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यमुना में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा, फसल हुई जलमग्न

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 31 Jul 2021 07:33 PM IST
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पलवल में इंद्रानगर के समीप खेतों में घुसा यमुना का पानी।
पलवल में इंद्रानगर के समीप खेतों में घुसा यमुना का पानी। - फोटो : Palwal
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पलवल (प्रवीण बैंसला)। हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद जिले में यमुना नदी उफान पर आने लगी है। पानी बढ़ने के कारण यमुना से सटे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पानी खेतों में भरने लगा है, जिससे किसानों को फसल खराब होने का डर सता रहा है। आशंका जताई जा रही है कि इसी तरह पानी बढ़ता गया तो अगले एक-दो दिन में बाढ़ का पानी गांवों में घुसने लगेगा। उसके बावजूद प्रशासन की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया है।
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ग्रामीणों की माने तो पिछले तीन दिनों से यमुना में पानी लगातार बढ़ रहा है, परंतु अभी तक प्रशासन की तरफ से कोई इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। कई बार हुई प्रशासनिक बैठकों में इंतजाम के लिए जिला उपायुक्त ने निर्देश दिए हैं, परंतु अभी तक कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। दरअसल, हथिनी कुंड बैराज से मंगलवार को 1.60 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। लगातार हो रही बारिश से बृहस्पतिवार को पानी का बहाव तेज हो गया। शुक्रवार को यमुना नदी के साथ लगते गांव गुरवाड़ी, राजपुर खादर, दोस्तपुर, थंथरी, हंसापुर, अतवा, मुस्तफाबाद, काशीपुर, रहीमपुर, सुलतापर, अच्छेजा, इंदिरा नगर, मोहब्लीपुर, माहौली में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है।

घरों में भी घुसने लगा है पानी
गांव इंदिरा नगर में यमुना का पानी खेतों में घुसने लगा है। पानी से धान व ज्वार की फसल डूबने लगी है। इन गांवों में पानी घरों में भी घुस जाता है। करीब 15 दिन पूर्व पलवल की एसडीएम आइएएस वैशाली सिंह ने संभावित गांवों का दौरा किया था। दौरा करने के बाद अधिकारियों को आदेश दिए थे कि यमुना का जलस्तर बढ़ने व बरसाती मौसम को देखते हुए संभावित बाढ़ प्रभावित रहीमपुर, अच्छेजा, इंद्रानगर आदि गांवों के रास्ते पर मिट्टी डालकर ऊंचा कर रास्ते को सुगम बनाया जाए, ताकि जलस्तर बढ़ने पर गांवों में पानी घुसे तो ग्रामीणों को परेशानी न हो, लेकिन आज तक इस पर अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया है। हालात ये हैं कि अब जिस तरह से यमुना में जलस्तर बढ़ना शुरू हो रहा है, उसे देखते हुए प्रभावित गांवों के लोगों में डर बैठना शुरू हो गया है। दो साल पहले बाढ़ आने पर सारी फसल खराब हो गई थी, जिसका मुआवजा नहीं मिला है। इसके अलावा गांवों में भी पानी भर जाता है।
इंतजाम का दावा होता है पर बाद में भूल जाते हैं
जलस्तर बढ़ने पर हर साल गांव में पानी घरों के अंदर तक घुस जाता है। हर साल अपने स्तर पर मिट्टी लगाकर पानी भरने से रोकने का प्रयास करते हैं, लेकिन बाढ़ आने पर हर साल नुकसान हो जाता है। प्रशासन स्थायी इंतजाम करने का दावा करता है, लेकिन बाद में सब भूल जाते हैं।
- ओमकार, निवासी इंद्रानगर
खेतों में पानी भरने से फसल खराब हो जाती है। गांव का रास्ता भी कीचड़ से लबालब है। रास्ते से पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। पिछले दिर्नों आइं एसडीएम ने मिट्टी डलवाकर रास्ता ऊंचा करने के निर्देश दिए थे, परंतु अभी तक कोई भी कार्य यहां नहीं हुआ है। पानी को रोकने के लिए कट्टों में भरकर मिट्टी लगाई जाती है, इस बार यह काम नहीं हुआ है।
- सुशील, निवासी इंद्रानगर
बाढ़ संभावित गांवों में पूरे इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर पूरा ध्यान रखा जाएगा। जहां रास्ते नीचे हैं, वहीं मिट्टी डालकर उन्हें ऊंचा किया जाएगा। कट्टों में मिट्टी भरकर उन्हें इस तरह लगाया जाएगा कि गांवों में पानी न भरे। गांवों में पानी घुसने पर राहत शिविर भी लगाए जाएंगे, जिसको लेकर दौरा किया जा रहा है।
- नरेश नरवाल, उपायुक्त, पलवल
हसनपुर क्षेत्र में गांवों में कराई गई मुनादी
हसनपुर क्षेत्र में यमुना से सटे गांवों में बाढ़ के खतरे को लेकर प्रशासन ने मुनादी करवानी शुरू कर दी है। हसनपुर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि यमुना में पानी का स्तर बढ़ रहा है, जिसको देखते हुए यमुना से सटे गांवों में मुनादी करवाकर ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। ग्रामीणों को पानी बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर जाने की हिदायत दी जा रही है।
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