हरियाणा: भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों पर एक्शन लेने की तैयारी में सरकार, लिए दो अहम फैसले

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Thu, 16 Sep 2021 01:29 AM IST

सार

हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों के लंबित मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए हैं। अंडर रूल 7 के तहत काफी संख्या में मामले अभी लंबित पड़े हैं। सरकार चाहती है कि जल्द इन पर कार्रवाई हो।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल। - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ हरियाणा सरकार कड़ा एक्शन लेने के मूड में है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने दो अहम फैसले लिए हैं। एक तो सरकार ने सभी विभागों और निगमों से प्रदेश के उन सभी संवेदनशील पदों को सूची मांगी है जहां पर भ्रष्टाचार होता है या फिर जहां पर भ्रष्टाचार की आशंका है और जो लोग ऐसे पदों पर तीन साल से अधिक समय से बैठे हैं। दूसरा, अंडर रूल 7 के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों पर लंबित मामलों की रिपोर्ट तलब की है। दोनों ही मामलों में सरकार ने पांच अक्तूबर से पहले विस्तृत ब्योरा मांगा। रिपोर्ट आने के बाद सरकार आगामी कदम उठाएगी।
विज्ञापन


मुख्य सचिव विजय वर्धन ने इसके लिए हरियाणा के सभी प्रशासनिक सचिव, निगमों और बोर्डों के एमडी समेत तमाम डीसी और अन्य आला अधिकारियों को पत्र लिखा है। पत्र में लिखा है कि सभी विभागों, निगमों और बोर्डों के मुख्यालयों और फील्ड के कार्यालयों में ऐसे कई संवेदनशील पद हैं। 



सरकार की मंशा है कि भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए ऐसे पदों की पहचान की जाए, साथ ही ऐसे पदों पर रहने के लिए समय सीमा तय की जाए। इसलिए पब्लिक डीलिंग, निर्णय लेने वाले, वित्त मामले, ग्रांट और लाइसेंस जारी करने वाले पदों पर पिछले तीन साल से बैठे अधिकारियों के नाम और पद समेत पूरी जानकारी मांगी है।

लंबित मामले निपटाने के निर्देश, रिपोर्ट तलब
हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों के लंबित मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए हैं। अंडर रूल 7 के तहत काफी संख्या में मामले अभी लंबित पड़े हैं। सरकार चाहती है कि जल्द इन पर कार्रवाई हो। मुख्य सचिव ने निर्देश जारी किए हैं, जो भी दोषी अधिकारी व कर्मचारी है, उन पर कार्रवाई करके रिपोर्ट भेजें। मुख्य सचिव विजय वर्धन ने, अब तक इन मामलों में क्या कार्रवाई की गई, इसकी रिपोर्ट पांच अक्तूबर को तलब की है।

प्रोफार्मा में देनी होगी पूरी जानकारी
मुख्य सचिव की ओर से बकायदा प्रोफार्मा भेजा गया है, उसी के हिसाब से रिपोर्ट मांगी गई है। प्रोफार्मा में ये बताना होगा कि किस अधिकारी के खिलाफ चार्जशीट या फिर अनुशासनात्मक मामला लंबित है और कब से लंबित है। जांच कब से शुरू हुई और उस पर अब तक क्या एक्शन लिया गया। प्रोफार्मा में विस्तृत जानकारी भरकर उसे मुख्य सचिव कार्यालय को भेजनी होगी। 

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00