जब समय पर नहीं मिली मदद तो शुरू की धर्मार्थ एंबुलेंस सेवा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 16 Oct 2021 10:06 PM IST
सेवा कार्य करते संस्था के सदस्य।
सेवा कार्य करते संस्था के सदस्य। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। जीवन में हमारे सामने कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं, जो बड़ा प्रभाव डालती है। ऐसी ही एक घटना करीब पांच साल पहले 28 दिसंबर 2016 को भिरडाना में घटित हुई। ट्रक चालक ने आईटीआई जा रहे तीन छात्रों को कुचल दिया। मगर समय पर एंबुलेंस की मदद नहीं मिली। इस घटना ने गांव भिरडाना के युवक विजय सहारण को झकझोर दिया। उसने बाबा श्याम वेलफेयर सोसायटी का गठन कर संस्था की एंबुलेंस चलाकर लोगों की सेवा शुरू कर दी।
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यह एंबुलेंस अब तक 1671 लोगों के काम आ चुकी हैं। निर्धन परिवारों के जरूरतमंदों को संस्था द्वारा निशुल्क एंबुलेंस उपलब्ध करवाई जाती है जबकि सामर्थवान लोगों से नाममात्र किराया लिया जाता है। अपने ऐसे ही प्रयासों से यह संस्था जिले की सक्रिय संस्थाओं में प्रमुख स्थान हासिल कर चुकी है। फिलहाल संस्था में 23 लोगों की टीम आपसी सहयोग से समाजसेवा के कार्यों को पूरा कर रही है। जिला पुलिस प्रशासन को अगर कोई लावारिस शव मिलता है, तो उसका अंतिम संस्कार करवाने के लिए उनके पास सिर्फ इसी संस्था का विकल्प होता है। बाबा श्याम वेलफेयर सोसायटी अब तक 78 लावारिस शवों का विधि-विधान से अंतिम संस्कार करवा चुकी है।

एक एकड़-एक पौधा अभियान चलाया
इसके अलावा संस्था ने पौधरोपण की मुहिम भी शुरू की। इसके लिए एक एकड़-एक पौधा अभियान चलाकर किसानों को साथ जोड़ते हुए सालभर में तीन हजार पौधे खेतों में लगवाए गए हैं। संस्था सदस्यों का मानना है कि खेत में लगाए गए पौधे को अधिक देखभाल की जरूरत नहीं होती।
कोरोना काल में हर रोज 400 लोगों तक पहुंचाते थे भोजन
हमारी संस्था द्वारा जिला प्रशासन के आदेशों पर कोरोना काल में 400 परिवारों तक दोनों समय भोजन पहुंचाती थी। संस्था की सेवाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भी सम्मानित कर चुके हैं।
कुशल गेरा, सदस्य।
घायल पशुओं का भी करवाते हैं इलाज
हमारी सोसायटी द्वारा सड़क पर घायल गोवंशों को गो चिकित्सालय पहुंचाकर उनका इलाज भी करवाया जाता है। जहां से सूचना मिलती है, टीम मौके पर पहुंचती है।
लवली महता, सदस्य।
मानवता की सेवा ही उद्देश्य
हमारी सोसायटी का मुख्य उद्देश्य मानवता की सेवा है। जरूरतमंद के समय पर काम आया जा सके, इससे बड़ी सेवा नहीं हो सकती। यही सोचकर हर सदस्य काम करता है।
राकेश बिश्नोई, सदस्य।
यह किए गए प्रमुख कार्य
कोरोना की दूसरी लहर में 73 लोगों को ऑक्सीजन सिलिंडर उपलब्ध करवाए।
धुंध में हादसों को रोकने के लिए 500 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रिफ्लेक्टर लगवाए।
किसान आंदोलन में दिल्ली में टैंकर से पेयजल सेवा की।
रक्तदान शिविर भी लगवाए गए।
ये हैं संस्था में प्रमुख सदस्य
संस्था में मुख्य सेवादार विजय भिरडाना, उपप्रधान रोशनलाल कंबोज, सचिव डॉ. विक्रम चौधरी, सुनैना कैलाश गेरा, विक्रम गोदारा खजूरी, सुनील राईका, कर्मवीर राईका, सूरज बजाज, मोहित मुखी, गुरनाम सालमखेड़ा, बजरंग गोदारा, रमेश ढाका, प्रवीन सचदेवा, खुशहाल गेरा, हन्नी नारंग, कुलवीर खिचड़, माणिक मेहता, करण गेरा, मुकुल गेरा, प्रेम कुमार सिगड़ व सतीश बिश्नोई प्रमुख सदस्य हैं।
संस्थाएं हमसे करें संपर्क...
जिले के विकास में सामाजिक संस्थाओं का भी अहम योगदान हैं। शहर व जिले की सामाजिक संस्थाएं मानवता भलाई के कार्यों में लगातार जुटी हुई है। ऐसी ही संस्थाओं के इतिहास व भविष्य की योजनाओं से अमर उजाला अपने पाठकों को रूबरू करवाने के लिए मेरा शहर-मेरी संस्था अभियान शुरू कर रहा है। इस अभियान में शामिल होने के लिए संस्थाओं के पदाधिकारी हमसे इन नंबरों 9528032467 पर संपर्क कर सकते हैं।

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