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...मारकंडा में छोड़ा जाएगा पानी, सूचना मिलते ही सैकड़ों लोग पहुंचे, पांव फिसलने से एक डूबा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Jul 2021 12:36 AM IST
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गोताखोर मारकंडा नदी में कूदने से पहले तैयारी करते हुए।
गोताखोर मारकंडा नदी में कूदने से पहले तैयारी करते हुए। - फोटो : Ambala
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मारकंडा नदी में पानी आ सकता है, आप ध्यान रखें, नदी के पास न जाएं... गांव सबगा में मारकंडा मंदिर में इस घोषणा के बाद सैकड़ों लोग मारकंडा नदी तट पर पहुंच गए। इनमें गांव का ही 45 वर्षीय धर्मबीर भी शामिल था। धर्मबीर भी नदी में पानी के बहाव को देख रहा था। दोपहर करीब 12 बजे अचानक उसका पांव फिसल गया। धर्मबीर ने खूब-हाथ पांव मारे और जान बचाने के लिए चिल्लाना शुरू किया, लेकिन उस समय जो भी लोग मारकंडा पर पहुंचे थे, उनमें से ज्यादातर को तैरना नहीं आता था। लोगों ने पुलिस को सूचना दी।
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इसके बाद मौके पर पुलिस और एंबुलेंस भी आ गई, लेकिन करीब डेढ़ घंटे के बाद भी तैराक नहीं आए। दोपहर करीब दो बजे तक जब गोताखोर नहीं आए तो लोगों ने विरोध किया। मुलाना, बराड़ा में गोताखोर भी नहीं थे इसीलिए अंबाला से गोताखोर बुलाए गए। मौके पर तीन गोताखोर पहुंचे। देर शाम तक नदी में शव को ढूंढा, लेकिन नहीं मिला। सूचना मिलते ही साहा से नायब तहसीलदार अरुण लुहान मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शाहाबाद व झांसा पुलिस को भी सूचना दी कि शायद वह साइफन पर मिल जाए। लेकिन उसका कहीं सुराग नहीं लगा।

धर्मबीर की कोई संतान नहीं है। परिवार में पत्नी, मां और पिता रोणकी राम का रो-रोककर बुरा हाल था। मां विलाप करते हुए मारकंडेश्वर भगवान से अपने लाल को वापस लौटाने की गुहार लगा रही थी। पत्नी भी पति को लौटाने के लिए प्रार्थना करती रही। समाचार लिखे जाने तक धर्मबीर का कोई सुराग नहीं लगा।
मारकंडा में तीसरी बार हुई घटना, एक की हो चुकी पहले मौत
गत सप्ताह जब एसडीएम ने मारकंडा का दौरा किया था तो नदी में कुछ बच्चे नहाते मिले थे। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए सुरक्षा के बंदोबस्त के आदेश दिए थे, लेकिन इसका असर प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों पर कहीं नजर नहीं आया। करीब 15 दिन पहले नारायणगढ़ मारकंडा में भी अचानक पानी आने से एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई थी।
तीन से 10 फुट तक है इस समय पानी
मारकंडा नदी बरसाती नदी है। बरसाती दिनों में मारकंडा नदी का जलस्तर घटता-बढ़ता रहता है। कहीं पर जलस्तर पांच फीट गहरा तो कहीं पर दस फीट है। पहाड़ी पानी आ जाने पर नदी में और उफान आ जाता है। साहा के नजदीकी गांव सबगा के पास मारकंडा नदी उफान पर है। इसीलिए मंदिर के माध्यम से घोषणा करवाई गई थी कि सचेत रहें, नदी में पानी आ सकता है। इसी कारण गांव के कुछ लोग मारकंडा नदी में आए उफान को देखने चले गए।
डीसी ने भी दिए थे गश्त के निर्देश
एसडीएम के अलावा खुद डीसी विक्रम सिंह इस बारे में तीन बार अधिकारियों की बैठक लेकर मारकंडा व अन्य नदियों के पास गश्त बढ़ाने के आदेश दे चुके हैं। डीसी ने इसके लिए टीमों का भी गठन किया था, लेकिन सब कुछ कागजों में ही सिमट गया।
सूचना मिलते ही साहा नायब तहसीलदार अरुण लुहान के साथ मौके पर चला गया था। अंबाला से तीन गोताखोर आए। नदी में उतरे, लेकिन धर्मबीर नहीं मिला। हमने शाहाबाद मारकंडा व झांसा में सूचित कर दिया है। वहां पर साइफन है। हो सकता है धर्मबीर वहां तक बहकर चला गया हो।
-बलकार सिंह, थाना प्रभारी, साहा।
मारकंडा नदी के पास जमा लोग।
मारकंडा नदी के पास जमा लोग।- फोटो : Ambala
गांव सबगा स्थित मारकंडा नदी में डूबे व्यक्ति को ढूंढते तैराक।
गांव सबगा स्थित मारकंडा नदी में डूबे व्यक्ति को ढूंढते तैराक।- फोटो : Ambala

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