गोरखपुर: तीन अस्पतालों ने कोरोना के मरीजों से लिए ज्यादा रुपये, कमिश्नर को दी गई जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा

अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 18 Jun 2021 11:27 AM IST

सार

कमिश्नर को दी गई जांच रिपोर्ट में हुआ खुलासा, तीनों अस्पतालों ने लौटाए पैसे। कमिश्नर ने दी चेतावनी, आगे किसी भी अस्पताल की शिकायत मिली तो सीधे जेल भेजेंगे।
कमिश्नर रवि कुमार एनजी।
कमिश्नर रवि कुमार एनजी। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए गोरखपुर शहर के तीन अस्पतालों ने निर्धारित दर से काफी अधिक रकम ली। कमिश्नर को दी गई जांच में इस बात का खुलासा हुआ है। कमिश्नर ने चेतावनी दी है कि अगर आगे किसी भी अस्पताल की शिकायत मिली तो उसे सीधे जेल भेजा जाएगा।
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कोविड मरीजों से निर्धारित दर से अधिक रुपये लेने की जांच रिपोर्ट टीम के अध्यक्ष अपर आयुक्त ने गुरुवार को कमिश्नर रवि कुमार एनजी को सौंप दी। जांच रिपोर्ट में शहर के तीन अस्पताल छह अलग-अलग मरीजों से निर्धारित दर से अधिक शुल्क लेने के दोषी पाए गए हैं। तीनों ने सभी छह मरीजों से 192058 रुपये अधिक लिए थे, जिसको उन्होंने वापस कर दिया है। 


जांच टीम के अध्यक्ष अपर आयुक्त रतिभान ने बताया कि अलग-अलग तारीखों में तीन अलग-अलग अस्पतालों की छह शिकायतें मिली थीं। शिकायतकर्ताओं के साक्ष्यों के आधार पर जांच कराई गई तो पाया गया कि अस्पताल संचालकों ने निर्धारित दर से अधिक रुपये लिए हैं। 

जांच सही पाए जाने पर तीनों अस्पताल के प्रबंधकों को नोटिस जारी कर अतिरिक्त शुल्क लौटाने को कहा गया था। सभी ने पैसा वापस कर दिया है। इन अस्पतालों ने मरीजों से अधिक रुपये लिए थे। अतिरिक्त शुल्क डिग्निटी हास्पिटल प्रबंधन ने गोरखपुर में कोविड इलाज के लिए भर्ती रामानन्द शाही से 27332 रुपये, स्व. प्रवेश कुमार श्रीवास्तव के परिजनों से 54900 रुपये, मीरा श्रीवास्तव से 46467 रुपये, अजीत सिंह से 9559, पूर्वांचल मेट्रो सिटी हास्पिटल, भर्ती दर्शन प्रसाद जायसवाल से 28800 और डिसेंट हास्पिटल बुद्ध विहार, पार्ट-ए में भर्ती मुहम्मदीन अंसारी से 25000 रुपये अधिक लिए थे। इन सभी को जब नोटिस भेजी गई तो तीनों अस्पताल प्रबंधनों ने मरीजों के परिजनों को अतिरिक्त चेक से वापस कर दिया।

कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने बताया कि इस तरह की आपदा में अगर किसी ने मनमानी करने की कोशिश की तो उसकी खैर नहीं। अभी तो संचालकों ने पैसा वापस कर दिया इसलिए सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ रहा हूं, आगे से किसी भी मरीज के साथ ऐसा हुआ तो पहले संचालक पहले जेल जाएंगे उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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