फर्जी वोटिंग के प्रयास में पकड़ी गई युवती बोली क्लीनिक चलाने वाले प्रत्याशी के पति ने भेजा था वोट डालने

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 29 Dec 2020 01:02 AM IST
Girl bid, caught in fake voting attempt, husband of candidate running clinic had sent a person infected from Britain to vote, sent sample to Delhi for investigation
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नगर निगम, शहर के वार्ड 17, बूथ नंबर 171 में फर्जी मतदान का प्रयास करने के मामले में पकड़ी गई युवती ने अमन ज्योति ने चौका देने वाला खुलासा किया है। पुलिस पूछताछ में बताया कि वह रतनगढ़ में क्लीनिक चलाने वाले डॉ. संजय के कहने पर उनकी पत्नी रानो देवी जोकि पार्षद पद की प्रत्याशी हैं, के पक्ष में वोट डालने गई थी। संजय ने ही उसे असली वोटर शिप्रा पाहवा का वोटर कार्ड दिया था, ताकि किसी को उस पर शक न हो लेकिन वह फंस गई।
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सदर थाने में धारा 171-डी-एफ के तहत दर्ज केस में नामजद ज्योति ने कहा कि वह जग्गी सिटी सेंटर में कपड़ों के शोरूम में नौकरी करती है। वह संजय के क्लीनिक पर दवा लेने आती है। चुनाव की सुबह संजय ने उसे रोक कर वोटर कार्ड देकर वोट डालकर आने के लिए भेजा था। पूछने पर उसने कहा था कि कुछ नहीं होगा, वह नहीं फंसेगी, सब सामान्य रहेगा। घटना के दौरान कोई अंजान व्यक्ति शिप्रा के नाम का वोटर कार्ड भी ले गया। इसके लिए कोई सुविधा शुल्क नहीं लिया। ज्योति के अनुसार उसका अभी तक वोट नहीं बना है।

यह हुई थी घटना
सुबह करीब 10 बजे की घटना के अनुसार मास्क लगाकर मतदान करने पहुंची अमन ने अपना सीरियल नंबर 678 बताया। पोलिंग एजेंटों ने देखा तो उस नंबर पर शिप्रा पाहवा की फोटो थी। शक होने पर अभियोजन अधिकारी को बताया। शक होते ही जब पूछा गया तो उसके होश उड़ गए। आनन-फानन में इधर-उधर के जवाब दिए तो पुलिस को बुला लिया गया। ईवीएम और रिकार्ड में कोई दिक्कत न आए, इसके लिए सीरियल नंबर 679 नंबर की वोट डलवाई गई। उसके साथ मौजूद दूसरी युवती को इसलिए छोड़ दिया गया क्योंकि मामले में उसका कोई हाथ नहीं होना पाया गया। सुुरेश की शिकायत पर कार्रवाई की गई।
रतनगढ़ में क्लीनिक चलाने वाले डॉ. संजय शर्मा की पत्नी रानो देवी के पक्ष में आरोपी वोट डालने गई थी। संजय ने अमन ज्योति को शिप्रा का वोटर कार्ड देकर फर्जी वोट डालने भेजा था लेकिन वह पकड़ी गई। उसे जमानत पर रिहा किया जा चुका है। वह संजय से दवा लेने आती थी। अधिकारियों के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- महेश कुमार, एएसआई, तफ्तीश अधिकारी।
मैंने ऐसा कोई गलत काम नहीं किया है। मैं मौके पर था ही नहीं। वैसे भी मैं डॉक्टर नहीं हूं, मैंने मेडिकल शॉप कर रखी है। तमाम आरोप झूठे हैं, मैं महिला को जानता तक नहीं। उस पर प्रेशर बनाकर मेरा नाम लगवाया गया है। मैं जल्द परिवार से मिलूंगा। उसके बाद ही कुछ कहने की स्थिति में रहूंगा। मुझे बदनाम करने की कोशिश की गई है।
- संजय शर्मा, महिला प्रत्याशी के पति।

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