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डॉक्टर साहब पीड़ित परिवार की सुन लो, कहीं ऐसा न हो कल हम न सुनें

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 18 May 2021 01:43 AM IST
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पलवल। डॉक्टर साहब पीड़ित परिवार की सुन लो, कहीं ऐसा न हो कल हम न सुने। हम भी पलवल के ही हैं और पलवल हिंदुस्तान में ही है न कि पाकिस्तान में। इसलिए मरीजों को लूटना बंद कर दो। यह कहना था संदीप मंगला, युद्धवीर देशवाल व रवि रावत नामक युवकों का। उक्त युवकों द्वारा सोशल मीडिया पर भी पलवल के एपेक्स अस्पताल द्वारा दो घंटे के 55 हजार रुपये वसूलने पर लोगों में गुस्सा बढ़ रहा है। अब लोग सोशल मीडिया व ट्विटर के माध्यम से इन निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों से तय रेट से भी कई गुणा बिल वसूलने की शिकायतें मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को भी करनी शुरू कर दी हैं। लोगों का कहना है कि यदि अब जल्द ही इन निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों से बिल के नाम पर लूट बंद नहीं की तो वे मजबूर होकर इन अस्पताल संचालकों के खिलाफ सड़क पर उतर आएंगे तथा भूल जाएंगे कि लॉकडाउन लगा हुआ है।
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पलवल स्थित एपेक्स अस्पताल द्वारा एक मरीज को अस्पताल में भर्ती कर मात्र दो घंटे में 55 हजार रुपये का बिल वसूलने की कापी डालकर पोस्ट शेयर की जा रही है। इस पोस्ट के माध्यम से बताया जा रहा है कि एपेक्स अस्पताल द्वारा न सिर्फ अस्पताल में आए मरीज की दो घंटे में ही मौत के बाद भी 55 हजार रुपये वसूल किए गए, बल्कि परिजनों को इतना बिल मांगने पर धमकियां भी दी गई। इस पोस्ट के शेयर होते ही पलवल के युवा सक्रिय हो गए हैं। हाल ही में निजी अस्पतालों के खिलाफ प्रदर्शन करने की अनुमति मांगने वाले युवा रवि रावत व उनके साथियों ने भी अब निजी अस्पताल संचालकों को चेतावनी दी है कि यदि मरीजों से तय रेट से अधिक की गई वसूल राशि वापिस नहीं की गई तो वे सड़कों पर उतर आएंगे।

उक्त युुवाओं ने इस संदर्भ में उपायुक्त को भी शिकायत भेजकर चेतावनी दी है कि यदि अस्पताल संचालक द्वारा यह 55 हजार रुपये की राशि वापिस नहीं की और अन्य निजी अस्पतालों द्वारा अब तक लोगों से मामूली उपचार के जो लाख-लाख रुपये वसूल किए हैं, वे वापिस नहीं किए तो फिर उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उधर जिला बार एसोसिएशन भी इन युवाओं के साथ आ खड़ी हुई है। बार के प्रधान दीपक चौहान ने चेतावनी दी है कि वे अदालत में इन अस्पताल संचालकों के साथ-साथ प्रशासन को भी घसीटेगे। अब मामला पलवल में तूल पकड़ने लगा है। रवि रावत का कहना है कि अब पलवल में आक्रोश बढ़ रहा है और इसका खामियाजा निजी नर्सिंग होम संचालकों को भुगतना पड़ेगा।
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अस्पताल ने नहीं की बात
इस संबंध में अस्पताल संचालक से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया और उनसे संपर्क नहीं हो पाया। कई बार संपर्क करने का प्रयास किया।
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जांच कमेटी ने ज्यादा बिल वापस कराए हैं
जिन निजी अस्पतालों द्वारा तय रेट से अधिक बिल वसूला है, उनकी शिकायत मिलने पर जांच कराई जा रही है। जांच कमेटी बना रखी है। बीच में भी एक अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मरीज द्वारा दिए गए बिल की अधिक राशि को वापिस कराया गया था। जांच के दौरान जो दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-नरेश नरवाल, उपायुक्त पलवल

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