जमानत बचाने के लिए मेयर पद प्रत्याशी को लेने होंगे न्यूनतम 17614 वोट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Dec 2020 12:47 AM IST
To save bail, the candidate for the post of Mayor has to take a minimum of 17614 votes
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नगर निगम चुनाव में आज ईवीएम में दबे राज खुल जाएंगे। 198 बूथों पर कुल 56.3 प्रतिशत मतदान हुआ है, जबकि कुल 1 लाख 87 हजार 604 रजिस्टर्ड मतदाताओं में से केवल 1 लाख 5 हजार 683 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। चुनावी नियमों के अनुसार वोटों की गिनती में हर संबंधित चुनावी क्षेत्र के मतदान में डाले गए कुल वैध वोटों के 1/6 (एक बटा छ:) से अधिक (अर्थात 16.66 प्रतिशत से ज्यादा वोट) उम्मीदवारों द्वारा हासिल करना आवश्यक होता है, तभी उनकी जमानत राशि बच सकती है। कुल पड़े 1 लाख 5 हजार 683 वोटों का 16 .66 प्रतिशत 17 हजार 614 बनता है। इसी प्रकार हर वार्ड में मतदान के दिन पड़ी कुल वोटों के 16 .66 प्रतिशत से अधिक वोट लेने पर ही पार्षद के प्रत्याशियों की जमानत राशि बच सकेगी।
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महिला मेयर प्रत्याशी के लिए 5 तो पार्षद के लिए 3 हजार है जमानत राशि
हरियाणा नगर निगम नियमावली, 1994 के वर्तमान नियम 25 के अनुसार मेयर पद के उम्मीदवार के लिए जमानत राशि दस हजार रुपये जबकि नगर निगम सदस्य (पार्षद) के लिए तीन हजार रुपये हैं, हालांकि अगर उम्मीदवार अनुसूचित जाति (एससी), पिछड़ी जाति (बीसी) या किसी भी वर्ग की महिला है तो मेयर पद के लिए पांच हजार रुपये जबकि पार्षद के लिए एक हजार पांच सौ रुपये है। चूंकि अंबाला में मेयर पद महिला के लिए आरक्षित है, इसलिए यहां सभी सात महिला प्रत्याशियों द्वारा पांच पांच हजार रुपये की जमानत राशि जमा करवाई गई है।

अंबाला शहर में इस तरह हुई हैं जमानत राशि जब्त
अंबाला शहर विधानसभा हलके के इतिहास की बात करें तो विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार की एक बार, जबकि भाजपा प्रत्याशियों की दो बार जमानत जब्त हुई है। गत वर्ष अक्तूबर, 2019 विधानसभा चुनावों में शहर से कांग्रेस उम्मीदवार जसबीर मल्लौर ने कुल पड़े 1 लाख 53 हजार 772 वोटों में से केवल 20091 (13.07 फीसदी) वोट हासिल किए। इसी कारण जमानत जब्त हो गई थी। इससे पहले फरवरी, 2005 विधानसभा चुनावों में भाजपा की वीना छिब्बर को शहर में कुल पड़े 78444 वोटों में से केवल 9387 वोट अर्थात 11.97 प्रतिशत वोट ही मिले थे और उनकी भी जमानत जब्त हो गई थी। इसके बाद अक्तूबर, 2009 विधानसभा चुनावों में भाजपा की मेयर प्रत्याशी डॉ. वंदना शर्मा के पति डॉ. संजय शर्मा को तब डाले गए कुल 1 लाख 31 हजार 569 वोटों में से 12741 वोट मिले पाए थे, जो मात्र 9.68 प्रतिशत बनते थे ऐसे में संजय शर्मा भी जमानत राशि नहीं बचा पाए थे।
निश्चित तौर पर मेयर पद प्रत्याशी को जमानत जब्त होने से बचाने के लिए कम से कम 17 हजार 614 वोट लेनी होंगी। अंबाला शहर विधानसभा चुनाव में भाजपा के डॉ. संजय शर्मा और वीना छिब्बर और कांग्रेस के जसबीर मलौर की जमानत जब्त हो चुकी है।
- हेमंत कुमार, चुनाव विश्लेषक।

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