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देवरिया: शादी में नकली जेवर लाने पर लड़की पक्ष हुआ नाराज, दूल्हा सहित पूरे बरातियों को बनाया बंधक

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां लार क्षेत्र में बड़े अरमान से पिता ने बेटी की बरात दरवाजे पर बुलाई। बिगड़ैल दूल्हा जयमाल में पड़े माला को नोच कर जमीन पर फेंक कर जूतों से मसल दिया। कन्या निरीक्षण के दौरान जो सात थान गहने दुल्हन को चढ़े थे, शंका होने पर सोनार बुलाकर चेक कराया गया तो सब के सब नकली निकले। कन्या पक्ष के लोगों ने दूल्हा को बंधक बना लिया। शादी के अरमान समय से पहले ही टूट गए। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों के चंगुल से दूल्हे को छुड़ाया। दूल्हा, उसका पिता व बाबा को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

ये है पूरा मामला
लार थाना क्षेत्र के खरवनिया गांव निवासी तेजबहादुर राजभर ने अपनी बेटी मीनू की शादी बिहार प्रांत के सीवान जिले के मैरवा थाना क्षेत्र के कबीरपुर गांव के रामनक्षत्र राजभर के बेटे धर्मेन्द्र राजभर से तय किया था। शुक्रवार को बारात आई थी।

द्वारपूजा की रश्म के बाद जयमाल कार्यक्रम होने के कुछ देर बाद गुरहथन कार्यक्रम आंगन में चल रहा था। गुरहथन कार्यक्रम के दौरान नकली जेवर देख लड़की के परिजनों ने शादी से किया इंकार करते हुए दुल्हा व उसके पिता समेत कुछ बारातियों को बंधक बना लिया। सुबह तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत होती रही, लेकिन बात नहीं बन सकी।  

किसी ने घटना की सूचना लार पुलिस को दे दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस लड़के के पिता व भाई को हिरासत में लेकर थाने चली गई जबकि दूल्हे को ग़ांव वालों ने अपने कब्जे में ले लिया था। पुलिस दूल्हे को अपने कब्जे में लेना चाहती थी लेकिन गांव वाले दहेज की रकम वापस करने की जिद्द पर अड़े रहे। शनिवार की सुबह प्रभारी निरीक्षक टीजे सिंह के अथक प्रयास के बाद कन्या पक्ष व ग्रामीणों ने बात मानी व दुल्हे को पुलिस के हवाले कर दिया।
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शादी। (सांकेतिक तस्वीर) शादी। (सांकेतिक तस्वीर)

खेती किसानी: अपने घर में एक साल तक रख सकते हैं टमाटर, नहीं होगा बर्बाद, जानिए कैसे

आपने यदि टमाटर की खेती की है और काफी मात्रा में पैदावार हुई है तो इसके बर्बाद होने की चिंता बिल्कुल ना करें। खाद्य प्रसंस्करण विभाग के विशेषज्ञ टमाटर से प्यूरी बनाने का गुर सिखाएंगे। इस प्यूरी को एक साल तक सुरक्षित रख सकते हैं। साथ ही जब चाहे किसी भी सॉस बनाने वाली कंपनी को बेच सकते हैं। इन दिनों गोरखपुर मंडल के चारों जिलों में टमाटर की अच्छी खासी खेती हो रही है। किसान हाइब्रिड टमाटर के अलावा देसी टमाटर की भी काफी मात्रा में खेती करते हैं। पैदावार भी काफी मात्रा में होती है। हालांकि लॉकडाउन की वजह से टमाटर की बिक्री पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ता है लेकिन जितनी मात्रा में पैदावार हुई है। उस लिहाज से किसानों को लागत की तुलना में कम कीमत पर अपने उत्पाद को बेचना पड़ रहा है। ऐसे में प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद खाद्य प्रसंस्करण विभाग की ओर से किसानों के टमाटर को बर्बाद होने से बचाने के लिए पहल शुरू की गई है। इसके तहत किसानों को टमाटर से प्यूरी बनाने की जानकारी दी जा रही है। राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्र के मंडलीय अधिकारी एवं प्रधानाचार्य पवन कुमार ने बताया कि गोरखपुर मंडल के चारों जिलों कि विशेषज्ञों से फोन करके किसान टमाटर से प्यूरी बनाने के संबंध में जानकारी ले सकते हैं।

 
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यूपी: विवाहिता ने थाने में पति से रिश्ता तोड़ प्रेमी के साथ रचा ली शादी, सादे कागज पर हस्ताक्षर कराकर बोली- हो गया तलाक

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बड़हलगंज थाने में शुक्रवार को एक महिला ससुराल और मायके वालों के साथ पहुंची और पति का साथ छोड़कर अपने प्रेमी के साथ रहने की बात कहने लगी। इस दौरान उसे नियमों का हवाला दिया गया तो उसने पति से ग्रामीणों की मौजूदगी में समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करवा लिया और तलाक बताकर थमा दिया। इसके बाद विवाहिता ने थाने में स्थित मंदिर में प्रेमी के साथ शादी कर ली। इलाके में यह विवाह चर्चा का विषय बना हुआ है। 

जानकारी के मुताबिक, बड़हलगंज थाना क्षेत्र के गांव नरहरपुर निवासी एक युवती की शादी दो साल पहले गांव पिड़हनी निवासी युवक से हुई थी। युवती की मानें तो उसका प्रेम संबंध विवाह के पूर्व से ही गगहा थाना क्षेत्र के करवल मंझगावां निवासी युवक से चल रहा था। इसकी जानकारी दोनों परिवारों को थी। शादी की बात भी चली पर किन्हीं कारणों से विवाह न हो सका। 
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#LadengeCoronaSe: शरीर का मोर्चा टीके ने संभाला, पुलिस वालों ने कोरोना का

टीकाकरण ही कोरोना का सुरक्षा कवच है, यह पुलिसकर्मियों के आंकड़े साबित कर रहे हैं। गोरखपुर जिले में तैनात 5 हजार 262 पुलिस वालों में से 5 हजार 157 को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है और इसमें से महज 67 पुलिसकर्मी ही संक्रमित हुए। उन्हें भी अस्पताल ले जाने की नौबत नहीं आई। सभी ने घर या फिर सरकारी आवास में आइसोलेशन में रहकर खुद को ठीक कर लिया। इस दौरान सिर्फ एक पुलिसकर्मी ने जान गंवाई, उसकी वजह भी किडनी की समस्या सामने आई थी। वर्तमान में 20 पुलिसकर्मी संक्रमित है जो आइसोलेशन में हैं, बाकी सभी 46 ठीक होकर ड्यूटी पर लौट चुके हैं। जबकि पिछले साल पहली लहर में 362 पुलिसकर्मी संक्रमित हुए थे और सभी ठीक हो गए थे लेकिन तकरीबन 100 से ज्यादा को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
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खुशखबर: गोरखपुर पहुंची पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस, स्वागत में जुटे लोग

कोरोना वॉरियर्स।
गोरखपुर वासियों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। यहां शनिवार दोपहर ऑक्सीजन लेकर स्पेशल ट्रेन पहुंच गई है। दुर्गापुर से 40 मीट्रिक टन लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन लेकर ऑक्सीजन एक्सप्रेस शनिवार को करीब पौने बारह बजे गोरखपुर जंक्शन पहुंची। प्लेटफार्म तीन पर इस स्पेशल ट्रेन को लाया गया, जिसमे दो कंटेनर में ऑक्सीजन था।

कुछ देर बाद इस ऑक्सीजन एक्सप्रेस को नकहा जंगल स्टेशन पर ले जाया गया। जहां से प्रशासन अपने कब्जे में लेकर इसका वितरण कराएगा। बता दें कि रेलवे मंत्री पीयूष गोयल ने भी ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा है कि कोरोना रोगियों के उपचार के लिए अनेक राज्यों में ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रही भारतीय रेल द्वारा, दुर्गापुर से गोरखपुर के लिये पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस का संचालन किया गया। यह ट्रेन लिक्विड ऑक्सीजन लेकर अपने गंतव्य तक पहुंच चुकी है।

 
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गोरखपुर: विमानन कंपनी बोइंग अब बनाएगी 400 बेड का कोविड अस्पताल, ऑक्सीजन की रहेगी सुविधा

विमान बनाने वाली मल्टीनेशनल कंपनी बोइंग अब गोरखपुर में 400 बेड का कोविड अस्पताल बनाएगी। हर बेड पर ऑक्सीजन की व्यवस्था रहेगी। कंपनी से जुड़ी एजेंसी केयर इंडिया की टीम ने संभावित स्थानों का निरीक्षण भी किया है। अगले दस दिनों में कोविड अस्पताल शुरू हो सकता है। इसकी तैयारी तेजी से चल रही है। दोनों अस्पताल लेवल-2 (सांस फूलने की समस्या वाले मरीजों के लिए) के रहेंगे।

बोइंग कंपनी पहले अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 200 बेड का अस्पताल बनाने की कवायद शुरू की  थी लेकिन अब दायरा बढ़ा दिया है। महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय परिसर स्थित आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में भी 200  बेड का कोविड अस्पताल बनाने का फैसला हुआ है। इसके लिए कंपनी की टीम लगातार काम कर रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि एम्स में 10 दिन के भीतर कोविड अस्पताल का संचालन शुरू हो जाएगा। गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय के आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में पहले 10 बेड पर मरीजों को भर्ती किया जाएगा, फिर 190 और बेड बढ़ाए जाएंगे। एम्स व आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के 400 बेडों पर  ऑक्सीजन की सुविधा रहेगी।

ये सुविधाएं भी होंगी
कोविड अस्पताल में आइसोलेशन बेड, बाई पैप, एचएफएनसी (हाई फ्लो नेजल कैनुला) की भी सुविधा होगी। कुछ वेंटीलेटर बेड भी उपलब्ध होंगे। ऑक्सीजन की आपूर्ति फिलहाल सिलिंडर के माध्यम से ही होगी। अभी एक साथ चार से पांच सिलिंडर लगाने की व्यवस्था है। इसे न्यूनतम 10 या 20 सिलिंडर तक ले जाया जाएगा। एम्स में ऑक्सीजन सिलिंडर मंगाए भी गए हैं। माना जा रहा है कि एक मरीज पर 24 घंटे में कम से कम तीन ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत पड़ेगी।

 
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#LadengeCoronaSe: गोरक्षनाथ आयुर्वेद अस्पताल ने शुरू की टेलीमेडिसीन सेवा

गुरु गोरक्षनाथ चिकित्सालय स्थित आयुर्वेद अस्पताल ने टेलीमेडिसीन की सेवाएं शुरू की दी हैं। चिकित्सकों के मोबाइल फोन नंबर जारी किए गए हैं, ताकि लोग उनसे इन नंबरों पर संपर्क कर सलाह ले सकते हैं। यह जानकारी चिकित्सालय के निदेशक अतुल बाजपेई ने दी है।

 अधीक्षक डॉ. टीपी सिंह ने बताया कि कोरोना के इलाज में आयुर्वेदिक दवाएं कारगर सिद्ध हो रही हैं, अगर किसी व्यक्ति को हल्का जुकाम, खासी और बुखार हो तो तुरंत काढ़ा पीना शुरू कर दे। कोरोना से लड़ने में आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां बहुत मददगार हैं। गले में दर्द होने पर गर्म पानी से गरारा करें। इसमें नमक और हल्दी पाउडर मिलाएं तो ज्यादा असरदार साबित होगा। रोजाना 30 मिनट के प्राणायान के अभ्यास से राहत मिलेगी।  

नाम                    पद                     समय           मोबाइल नंबर
डॉ. डीपी सिंह       आयुर्वेदाचार्य            9 से 12 बजे  9889008560
डॉ. आरके शाही     एमडी क्षारसूत्र         9 से 12 बजे   9839073590
डॉ. डीके सिंह       एमडी काय चिकित्सा  9 से 12 बजे   9415253113
डॉ.कमलेश कुमार   एमडी काय चिकित्सा  2 से 5 बजे    8005341320
डॉ.एसएन सिंह       एमडी पंचकर्म         9 से 4 बजे    7388765983
डॉ. पिंकी             एमडी काय चिकित्सा  9 से 4 बजे    7300394941
डॉ. प्रग्या सिंह       एमडी संहिता सिद्धांत   2 से 5 बजे    8896738270
डॉ. प्रतिमा श्रीवास्तव आयुर्वेदाचार्य           9 से 12 बजे  9415283467
डॉ. एलएम चौरसिया  आयुर्वेदाचार्य          9 से 12 बजे  9450958506
डॉ. एएम मिश्रा         आयुुर्वेदाचार्य          2 से 5 बजे   9415037450
डॉ. एके सिंह           आयुर्वेदाचार्य          9 से 12 बजे  9415850767
डॉ. वीके गौड़        आयुर्वेदाचार्य            2 से 5 बजे    9450437749
डॉ. आदित्य नारायण   एमडी बाल रोड       9 से 4 बजे    8423860361
डॉ. राकेश प्रसाद      एमएस क्षार सूत्र        9 से 4 बजे    9057290126
डॉ. प्रीति कुमार        एमएस स्त्री रोग        9 से 4 बजे    9369433242

 
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गोरखपुर: ब्लैक फंगस से पीड़ित सपा पार्षद प्रतिनिधि व अन्य मरीज की एक-एक आंख खराब, लखनऊ रेफर

गोरखपुर में कोरोना के बाद ब्लैक फंगस की चपेट में आए शहर के सपा पार्षद के प्रतिनिधि व एक अन्य मरीज की एक-एक आंख खराब हो गई है। 50 वर्षीय व्यक्ति की स्थिति गंभीर बताई जा रही है जबकि पार्षद प्रतिनिधि की हालत स्थिर है। दोनों को लखनऊ रेफर किया गया है। चिकित्सकों के मुताबिक आंख का ऑपरेशन करना पड़ेगा, तभी मरीजों की हालत में सुधार संभव है।

गोरखपुर में ब्लैक फंगस के मरीज बढ़े हैं। इसी बीच शुक्रवार को महिला पार्षद के प्रतिनिधि (पति) को दाहिनी आंख में दिक्कत होने लगी। इसके बाद प्रतिनिधि ने शहर के एक निजी चिकित्सक से संपर्क साधा और इलाज करने की बात कही। चिकित्सक ने ब्लैक फंगस होने की बात कही और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल लखनऊ के केजीएमयू जाकर इलाज कराने की सलाह दी।

चिकित्सक के मुताबिक पार्षद प्रतिनिधि कोरोना संक्रमित रह चुके हैं। अब ब्लैक फंगस की चपेट में आ गए हैं। इसका इलाज लखनऊ में ही संभव है। देर रात पार्षद प्रतिनिधि केजीएमयू पहुंच गए। केजीएमयू के चिकित्सकों ने इमरजेंसी में पार्षद प्रतिनिधि को देखा है। अब उन्हें भर्ती करके इलाज किया जाएगा। पार्षद प्रतिनिधि ने खुद दाहिनी आंख से न दिखने की पुष्टि की है।

दूसरी तरफ 50 वर्षीय दूसरे मरीज की तबीयत ज्यादा खराब बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि मरीज की एक आंख पूरी तरह से खराब हो गई है। साथ ही संक्रमण दिमाग तक पहुंच गया है। परिजनों ने मरीज को पहले एम्स, नई दिल्ली ले जाने का प्रयास किया लेकिन बेड की व्यवस्था नहीं हो सकी। गोरखपुर में भी एडवांस उपचार की व्यवस्था नहीं मिली।

 
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गोरखपुर: सात विद्यार्थियों से स्टार्टअप की शुरुआत करेगा डीडीयू, विशेषज्ञ दिखाएंगे सफल होने की राह

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय इनोवेशन और इंक्यूबेशन सेंटर से सात विद्यार्थियों के साथ स्टार्टअप की शुरूआत करेगा। इसके लिए विवि बहुत जल्द स्टार्टअप शुरू करने में मदद के लिए विद्यार्थियों को आमंत्रित करने जा रहा है। भविष्य में सेंटर से कुल 100 स्टार्टअप शुरू करने की योजना है। जिन विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, उन्हें स्टार्टअप कंपनी खोलने से लेकर प्रशिक्षण देने और आर्थिक मदद भी विश्वविद्यालय करेगा।

विश्वविद्यालय ने पहले चरण का खाका तैयार कर लिया है। इसकी जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। सभी जिम्मेदारों के बीच समन्वय बैठक भी हो चुकी है। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अजय सिंह ने बताया कि सेंटर के समन्वय की जिम्मेदारी प्रो. अजेय कुमार गुप्ता को सौंपी गई है। सह समन्वयक के तौर पर प्रो. दिव्या रानी सिंह और डॉ. स्मृति मल्ल को नामित किया गया है।

प्रो. अजेय और प्रो. दिव्या रानी तीन-तीन विद्यार्थियों को स्टार्टअप शुरू करने में मदद करेंगे जबकि वेस्ट मैनेजमेंट पर स्टार्टअप शुरू करने वाले विद्यार्थी की मदद डॉ. स्मृति मल्ल करेंगी। प्रो. दिव्या रानी को एग्रो बेस्ट स्टार्टअप के मार्गदर्शन का जिम्मा सौंपा गया है। चयनित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय द्वारा नामित विशेषज्ञ की संपर्क में लाया जाएगा।
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