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रणजीत सिंह हत्याकांड: बेटा बोला- भगवान के घर देर है अंधेर नहीं, राम रहीम समेत पांच को सुनाई जाएगी सजा

अजय जौली, संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Sat, 09 Oct 2021 02:48 AM IST

सार

रणजीत सिंह हत्याकांड मामले में शुक्रवार को 19 साल बाद सीबीआई की विशेष कोर्ट ने गुरमीत राम रहीम सिंह समेत पांच आरोपियों को दोषी करार दिया। सभी को 12 अक्तूबर को सजा सुनाई जाएगी। दोषियों में राम रहीम, कृष्ण कुमार, अवतार, जसवीर और सबदिल शामिल हैं।
इनसेट में राम रहीम व रणजीत सिंह की फोटो और रणजीत सिंह का मकान।
इनसेट में राम रहीम व रणजीत सिंह की फोटो और रणजीत सिंह का मकान। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

पंचकूला सीबीआई कोर्ट द्वारा राम रहीम को दोषी ठहराए जाने पर रणजीत के पुत्र जगसीर सिंह ने कहा कि भगवान के घर देर है अंधेर नहीं। देर से ही सही लेकिन सत्य की जीत हुई है। आज वह अपने दादा जोगिंदर सिंह व दादी कला देवी को बहुत याद कर रहे हैं, जिन्होंने पिता के कातिलों को सजा दिलाने के लिए उम्र के अंतिम पड़ाव तक संघर्ष किया। 

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उन्होंने बताया कि इस दिन का इंतजार रणजीत के माता-पिता आखिरी दम तक करते रहे। 10 जुलाई 2002 को खानपुर कोलियां के रणजीत सिंह जो डेरे की प्रबंधन समिति के सदस्य थे। उनकी गांव में उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वे शाम चार बजे खेतों में अपने पिता को चाय देने के बाद घर लौट रहे थे। 


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मामले की जांच पुलिस कर रही थी लेकिन मृतक रणजीत सिंह के पिता जोगिंदर सिंह इससे संतुष्ट नहीं थे और उन्होंने 2003 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की थी। जिसके बाद आरोपियों के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज किया था। बताया जाता है कि रणजीत की हत्या के पीछे गहरी साजिश थी। 

डेरा मुखी राम रहीम को शक था कि साध्वियों द्वारा लिखा गया पत्र रणजीत ने अपनी बहन से लिखवाया था और इसलिए रणजीत सिंह की हत्या करने की योजना बनाई गई थी। यह बात भी सामने आई थी कि दुष्कर्म की घटना के बाद रणजीत ने डेरा छोड़ दिया था और उस पर दोबारा से डेरे का मैनेजर बनने का दबाव डाला जा रहा था। जब रणजीत सिंह नहीं माना तो गांव के पास ही उसकी हत्या कर दी गई थी।

2007 में आरोपियों पर सीबीआई अदालत ने आरोप तय किए थे और अदालत में नियमित सुनवाई हो रही थी। सीबीआई अदालत तक ले जाने वाले रणजीत सिंह के पिता जोगिंदर सिंह ने उम्र के आखिरी पड़ाव तक संघर्ष किया। 80 साल की उम्र में वर्ष 2016 में उनका देहांत हो गया। वहीं दो साल बाद 70 साल की उम्र में माता कला देवी भी दुनिया में नहीं रहीं। 

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फांसी की सजा दी जाए वो भी कम है: जगसीर
रणजीत के पुत्र ने फोन पर बातचीत के दौरान बताया कि आज इंसाफ मिला है। पिता के हत्यारे राम रहीम सहित पांच को दोषी करार दिया गया है। 12 को सजा सुनाई जाएगी। इस अपराध के लिए राम रहीम को फांसी की सजा भी दी जाए वो भी कम है। दादा-दादी आज जिंदा होते तो पुत्र को मिले इंसाफ के लिए बहुत खुश होते। आज भगवान ने सिद्ध कर दिया कि उसके घर देर है अंधेर नहीं। आखिर 19 साल बाद सच की जीत हुई।

घर पर कड़ी सुरक्षा, अंजान का प्रवेश निषेध
अदालत के फैसले से पहले ही परिवार को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। रणजीत के खानपुर कोलियां स्थित निवास पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध हैं। किसी भी अनजान व्यक्ति का घर में प्रवेश निषेध है। फिलहाल परिवार कहां है यह किसी को भी मालूम नहीं है। बताया जा रहा है कि परिवार को 12 तारीख तक कड़ी सुरक्षा के बीच रखा जाएगा।
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