जो इसे नहीं मानता उसे समाज से अलग कर दिया जाता है। कहानी है शालिनी और रिजवान की जिनका जीवन अपनी बेटी लैला के साथ खुशहाल चल रहा है। लेकिन, खुशियों के पल कभी स्थायी नहीं होते। परिवार शुद्धतावादियों के निशाने पर आता है और शुरू होता है शालिनी का संघर्ष अपनी बेटी लैला के लिए। 

उर्मी जुवेकर ने प्रयाग अकबर के इसी नाम के उपन्यास को वेब सीरीज में तब्दील करने के लिए और सुर्खियां बटोरने के लिए अपनी तरफ से भी काफी कुछ जोड़ा है। अदाकारी के मामले में हुमा कुरैशी की अदाकारी का ये मील का पत्थर है। शालिनी के किरदार में वह खुद को खो देती हैं। सिद्धार्थ ने भी अच्छा काम किया है। राहुल खन्ना का किरदार उतना लंबा नहीं है, पर वह अपना प्रभाव छोड़ते हैं। हां, आरिफ जकारिया का अभिनय नाटकीय हो गया है। वेब सीरीज तमाम सवाल खड़े करते ही और भगवा लहर के दौर में अगर सवाल आपके मन में भी आते हैं, ये सीरीज आप तभी देखें।

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