Shahana Mystery: शहाना को सुहानी बनाकर लिया था किराए पर मकान, दरोगा ने साथ रहने की बात मानी, बच्चे पर आनाकानी

अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Mon, 18 Oct 2021 03:38 PM IST

सार

मकान मालिक के मुताबिक, घटना के बाद दरोगा ने ही मुझे फोन करके बुलाया और शहाना के मौत की बात बताई। पुलिस के साथ ही शहाना के परिजनों को भी दरोगा ने ही मामले की जानकारी दी थी। 
शहाना व दरोगा राजेंद्र सिंह।
शहाना व दरोगा राजेंद्र सिंह। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

गोरखपुर महिला अस्पताल की संविदाकर्मी शहाना व आरोपी दरोगा पति-पत्नी की तरह रहते थे। इसकी तस्दीक बक्शीपुर के उस मकान मालिक ने की है, जहां शहाना का फंदे से लटकता शव मिला था। मकान मालिक के मुताबिक दरोगा राजेंद्र सिंह व शहाना जनवरी 2021 में आए थे। दोनों ने खुद का परिचय पति-पत्नी के रूप में दिया था। शहाना की गोद में बच्चा था। उसने जिला अस्पताल में काम करने की जानकारी भी दी थी। दोनों साथ में ही रहते थे। जिस वक्त घटना हुई, उस वक्त भी दरोगा घर पर था।
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घटना की जानकारी के संबंध में पता नहीं कहां से चर्चा उठ गई कि मकान मालिक ने फोन कर पुलिस को सूचना दी। जबकि यह गलत है। मकान मालिक के मुताबिक, घटना के बाद दरोगा ने ही मुझे फोन करके बुलाया और शहाना के मौत की बात बताई। पुलिस के साथ ही शहाना के परिजनों को भी दरोगा ने ही मामले की जानकारी दी थी।  


दरोगा ने साथ रहने की बात स्वीकारी, बच्चे पर आनाकानी
घटना के बाद से ही दरोगा राजेंद्र सिंह कोतवाली पुलिस की हिरासत में हैं। पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक दरोगा ने शहाना निशा के साथ रहने की बात स्वीकार कर ली है। साफ कहा है कि आपसी रजामंदी से साथ रहते थे। बच्चा किसका है, इसपर दरोगा कुछ खुलकर नहीं बोल रहा है। कोतवाली पुलिस की तरफ से पूछा जाता है कि क्या बच्चा आपका है। इसपर दरोगा का जवाब रहता है कि जब सभी कह रहे हैं तो हो सकता है। इससे कोतवाली पुलिस कुछ खास निष्कर्ष नहीं निकाल पा रही है।  

नगर निगम चौकी पर तैनाती के समय शहाना के करीब आए थे दरोगा राजेंद्र सिंह  
दरोगा राजेन्द्र सिंह कोतवाली थाने के नगर निगम चौकी का इंचार्ज था। उसी समय शहाना से उसकी नजदीकी हो गई थी। घरवालों की माने तो दरोगा अकेले में शहाना से मिलने के लिए उसके कमरे पर जाता था। दरोगा ने ही सहाना को सुहानी बनाकर बक्शीपुर में किराए के मकान में रखवाया था। नगर निगम से राजेन्द्र सिंह का कैंट थाने के पैडलेगंज चौकी पर तबादला हुआ था। बाद में गैर जनपद तबादला हो गया था, पर गोरखपुर लौटने के लिए उन्होंने एलआईयू में अपनी पोस्टिंग करा ली थी। राजेंद्र सिंह शादीशुदा है और उसके बच्चे भी शहाना की उम्र के हैं। शहाना जिस कमरे में रहती थी, वहां एक बाइक और पैंट शर्ट भी मिले थे। बताया जा रहा है कि बाइक और कपड़े दरोगा के ही थे। हालांकि ,अब बाइक कहां है यह नहीं पता।

यह थी घटना
जानकारी के मुताबिक, बेलीपार के भीटी गांव निवासी शहाना निशा कोतवाली इलाके के बक्शीपुर में किराए पर कमरा लेकर रहती थी। वह जिला अस्पताल में संविदाकर्मी थी। 15 अक्तूबर की सुबह किराए के कमरे में फंदे से लटकता उसका शव मिला था। घुटने मुड़े हुए जमीन पर टिके थे, वह इबादत की मुद्रा में बैठी नजर आ रही थी। शहाना का करीब एक वर्ष का बेटा अपनी मां का शव पकड़कर बिलख रहा था।

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