पंचकूला में सरकारी के अलावा निजी अस्पतालों में भी होगा ब्लैक फंगस का मुफ्त इलाज

Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 23 May 2021 01:37 AM IST
In Panchkula, apart from government, private hospitals will also get free treatment of black fungus
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पंचकूला। देश के कई राज्यों से ब्लैक फंगस के मरीज सामने आ रहे हैं। इसको देखते हुए पंचकूला जिले में अगर कोई ब्लैक फंगस का मरीज सामने आता है तो राज्य सरकार ने उसके इलाज के लिए अस्पतालों को अधिकृत कर रोगियों के उपचार की व्यवस्था की है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से ब्लैक फंगस से बचाव के लिए जरूरी हिदायतें भी जारी की गई हैं। यह जानकारी उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने शनिवार को दी।
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उपायुक्त ने बताया कि हरियाणा सरकार ने ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए इसे अधिसूचित रोग घोषित कर दिया है। कोरोना संक्रमित हुए मरीजों में ब्लैक फंगस नाम की बीमारी भी चिन्ह्ति हुई है। उपायुक्त ने बताया कि ब्लैक फंगस एक प्रकार का फंगल संक्रमण है, जो सांस के रास्ते पहले नाक और साइनस, फिर आंख, फेफड़े और मस्तिष्क को तेजी से प्रभावित कर सकता है। यह ज्यादातर कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले डायबिटीज मरीजों को अपना शिकार बनाता है। हाल ही में सामने आया है कि कोविड से उभरे लोग भी इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं।

ब्लैक फंगस के मुख्य लक्षण
उपायुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने बताया कि चेहरे पर एक तरफ सूजन, दर्द या सुन रहना, तालू, नाक या चेहरे पर कालापन या लाल चकत्तों के निशान होना, नाक बंद होना, सूखापन या नाक से काले से कण या द्रव्य का स्राव होना, आंख की पुतली का नीचे झुकना या सूजना, आंख में सूजन, दर्द और सिरदर्द रहना, कम दिखाई देना या दांतों में दर्द या इनका ढीला पड़ना आदि ब्लैक फंगस के लक्षण हैं। अगर किसी भी व्यक्ति को इस तरह के लक्षण दिखाई देते हैं तो वह तुरंत अपने चिकित्सक से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि यह रोग मुख्यत: ऐसे डायबिटिक मरीज, जिनमें शुगर स्तर अनियंत्रित रहता है। साथ ही कोविड में कम हुई रोग प्रतिरोधक क्षमता स्टेरॉइड के सेवन से और कम हो जाती है या जो लोग लंबे समय से ऑक्सीजन के सहारे हैं। ऐसे रोगियों को होने की संभावना बनी रहती है।
कैंसर ग्रस्त और जिन्हें नया अंग लगा हो ऐसे व्यक्ति जल्द होते हैं प्रभावित
वहीं, जो कैंसर ग्रस्त मरीज होते हैं या जिन्हें नया अंग लगा हो, ऐसे व्यक्तियों के भी इस बीमारी से पीड़ित होने की संभावना अधिक रहती है। इसलिए ऐसे व्यक्ति समय-समय पर ईएनटी विशेषज्ञ से अपनी नाक की दूरबीन से जांच करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस रोग के सफल इलाज में सबसे अहम बात यह है कि इसका जल्द से जल्द पता लगाकर अगर तुरंत उपचार किया जाए। क्योंकि ये फंगस शरीर में तेजी से फैलती है। आंखों के प्रभावित होने पर रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है, वहीं मस्तिष्क में पहुंचने पर यह जानलेवा हो सकती है। ब्लैक फंगस से बचाव के लिए नागरिक अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखें, अपनी शुगर स्तर को नियंत्रित रखें। स्टेरॉयड जैसी दवाएं केवल विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार ही लें। बिना चिकित्सक की सलाह के एंटीबॉयोटिक और एंटीफंगल दवा लेने से बचें और स्वच्छता का विशेष ध्यान जरूर रखें।

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