लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul ›   Allegations of corruption on former SDM of Mahendragarh, DC handed over investigation to ADC

महेंद्रगढ़ के पूर्व एसडीएम पर भ्रष्टाचार के आरोप, डीसी ने एडीसी को सौंपी जांच

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 28 Sep 2022 12:21 AM IST
Allegations of corruption on former SDM of Mahendragarh, DC handed over investigation to ADC
विज्ञापन
ख़बर सुनें
नारनौल। महेंद्रगढ़ उपमंडल के तत्कालीन एसडीएम व वर्तमान में अंबाला में तैनात डीएमसी दिनेश कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। गुप्तचर विभाग के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) विजय प्रताप ने भ्रष्टाचार के मामले की जांच के लिए उपायुक्त डॉ. जयकृष्ण आभीर को पत्र भेजा है और जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट भेजने की बात कही है। इसको संज्ञान में लेते हुए उपायुक्त ने प्रकरण की जांच अतिरिक्त उपायुक्त सलोनी सिंह को सौंपी है।

बता दें कि दिनेश कुमार मार्च 2021 में तबादला होकर बतौर महेंद्रगढ़ एसडीएम आए थे। मई 2021 में नगरपालिका भंग होने पर नपा की शक्तियां एसडीएम के पास चली गई थीं। इसके बाद एसडीएम ने शहर में विकास कार्य करवाए थे। पार्क की मरम्मत, राव तुलाराम चौक से चिंकारा कैंटीन तक सड़क, सिनेमा रोड, रेलवे रोड, शॉपिंग कॉम्पलेक्स रोड, गोशाला रोड, मसानी रोड दुरुस्त कराई गई थी। बारिश के पानी की निकासी के लिए अंडर ग्राउंड पाइपलाइन भी डाली गई थी। इसके अलावा अन्य कार्य भी हुए थे जिनपर करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे। इसके बाद रेलवे रोड से खोखा हटाने के प्रकरण में मई 2022 में उनका तबादला हो गया। उसके बाद गुप्तचर विभाग की टीम ने विकास कार्यों में गड़बड़ी का अंदेशा जताते हुए एक रिपोर्ट एडीजीपी गुप्तचर विभाग को भेजी थी। मामले एडीजीपी गुप्तचर विभाग ने प्रकरण की जांच के लिए उपायुक्त को पत्र भेजा है।

पत्र में आरोप लगाया गया है कि नगरपालिका में 50 करोड़ रुपये थे। एसडीएम दिनेश कुमार ने अपनी पहुंच का इस्तेमाल करते हुए एमई योगेश राठी एवं जेई सागर मलिक का तबादला करवाया। इसके बाद टेंडर आमंत्रित किए गए। इनमें ऐसी शर्तें रखीं कि इनके चहेते ठेकेदार पूरा कर सकते थे। अग्रसेन शॉपिंग कॉम्पलैक्स महेंद्रगढ़ में पहले सीमेंट तथा कंकरीट की सड़क बनी हुई थी जो कुछ जगहों से टूटी हुई थी। इस सड़क के निर्माण का ठेका एक ठेकेदार को दे दिया था। बाद में उस ठेकेदार ने किसी दूसरे ठेकेदार को काम दे दिया जो नियम विरुद्ध था। दूसरे ठेकेदार ने सड़क निर्माण में भूमि समतलीकरण, बेस तैयार करने का कार्य किया जो टेंडर में इसमें शामिल नहीं थे। इसके लिए अलग से सवा चार लाख रुपये राशि जारी की गई थी जबकि ये कार्य किए नहीं गए थे।
आरोप लगाया गया है कि सीवर लाइन पहले से डली हुई थी लेकिन इस टेंडर में नये सीवर चैंबर व फिल्टर कनेक्शन के नाम पर 3.60 लाख रुपये की राशि जारी करवाई गई लेकिन ठेकेदार ने यह कार्य नहीं किया।
-
मलबा डालने का स्थान दिखाया सात किमी और डाला 300 मीटर दूर
पुरानी सड़क को तोड़ने पर निकले मलबे को शहर से सात आठ किलोमीटर दूर डालने के नाम पर 6.92 लाख रुपये की राशि दर्शाई गई जबकि मलबा 300 मीटर दूर चौधरी देवीलाल पार्क में डलवाया गया था। बाद में इसका लेवल किया गया। कार्य के दौरान लगभग 2 लाख रुपये के लोहे के सरिये दर्शाए गए हैं जबकि इस निर्माण कार्य में सरिये का इस्तेमाल हुआ ही नहीं। अन्य कार्यों में भी इसी प्रकार की अनियमितताएं बरती गई हैं।
-
वर्जन:
अभी मैंने कुछ दिनों पहले ही ज्वाइन किया है। अभी इस मामले में मुझे कुछ नहीं पता है। जल्द ही जांच करवाकर रिपोर्ट उपायुक्त को सौंप दी जाएगी।-सलोनी सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त।
विज्ञापन
-
वर्जन:
मेरे समय में केवल एसडीएम आवास की ओर जाने वाली और मसानी चौक से माजरा चुंगी रेलवे फाटक तक जाने वाली सड़क बनाई गई थी। बाकी की टेंडर प्रक्रिया पहले ही हो चुकी थी।- दिनेश कुमार, पूर्व एसडीएम महेंद्रगढ़ (वर्तमान डीएमसी, अंबाला)

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00