Exclusive: घर-दुकान में नाबालिग से करा रहे हैं काम तो जेल जाने को रहें तैयार, बालिग नौकर के बारे में रखें सावधानी

शिवम सिंह, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 15 Sep 2021 11:27 AM IST

सार

जब भी सामने आए मामले लगे है दुष्कर्म, छेड़खानी, उत्पीड़न के आरोप। सतर्क हो जाएं, खुद को आराम देने के चक्कर में बड़ी मुसीबत ना पड़ जाए गले।
प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार

आराम की चाहत में अगर आप किसी नाबालिग को घरेलू काम के लिए रख रहे हैं तो सावधान रहें, यह कदम आपको कभी भी बड़े संकट में डाल सकता है। सीधे तौर पर बालश्रम के आरोप में सजा तो मिलेगी ही। यहां तक तो फिर भी गनीमत है, मगर नाबालिग ने किसी लैंगिक अपराध का आरोप लगा दिया तो फिर जिंदगी के कई साल तो जेल के सीखचों के पीछे गुजरना तय है। हाल में घटी कुछ घटनाएं, इसकी बानगी हैं।
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 इस तरह की सबसे ताजी घटना 11 सितंबर 2021 की है। गुलरिहा पुलिस ने डायट के सेवानिवृत्त प्राचार्य कौशल किशोर, उनकी सास और परिवार के एक करीबी विनीत कुमार के खिलाफ पॉक्सो, बालश्रम, छेड़खानी, एससीएसटी एक्ट की धारा में केस दर्ज कर किया है। घर में काम करने वाली नौकरानी का आरोप है कि पढ़ाने के बहाने लाए थे और जबरन घर का काम कराने लगे। मौका पाकर प्राचार्य, उससे जबरदस्ती छेड़खानी किया करते थे। आरोप के आधार पर केस दर्ज कर पुलिस जांच और तलाश में जुटी है।


ऐसे मामलों की गंभीरता समझने वाले विधि विशेषज्ञ अधिवक्ता अभिजीत मणि त्रिपाठी कहते हैं कि आरोपित ने अपराध किया या नहीं यह तो बाद की तफ्तीश में पता चलेगा। जैसा माहौल है, ऐसे मामलेे में केस दर्ज होने के साथ जेल जाने का रास्ता तैयार हो जाता है। और आरोपित यह सिद्ध नहीं कर पाया कि उसने लैंगिक अपराध नहीं किया तो फिर उसकी जिंदगी जेल के सीखचों मेें गुजरनी तय है। पीड़िता के नाबालिग होने पर पॉक्सो एक्ट लगते ही, आरोपित की जिंदगी दो जख से बदतर होने से कोई रोक नहीं सकता।

नाबालिग के लैंगिक अपराध का आरोप लगाने का क्या नतीजा होता है, यह जानना है तो विभूति पांडेय से पूछ लीजिए। 14 अप्रैल 2021 को शाहपुर पुलिस ने उर्वरक कंपनी में संविदा कर्मचारी विभूति पांडेय को जेल भेजा था। आरोप था घर में काम करने वाली किशोरी को बंधक बनाकर दुष्कर्म करने का। किशोरी के मुताबिक, विभूति की पत्नी लखनऊ चली गई थी और घर में अकेला पाकर बंधक बनाकर दुष्कर्म किया गया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया गया। इन दो मामलों में आरोप सही हैं या गलत इस पर कानून अपना काम करेगा। मगर, कई बार नाबालिगों को काम पर रखने वाले बालश्रम कानून की अनदेखी करके गहरी साजिश का भी शिकार हो जाते हैं। कई गिरोह ऐसे सक्रिय भी हैं, जो घर में नाबालिग बच्चों को काम पर रखवाकर बाद में गृहस्वामी को ब्लैकमेल करते हैं। शहर के एक अच्छे परिवार ने नाबालिग को काम पर रखने का दंड पाया है। इज्जत बचाने के लिए मोटी रकम बहाने के बाद, बड़ी मुश्किल से एक आला पुलिस अफसर की मदद से इस संकट से निजात पाया है।

कई गिरोह सक्रिय हैं नाबालिगों को काम पर रखवाने वाले कई गिरोह सक्रिय हैं। जो नेपाल, पश्चिम बंगाल, बिहार जैसे दूसरे प्रांत से लाकर बच्चियों को घर में काम पर रखवा देते हैं। मोटे तौर पर वे दोनों पक्षों से दलाली लेते हैं। जिन नाबालिगों को काम पर रखवाते है उनके अभिभावक और जिनके घर पर काम करती है, दोनों से बकाएदा एक महीने की आधी तय रकम भी ले लेते हैं। वह तो अपना काम करके चले जाते है, लेकिन बाद में बालश्रम कानून में फंसकर, परेशान काम पर रखने वाले होते हैं। बाल श्रम कानून में तो सजा उतनी नहीं है, लेकिन इसके साथ जब आरोप लगते हैं तो वह लैगिंक अपराध के होते हैं, जिनसे बच पाना संभव नहीं हो पाता है।

कई बार पकड़े जा चुके है गिरोह के लोग
मानव तस्करी में लिप्त गिरोह के लोग कई बार पकड़े भी जा चुके है। अभी करीब छह महीने पहले ही दुकान और मकान में काम करने वाले बच्चों को मुक्त कराया गया था। मानव तस्करी विरोधी इकाई थाना पुलिस ने गोरखपुर रेलवे स्टेशन से पकड़कर जेल भेजा था। इसके पहले चौरीचौरा में भी गिरोह के लोग पकड़े जा चुके हैं।

मानव तस्करी की बड़ी घटनाएं
18 फरवरी 2020: मानव तस्करी विरोधी इकाई 9 तस्करों को गिरफ्तार कर 19 बच्चों को मुक्त कराया।
30 सितंबर 2015: कुसम्ही से तस्कर पकड़े गए थे, यह बच्चियों से घरों में काम और चोरी कराते थे।

घर में काम वाली रखें तो यह बरते सावधानी

  • पहली और आखिरी सावधानी-नाबालिग को कभी भी काम पर न रखें। सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप जिसे काम पर रखना चाहते है वह 18 साल या उससे ज्यादा का हो। उसका बालिग होने का प्रमाण पत्र जरूर देखे। नाबालिग को काम पर रखने पर बाल श्रम कानून के तहत सजा हो सकती है।
  • घर में नाबालिग के काम करने की शिकायत किसी ने भी की तो चाइल्ड लेबर एक्ट, जुविनाइल जस्टिस एक्ट और बॉडेड लेबर एक्ट तीनों के तहत कार्रवाई हो सकती है। इसके तहत जुर्माना व तीन साल तक की सजा भी है।

बालिग नौकर के बारे में रखें सावधानी
  • अगर किसी भी वेबसाइट से नौकर हायर कर रहे हैं तो पहले वेबसाइट के बारे में पूरी जानकारी कर लें। उसकी उम्र अनिवार्य रूप से तस्दीक कर लें। किसी भी गैर पंजीकृत संस्था या कंपनी से नौकर हायर ना करें।
  • नौकरानी/नौकर को घर में प्रवेश देने से पहले ही उसका व उसके द्वारा दिए गए दस्तावेजों का पुलिस सत्यापन जरूर करा लें।
  • किसी वजह से पुलिस सत्यापन में देरी हो रही है तो उसका फोटो और जिस संपर्क से उसे रख रहे हैं, उसका पूरा विवरण जरूर अपने पास सुरक्षित रख लें।
  • नौकर या अपरिचितों के सामने कभी भी अपनी अलमारियों ना खोले। चाहे वह कितने दिन से भी काम पर क्यों ना हो। घर में कौन सा कीमती सामान कहां पर है, इसकी जानकारी उसे नहीं होनी चाहिए।
  • आंखें मूंदकर भरोसा न करें।
 
उप श्रमायुक्त अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि 14 साल से कम बच्चों को घर में काम पर नहीं रखा जा सकता है। अगर ऐसा मिलता है तो बाल श्रम कानून की धारा 3 व 3ए के तहत कार्रवाई की जाती है। इसमें 20 हजार रुपये का जुर्माना तत्काल देना होता है। साथ ही केस भी दर्ज कराया जाता है।
 
एसपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि घर हो या फैक्ट्री या दुकान नाबालिग लड़का हो या लड़की उसे काम पर रखने से तौबा करें। यह कानूनन गलत है। नाबालिग से तो काम करा ही नहीं सकते है। बालिग को भी काम पर रखना है तो इसका पुलिस सत्यापन कराना चाहिए। अगर सत्यापन नहीं कराते हैं तो इसमें भी पुलिस कानूनी कार्रवाई करती है।
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