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उद्यमियों का सरकार को 13 अक्तूबर तक का अल्टीमेटम, सीपीसीबी ने क्षेत्रीय अधिकारियों को दिया उद्योगों पर कार्रवाई के निर्देश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Oct 2022 02:18 AM IST
600 industries remained closed, loss of 100 crores on the very first day
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पानीपत। कमीशन ऑफ एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम) ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एसपीसीबी) को कोयला संचालित उद्योगों पर कार्रवाई के निर्देेश दिए हैं। इसके तहत अगर कोई उद्योग कोयले पर चलता मिला तो उस पर एक करोड़ रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। अगर उद्यमी जुर्माना नहीं भरता तो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के मामले में उसे पांच साल की सजा होगी। उधर, शहर में ग्रैप भी लागू हो गया है। अब 100 केवी से अधिक क्षमता वाले जेनरेटर भी नहीं चलेंगे।

इसी के चलते शनिवार को शहर के 500 डाई हाउस और 100 कंबल प्लांट पूरी तरह से बंद रहे। उद्योग बंद रहने की वजह से पहले ही दिन टेक्सटाइल नगरी को लगभग 100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं करीब दो लाख श्रमिक भी घर बैठे रहे। दूसरी ओर, सीएक्यूएम के आदेशों से खफा पानीपत के सभी औद्योगिक संगठन शनिवार को एक मंच पर आ गए। पानीपत इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रीतम सचदेवा की अध्यक्षता में सेक्टर-25 स्थित होटल में उद्यमियों की मीटिंग हुई। इसमें डाइंग, के मिकल, धागा, फैब्रिक, कंबल व कारपेट से जुड़े औद्योगिक संगठनों के प्रधान शामिल हुए।

उद्यमियों की बैठक में निर्णय लिया गया कि सीएक्यूएम अगर 13 अक्तूबर तक उद्योगों पर दिया गया फैसला वापस नहीं लेता है तो पूरे एनसीआर के उद्यमी और श्रमिक सड़कों पर उतरेंगे। पूरे एनसीआर में आंदोलन खड़ा किया जाएगा। उन्होंने मामले में सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई। मीटिंग में भीम राणा, ललित गोयल, अनिल बंसल, अशोक कुमार, विनोद कुमार समेत तमाम संगठनों से पदाधिकारी मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन ने एनसीआर के सभी क्षेत्रीय अधिकारियों की दिल्ली में मीटिंग बुलाई। इसमें चेयरमैन ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वो उद्योगों पर कार्रवाई शुरू करें।
उद्यमियों ने मीटिंग में कहा कि एक्यूसीएम बॉयलर को पीएनजी पर शिफ्ट करने का दबाव बना रहा है, लेकिन उन्हें पीएनजी के बॉयलर चलाने का प्रशिक्षण तक नहीं दिया गया। पीएनजी के बर्नर भी उपलब्ध नहीं है। कंपनी बर्नरों की पूर्ति नहीं कर पा रही है। दो-दो साल की वेटिंग चल रही है, इसलिए उन्हें बॉयलर को पीएनजी पर शिफ्ट करने के लिए दो साल का वक्त चाहिए।
बैठक में उद्यमियों ने ये रखी मांगें-
- जुर्माना कम किया जाए।
- उनको पीएनजी पर बॉयलर को शिफ्ट करने के लिए दो साल तक का वक्त दिया जाए।
- एपीएम 800 से 80 पर लाना मुश्किल है, उनको इसमें राहत मिले।
- बॉयलर विशेषज्ञों की टीम उपलब्ध कराई जाए।
- पीएनजी के दाम स्थिर किए जाए।
नियम न माने तो होगी कार्रवाई : सैनी
सीपीसीबी ने दिल्ली में मीटिंग बुलाई थी। मीटिंग में उन्हें साफ कहा गया है कि नियमों को नहीं मानने वाले उद्यमियों पर कार्रवाई की जाए। सोमवार से उद्योगों पर कार्रवाई शुरू कर देंगे।
- कमलजीत सैनी, क्षेत्रीय अधिकारी राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

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