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Shahana Mystery: शहाना को सुहानी बनाकर लिया था किराए पर मकान, दरोगा ने साथ रहने की बात मानी, बच्चे पर आनाकानी

गोरखपुर महिला अस्पताल की संविदाकर्मी शहाना व आरोपी दरोगा पति-पत्नी की तरह रहते थे। इसकी तस्दीक बक्शीपुर के उस मकान मालिक ने की है, जहां शहाना का फंदे से लटकता शव मिला था। मकान मालिक के मुताबिक दरोगा राजेंद्र सिंह व शहाना जनवरी 2021 में आए थे। दोनों ने खुद का परिचय पति-पत्नी के रूप में दिया था। शहाना की गोद में बच्चा था। उसने जिला अस्पताल में काम करने की जानकारी भी दी थी। दोनों साथ में ही रहते थे। जिस वक्त घटना हुई, उस वक्त भी दरोगा घर पर था।

घटना की जानकारी के संबंध में पता नहीं कहां से चर्चा उठ गई कि मकान मालिक ने फोन कर पुलिस को सूचना दी। जबकि यह गलत है। मकान मालिक के मुताबिक, घटना के बाद दरोगा ने ही मुझे फोन करके बुलाया और शहाना के मौत की बात बताई। पुलिस के साथ ही शहाना के परिजनों को भी दरोगा ने ही मामले की जानकारी दी थी।  

दरोगा ने साथ रहने की बात स्वीकारी, बच्चे पर आनाकानी
घटना के बाद से ही दरोगा राजेंद्र सिंह कोतवाली पुलिस की हिरासत में हैं। पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दरोगा ने शहाना निशा के साथ रहने की बात स्वीकार कर ली है। साफ कहा है कि आपसी रजामंदी से साथ रहते थे। बच्चा किसका है, इसपर दरोगा कुछ खुलकर नहीं बोल रहा है। कोतवाली पुलिस की तरफ से पूछा जाता है कि क्या बच्चा आपका है। इसपर दरोगा का जवाब रहता है कि जब सभी कह रहे हैं तो हो सकता है। इससे कोतवाली पुलिस कुछ खास निष्कर्ष नहीं निकाल पा रही है।  

नगर निगम चौकी पर तैनाती के समय शहाना के करीब आए थे दरोगा राजेंद्र सिंह  
दरोगा राजेन्द्र सिंह कोतवाली थाने के नगर निगम चौकी का इंचार्ज था। उसी समय शहाना से उसकी नजदीकी हो गई थी। घरवालों की माने तो दरोगा अकेले में शहाना से मिलने के लिए उसके कमरे पर जाता था। दरोगा ने ही सहाना को सुहानी बनाकर बक्शीपुर में किराए के मकान में रखवाया था। नगर निगम से राजेन्द्र सिंह का कैंट थाने के पैडलेगंज चौकी पर तबादला हुआ था। बाद में गैर जनपद तबादला हो गया था, पर गोरखपुर लौटने के लिए उन्होंने एलआईयू में अपनी पोस्टिंग करा ली थी। राजेंद्र सिंह शादीशुदा है और उसके बच्चे भी शहाना की उम्र के हैं। शहाना जिस कमरे में रहती थी, वहां एक बाइक और पैंट शर्ट भी मिले थे। बताया जा रहा है कि बाइक और कपड़े दरोगा के ही थे। हालांकि ,अब बाइक कहां है यह नहीं पता।

यह थी घटना
जानकारी के मुताबिक, बेलीपार के भीटी गांव निवासी शहाना निशा कोतवाली इलाके के बक्शीपुर में किराए पर कमरा लेकर रहती थी। वह जिला अस्पताल में संविदाकर्मी थी। 15 अक्तूबर की सुबह किराए के कमरे में फंदे से लटकता उसका शव मिला था। घुटने मुड़े हुए जमीन पर टिके थे, वह इबादत की मुद्रा में बैठी नजर आ रही थी। शहाना का करीब एक वर्ष का बेटा अपनी मां का शव पकड़कर बिलख रहा था।
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अस्पताल कर्मचारी मौत मामला: शहाना की मौत के बाद बिखर गया पूरा परिवार, नाती को देख पिता बोले- अब कोई सहारा नहीं

शहाना मिस्ट्री: आखिर दरोगा राजेंद्र सिंह ने उस रात क्या किया? क्या कहा? ...और शहाना की मौत हो गई

गोरखपुर महिला अस्पताल की संविदाकर्मी शहाना का जीवन खत्म हो गया, मगर अपने पीछे वह अंतहीन कहानियों को सिलसिला छोड़ गई। जितने मुंह उतनी बात, मगर एक बात किसी के समझ नहीं आ रही है कि घटनावाली रात आखिर हुआ क्या? गुरुवार शाम तक सब ठीक था। वह अपने गांव गई और लौट भी आई। आत्महत्या मान भी लें तो फिर ऐसी कौन-सी वजह होगी, जिसकी वजह से उसने मौत को गले लगा लिया। आर्थिक तंगी के चलते मौत को गले लगाने की बात तो बेमानी है, लेकिन दूसरा प्रत्यक्ष कोई कारण सामने नहीं है। शहाना के मौत की वजह कौन था ? केबीसी में यह सवाल उठे तो विकल्प बताए बिना, खेलने वाला यही जवाब देगा कि यकीनन राजेंद्र सिंह। गुरुवार रात से मौत तक उस कमरे में केवल शहाना, उसका एक साल का बच्चा और दरोगा राजेंद्र सिंह ही थे।

कहीं पुलिस के दिमाग की उपज तो नहीं कथित पति समीर
शहाना की मौत के बाद ही बच्चे के पिता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं। इस बीच कोतवाली पुलिस की ओर से बताया गया कि समीर नाम के एक युवक से उसने शादी की थी। समीर कहां का रहने वाला है, उसकी शादी कब हुई थी, इसके बारे में अभी तक कोई पुख्ता जानकारी पुलिस के पास नहीं है। अब पुलिस का दावा है कि दोनों के बीच विवाद हो गया था और लंबे समय से अलग रह रहे थे। वैसे माना जा रहा है कि समीर पुलिस के दिमाग की उपज है, वास्तव में ऐसा कोई शख्स नहीं है।

यह थी घटना
जानकारी के मुताबिक, बेलीपार के भीटी गांव निवासी शहाना निशा कोतवाली इलाके के बक्शीपुर में किराए पर कमरा लेकर रहती थी। वह जिला अस्पताल में संविदाकर्मी थी। 15 अक्तूबर की सुबह किराए के कमरे में फंदे से लटकता उसका शव मिला था। घुटने मुड़े हुए जमीन पर टिके थे, वह इबादत की मुद्रा में बैठी नजर आ रही थी। शहाना का करीब एक वर्ष का बेटा अपनी मां का शव पकड़कर बिलख रहा था।   

तहरीर में ये हैं आरोप
कोतवाली पुलिस ने जिस तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया है, उसके मुताबिक शहाना से दरोगा के नजदीकी संबंध थे। वह अक्सर शहाना के कमरे पर जाता था। गत बृहस्पतिवार की रात किसी बात को लेकर दरोगा ने विवाद किया था। इसके बाद शुक्रवार की सुबह शहाना की फंदे से लटकने की जानकारी मिली थी। इस मामले में दरोगा की भूमिका संदिग्ध है। इस पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
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गोरखपुर: मासूम बच्चों के बाद मां ने भी तोड़ा दम, मामूली विवाद पर खुद को कर दिया था आग के हवाले

गोरखपुर जिले के खोराबार इलाके के भैंसहा रघुनाथपुर में शुक्रवार को पति से नाराज होने के बाद दो बच्चों के साथ आग लगाने वाली महिला की भी शनिवार की तड़के सुबह मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज में महिला का उपचार चल रहा था जबकि घटना के कुछ देर बाद ही दोनों बच्चों की मौत हो गई थी। उधर मृतक मंजू के पिता अमेरिका की तहरीर पर पुलिस ने पति जोगेंद्र और उसकी भाभी के खिलाफ खुदकुशी को उकसाने का केस दर्ज कर पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। एक साथ परिवार में हुए तीन मौतों से पूरे इलाके में कोहराम मच गया।

जानकारी के मुताबिक, खोराबार इलाके के भैंसहा रघुनाथपुर निवासी जोगेंद्र का गुरुवार की रात अपनी पत्नी मंजू देवी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। शुक्रवार की मंजू देवी ने पति और ससुर के लिए खाना बनाने के बाद अपने डेढ़ साल के बेटे अनुज और 5 साल की बेटी अमृता को साथ कमरा बंद कर घर में रखे ज्वलनशील पदार्थ को अपने व बच्चों पर डालकर आग लगा ली थी। घटना के वक्त घर पर कोई नहीं था।

जोगेंद्र कुमार के पिता अस्पताल में भर्ती थे, उन्हें खाना लेकर वह अस्पताल गया था। बच्चों की चीख सुनकर पड़ोस के लोग दौड़े। किसी तरह दरवाजा तोड़ कर तीनों को कमरे से बाहर निकाला। लोगों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान बेटे अनुज और बेटी अमृता की शुक्रवार को ही मौत हो गई थी। जबकि मंजू देवी की हालत भी गंभीर बनी हुई थी। इलाज के दौरान शनिवार को महिला ने भी दम तोड़ दिया।

 
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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

गोरखपुर: खुद को पुलिस बताकर व्यापारी के बैग से निकाल लिए 1.50 लाख रुपये, सीसीटीवी में कैद हुए बदमाश

गोरखपुर शहर के मुख्य बाजार गोलघर में काली मंदिर के पास शनिवार की सुबह खुद को पुलिस बताकर बदमाश महराजगंज जिले के व्यापारी के बैग से 1.50 लाख रुपये निकालकर बाइक से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि बदमाश धर्मशाला की ओर भागे हैं। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। सूचना के बाद एसपी सिटी सोनम कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, महराजगंज जिले के नौतनवां निवासी योगेंद्र नाथ चौधरी की कस्बे में चौधरी मोबाइल के नाम से दुकान है। शनिवार की सुबह योगेंद्र नाथ खरीदारी करने गोरखपुर आए थे। धर्मशाला के पास बस से उतरने के बाद पैदल ही खरीदारी करने कोतवाली के माया बाजार जा रहे थे।

गोलघर काली मंदिर के पीछे दो युवकों ने योगेंद्र को रोक लिया। खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए कुछ दूरी पर बाइक लेकर खड़े व्यक्ति को दिखाते हुए कहा कि साहब बुला रहे हैं। योगेंद्र युवकों के साथ बाइक के पास पहुंचे तो वहां खड़े व्यक्ति ने कहा कि सूचना मिली है कि मादक पदार्थ की तस्करी करते हो, बैग चेक कराओ।
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गोरखपुर: विवाहिता की मौत, दहेज हत्या का केस दर्ज

गोरखपुर में झंगहा इलाके के भैसही गांव में बृहस्पतिवार की रात विवाहिता नीलम (27) की संदिग्ध हाल में मौत हो गई। आनन-फानन ससुराल वालों ने शुक्रवार की तड़के सुबह नीलम का दाह संस्कार कर दिया था। मायके वालों ने हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है।

पुलिस ने पिता सत्यवान सिंह की तहरीर पर पति सत्येंद्र सिंह, देवर रवि प्रताप उर्फ टिंकू सिंह, सास सरोज देवी व देवरानी गोल्डी देवी के खिलाफ दहेज हत्या और साक्ष्य मिटाने का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस पति को हिरासत में लेकर मामले की जांच कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, कुशीनगर के देवरिया देहात गांव निवासी सत्यवान सिंह की बेटी नीलम की शादी 2019 में सत्येंद्र सिंह के साथ हुई थी। पिता का आरोप है कि शादी के बाद से ही दहेज के लिए उसे प्रताड़ित किया जाता था। बृहस्पतिवार को आधी रात में बताया गया कि नीलम ने खुदकुशी कर ली है। जब हम लोग नीलम के ससुराल पहुंचे तो वहां पर बिस्तर पर उसका शव पड़ा था और बगल में एक रस्सी थी।

बताया गया कि इसी से उसने खुदकुशी कर ली है। अभी अन्य लोग आते इसके पहले ही शव के दाह संस्कार की तैयारी शुरू कर दी गई। पिता ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस आई मगर सुबह मामले को देखने की बात कहकर लौट आई। मौका पाकर तड़के सुबह ही शव का दाह संस्कार किया गया। शुक्रवार को पुलिस ने पिता की तहरीर पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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गोरखपुर: पुलिस पर पशु तस्करों ने पिकअप चढ़ाने की कोशिश की, आठ गोवंश बरामद

गोरखपुर जिले के चौरीचौरा इलाके के सोनबरसा बाजार में पशु तस्करों ने शुक्रवार की सुबह पुलिस वालों पर पिकअप चढ़ाने की कोशिश की। खुद को बचाते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी की तो तस्कर पिकअप छोड़कर फरार हो गए। पिकअप गाड़ी से आठ पशु बरामद हुए। अज्ञात पशु तस्करों के खिलाफ हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।

 जानकारी के मुताबिक, सोनबरसा चौकी प्रभारी मदनमोहन मिश्र, सिपाही प्रदीप कुमार और निलेश कुमार शुक्रवार की सुबह क्षेत्र में गश्त कर रहे थे कि इस बीच मुखबिर से सूचना मिली कि पिकअप पर गोवंश लेकर पशु तस्कर कसया की तरफ जा रहे हैं।

पुलिस टीम ने संदेह के आधार पर एक पिकअप को रोकने का प्रयास किया तो पिकअप चालक ने पुलिसवालों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। हालांकि खुद को बचाते हुए पुलिसवालों ने पीछा किया पिकअप चालक ने गाड़ी सोनबरसा हाइवे क्रासिंग से मोड़कर सरदारनगर की तरफ जाने के लिए सर्विस लेन में छोड़ दी और फरार हो गया।

मौके पर पहुंची पुलिस ने पिकअप पर से 8 राशि गोवंश बरामद किया। जिसमे 4 गाय और 4 बछड़े हैं। पुलिस ने पिकअप को अपने कब्जे में लेकर अज्ञात के खिलाफ हत्या की कोशिश, गोवध अधिनिवारण अधिनियम व 11पशु क्रुरता अधिनियम के तहत केस दर्ज कर तस्करों की तलाश शुरू कर दी है।
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मनीष हत्याकांड: जेएन सिंह और अक्षय मिश्रा की बढ़ाई गई न्यायिक अभिरक्षा, वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई पेशी

पशु तस्करों का वाहन। (फाइल फोटो)
गोरखपुर में कारोबारी मनीष गुप्ता की मौत मामले में शुक्रवार को मुख्य आरोपी इंस्पेक्टर जेएन सिंह और चौकी इंचार्ज रहे अक्षय मिश्रा की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेशी हुई। दोनों आरोपियों को सीजेएम (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) ज्योत्सना यादव की कोर्ट में पेश किया गया था।

यहां एसआईटी कानपुर की ओर से साक्ष्य संकलन पूरा नहीं होने की वजह से एसआईटी के सह प्रभारी ने कोर्ट में अर्जी दी। इसके बाद अदालत ने दोनों आरोपियों की 14 दिनों की न्यायिक हिरासत बढ़ाते हुए 3 नवंबर तक इसे जारी रखने का आदेश दिया है।

जानकारी के मुताबिक, आरोपी पुलिस वालों के अधिवक्ता पीके दुबे ने बताया कि सीजेएम कोर्ट में एसआईटी कानपुर से सह विवेचक छत्रपाल सिंह ने प्रार्थना पत्र देकर साक्ष्य संकलन पूरा नहीं होने का हवाला दिया है। जिसके कारण इंस्पेक्टर और दरोगा की 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा बढ़ाई गई है। एसआईटी का दावा है कि जल्द ही इस मामले में साक्ष्य संकलन पूरा कर मामले में चार्जशाट दाखिल कर दी जाएगी।
 
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बस्ती: लापता युवती का तालाब में मिला शव, सहेली के घर जाने की बात कहकर निकली थी लड़की

बस्ती जिले में 24 घंटे पहले घर से लापता युवती का थाना क्षेत्र के पुरसिया गांव के पश्चिम तरफ तालाब में शव मिला। जिसे देख ग्रामीणों में सनसनी फैल गई। कुछ देर में ही आसपास के लोगों की भीड़ जुट गयी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को दिया। सूचना पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर नमूने एकत्र किए।

शव की पहचान पुरसिया निवासिनी 18 वर्षीय सोनाली सिंह पुत्री अवधेश सिंह के रूप में हुई। पुलिस की पूछताछ में परिजनों ने बताया कि वह बृहस्पतिवार को सहेली के घर जाने की बात कहकर दोपहर बाद घर से निकली थी। लेकिन वह कब और कैसे तालाब में पहुंच गई, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।

मौत की खबर से घर में कोहराम मच गया। मृतका की मां उषा देवी बहन चांदनी, भाई आलोक, मनोज, सहित परिवार के सभी लोगों का रो रोकर बुरा हाल है। थानाध्यक्ष दुर्विजय ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। युवती की मौत कैसे हुई यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट किया जा सकता है।
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गोरखपुर: दहेज हत्या के आरोप में पति समेत तीन गिरफ्तार, ननिहाल पक्ष ने बच्चे को पालने से किया इनकार

गोरखपुर जिले के सहजनवां इलाके के भीटी रावत के टोला चकिया गांव में 17 अक्तूबर को मधु (26) की मौत मामले में हत्या के आरोपी पति राहुल तिवारी, सास छोटी और ससुर रामसुंदर को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीन आरोपियों को जेल तो भेज दिया लेकिन इसके साथ ही मधु और राहुल का नौ महीने का बच्चा अनाथ हो गया।

मां की मौत के बाद उसे पिता और दादी-दादा संभाल रहे थे। लेकिन अब तीनों के जेल जाने के बाद ननिहाल पक्ष के लोगों ने बच्चों को लेने से इंकार कर दिया। ऐसे में पुलिस ने एक पट्टीदार को बच्चा सुपुर्द कर दिया है। रो-रोकर बच्चे का बुरा हाल है।

जानकारी के मुताबिक, 17 अक्तूबर को गंभीर रूप से घायल मधु को लेकर ससुराल वाले अस्पताल पहुंचे थे, जहां उसकी मौत हो गई थी। मधु के ससुराल वालों का कहना था कि सीढ़ी से गिरने से उसकी मौत हो गई। जबकि मधु के भाई अंकुश का कहना है कि दहेज के खातिर उसकी हत्या कर दी गई थी।
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गोरखपुर: गोला के व्यापारी का था गगहा में मिला शव लावारिस, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

गोरखपुर जिले के गगहा इलाके के गांगूपार के पास बुधवार को मिले शव की शिनाख्त गोला के व्यापारी सुरेश गौड़ (45) के रूप में हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल फोटो के आधार पर भाई गणेश गौड़ ने थाने पहुंचकर सुरेश की शिनाख्त की। शरीर पर चोट के निशान होने की जानकारी होने पर भाई ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक, बुधवार की दोपहर में लावारिस हाल में शव बरामद किया गया था। गगहा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही सोशल मीडिया पर फोटो वायरल किया था। इसकी मदद से गुरुवार को गोला के मटियरिया निवासी गणेश पहुंचे और शव की शिनाख्त अपने भाई सुरेश के रूप में की।

उन्होंने बताया कि भाई सुरेश गौड़ को मंगलवार को ग्राम पकड़ी में अपने तीन-चार साथियों के साथ देखा था। जब उन्होंने सुरेश को घर चलने के लिए कहा तो सुरेश ने कहा कि तुम जाओ मैं थोड़ी देर में घर आऊंगा, जिसके बाद गणेश घर चले गये। दूसरे दिन बुधवार को सुरेश का शव गांगूपार के पास लावारिस हाल में पाया गया था। मृतक के शरीर पर चोट के निशान थे। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।

थानाध्यक्ष गगहा अमित कुमार दुबे ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मृत्यु के कारण का पता चल पाएगा। जांच पड़ताल की जा रही है।


 
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गोरखपुर: मां ने प्रेमी संग मिलकर अपने ही बेटे का कर लिया था अपहरण, ऐसे खुल गई पोल

गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मां ने अपने प्रेमी संग मिलकर अपने ही बेटे का अपहरण कर लिया। सूचना मिलते ही  पुलिस ने आरोपी प्रेमी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है। खबर है कि बच्चे को उसके ननिहाल में रखा गया है। पुलिस को पुख्ता जानकारी मिलने के बाद टीम को रवाना कर दिया गया है। वहीं आरोपित की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

मामला चौरीचौरा के विश्वंभरपुर गांव का है। यहां बुधवार की सुबह धीरेंद्र गौड़ का बेटा अंशु घर के बाहर से लापता हो गया था। कुछ देर पहले उसे घरवालों ने खेलते हुए देखा था। घरवालों ने उसकी काफी तलाश की लेकिन उसकी जानकारी नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पाते ही एसपी नार्थ मनोज अवस्थी खुद पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए थे। जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिल गए थे।

पुलिस को पता चला था कि धीरेंद्र का उसकी पत्नी से मनमुटाव है और वह साथ नहीं रहती है। पुलिस की टीमें जांच करना शुरू की तो पता चला कि चार वर्षीय बच्चे को उसकी मां ने अपने मायके भिजवा दिया है। उसका ही प्रेमी रामू कन्नौजिया उसे लेकर फरार हुआ था।

उधर, पुलिस ने तहरीर के आधार पर अपहरण का केस भी दर्ज कर लिया था। पुलिस ने ननिहाल के पास के थाने की मदद से बच्चे के होने की सूचना को पुख्ता कर लिया जिसके बाद टीमें रवाना कर दी गई है। एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि केस दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। बच्चे के बारे में कुछ जानकारियां मिली है, जल्द ही उसे बरामद कर लिया जाएगा।

 
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गोरखपुर: गला कसे जाने से हुई थी विवाहिता की मौत, पति समेत चार पर केस

सहजनवां थाना क्षेत्र के भीटी रावत के टोला चकिया गांव में 17 अक्तूबर को विवाहिता मधु की मौत गला कसे जाने से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद विवाहिता के भाई अंकुश शुक्ला की तहरीर पर पुलिस ने मधु के पति राहुल तिवारी, देवर रोहित तिवारी, सास छोटी, ससुर रामसुंदर तिवारी के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक चकिया निवासी राम सुंदर के बेटे राहुल त्रिपाठी का विवाह वर्ष 2019 में जौनपुर निवासी मधु के साथ हुआ था। दोनों का नौ माह का बेटा है। 17 अक्तूबर को मधु की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पति राहुल ने पुलिस को बताया था कि मधु सुबह छत पर कपड़ा सुखाने के लिए गई थीं। अचानक सीढ़ी पर पैर फिसल गया और गिर गईं। जिससे सिर में गंभीर चोट लग गई। जिसके बाद तत्काल सहजनवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

चिकित्सकों ने बताया कि मधु की मौत केंद्र पर पहुंचने से पहले हो गई थी। मंगलवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मधु की गला कसने से मौत की पुष्टि हुई है। मधु के भाई कुशमौल, जौनुपर निवासी अंकुश शुक्ला ने तहरीर देकर ससुराल वालों पर आरोप लगाया है कि दहेज में तीन लाख रुपये मांगे जा रहे थे। मांग पूरी नहीं होने पर बहन को उसके ससुराल वाले लगातार प्रताड़ित कर रहे थे।

प्रभारी निरीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि मृतका के भाई अंकुर शुक्ल की तहरीर पर पति राहुल तिवारी, देवर रोहित तिवारी, सास छोटी, ससुर रामसुंदर तिवारी के खिलाफ दहेज हत्या के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपितों की तलाश की जा रही है। सूत्रों के अनुसार मंगलवार की देर शाम पुलिस ने आरोपित पति, सास व ससुर को हिरासत में ले लिया है। हालांकि, पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
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