रोजाना चाहिए 4 हजार, मिले 525 इंजेक्शन, कैसे रुकेगा फंगस

Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 30 May 2021 01:28 AM IST
Crisis of black fungus injection in haryana.
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चंडीगढ़। प्रदेश में ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या 816 के हिसाब करीब चार हजार इंजेक्शन रोजान की जरूरत है, लेकिन सरकार के पास इसका स्टॉक काफी कम है। हरियाणा को केंद्र से मिले 525 इंजेक्शन मरीजों के लिए एक दिन का भी स्टॉक नहीं है। ब्लैक फंगस के मरीजों को अनुमान के तौर पर रोजाना 4 के करीब इंजेक्शन दिए जाते हैं, लेकिन कमी के चलते दो से तीन दिन में एक एक इंजेक्शन दिया जा रहा है। कई जगहों पर इसकी कमी से आपरेशन अटक गए और मरीज दम तोड़ रहे हैं। मेडिकल कालेजों में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
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पीजीआई रोहतक को मिले 229 ब्लैक फंगस के इंजेक्शन
ब्लैक फंगस के मिले 525 इंजेक्शन में से पीजीआई रोहतक को 229, बीपीएसजीएमसी सोनीपत को 27, एचएचकेजीएससी, मेवात को 37, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल को 88, अग्रोहा मेडिकल कॉलेज हिसार को 124 इंजेक्शन मिले हैं। इन इंजेक्शन के मुकाबले मरीजों की संख्या देखें तो यहां पर अधिक मरीज दाखिल हैं। रोहतक में 123, खानपुर में 15, मेवात 21, करनाल 50 और अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में 81 मरीज दाखिल हैं। ऐसे में मरीज को जरूरत के मुताबिक इंजेक्शन नहीं लगाए जा रहे है। एक नहीं सभी मेडिकल कॉलेज के यही हालात हैं।

975 इंजेक्शन लगाने की मंजूरी : विज
हरियाणा में तकनीकी समिति ने 515 मरीजों को एम्फोटेरिसिन-बी के 975 इंजेक्शन लगाने को मंजूरी दी है। केंद्र से करीब 12 हजार इंजेक्शन की डिमांड कर रखी है, साथ ही ग्लोबल टेंडर भी जारी किया गया है। उम्मीद है जल्द ही ब्लैक फंगस के इंजेक्शन की कमी दूर हो जाएगी। - अनिल विज, स्वास्थ्य मंत्री।
ब्लैक फंगस में शुगर और कोरोना का कनेक्शन
चंडीगढ़। ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के और रिसर्च और शोध की बात कहने के बाद स्वास्थ्य विभाग लगातार विश्लेषण कर रहा है। विशेषज्ञों द्वारा जताई गई आशंका अब तथ्यों से मेल खा रही है। डॉक्टरों का कहना था कि ब्लैक फंगस का शुगर, स्टेरॉयड या फिर कोरोना से कनेक्शन है। नए विश्लेषण में ये बात पुख्ता हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से ब्लैक फंगस के 577 मरीजों का विश्लेषण किया गया है। इनमें 442 पुरुष हैं और 135 महिलाएं हैं। जांच में ये बात सामने आई है कि 577 में से करीब 88 प्रतिशत 508 मरीज शुगर से पीड़ित हैं। इसी प्रकार, मरीजों का विश्लेषण करने पर यह पाया गया कि इनमें से लगभग 86 प्रतिशत कोविड-19 वायरस से पीड़ित रहे हैं। 498 मरीज कोविड पॉजिटिव पाए गए। 79 मरीजों में कभी भी कोविड संक्रमण के पीड़ित होने का कोई लक्षण नहीं पाया गया। 462 मरीजों को स्टेरॉयड थेरेपी एवं 254 मरीजों को ऑक्सीजन थेरेपी दी गई है, 61 मरीज अन्य बीमारियों से ग्रस्त हैं।

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