बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

एलोपैथी पर बाबा रामदेव के बयान और डॉक्टरों पर हिंसा के खिलाफ सड़कों पर उतरें डॉक्टर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jun 2021 11:54 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
एलोपैथिक इलाज पर बाबा रामदेव के बयान और डॉक्टरों पर हो रही हिंसा के खिलाफ शुक्रवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने विरोध दर्ज कराया गया। सड़क पर उतरकर डॉक्टरों ने अस्पतालों में हड़ताल रखी। दोपहर दो बजे तक 130 निजी अस्पतालों में ओपीडी बंद रही। महज इ मरजेंसी सेवाएं ही सुचारू रहीं। ऐसे में तमाम मरीजों को बगैर डॉक्टर के दिखाए ही अपने घर लौटना पड़ा।
विज्ञापन

आईएमए के बैनर तले डॉक्टरों ने स्काईलार्क रिसोर्ट में एकत्रित होकर बाबा रामदेव के खिलाफ नारेबाजी की और लघु सचिवालय तक जुलूस निकाला। इसके साथ ही प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा। इसमें डॉक्टरों पर हो रही हिंसा का कड़ा विरोध जताया और सरकार से सुरक्षा की मांग की। आईएमए के जिलाध्यक्ष डॉ. वेदप्रकाश ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान 1500 से अधिक डॉक्टरों ने अपनी जान गंवाई है। इसके बाद भी डॉक्टरों को शारीरिक और मौखिक हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। बाबा रामदेव की एलोपैथी पर बयान की डॉक्टरों ने निंदा की। साथ ही डॉक्टरों पर हिंसा के खिलाफ सरकार से मांग है कि इसके खिलाफ कड़े कानून बनाए और सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए।

दस हजार लोगों का इलाज हुआ प्रभावित
हर रोज निजी अस्पतालों में इलाज के लिए 8-10 हजार लोग आते हैं। अब डेंगू व मलेरिया का खतरा बढ़ रहा है तो अब ओपीडी धीरे धीरे बढ़ रही है। शुक्रवार को ओपीडी बंद होने से करीब दस हजार लोगों का इलाज प्रभावित हुआ है।
अस्पतालों में हड़ताल, इमरजेंसी ही चली
जिले में निजी अस्पतालों में 350 से अधिक डॉक्टर कार्यरत हैं। हड़ताल के कारण सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक मरीज परेशान रहे। सनौली रोड स्थित पवनांजलि, आईबीएम, अपैक्स, मैक्स सिटी, बालाजी, डॉ. प्रेम, आरएम आनंद समेत तमाम मरीजों को वापस भेजा गया। इस दौरान मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। निजी अस्पतालों में मात्र इमरजेंसी सेवाएं ही चली।
सिविल अस्पताल में सामान्य रही ओपीडी
निजी अस्पतालों में सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक हड़ताल होने के कारण सिविल अस्पताल में मरीजों की भीड़ अधिक होने का अनुमान था, लेकिन सिविल अस्पताल में मरीजों की संख्या सामान्य रही। केवल फिजिशियन डॉक्टरों के पास मरीजों की भीड़ दिखी। सिविल अस्पताल में शुक्रवार को 950 ओपीडी रही, निजी अस्पतालों की हड़ताल का ओपीडी पर खास प्रभाव नहीं रहा।
मजबूरन सिविल अस्पताल में आना पड़ा : राजू
बबैल रोड स्थित एक फैक्टरी में काम करने वाला राजू पवनांजिल अस्पताल पहुंचा। राजू ने बताया कि काम करते समय मशीन में हाथ आने से गहरी चोट लग गई। साथी उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल ले गए। हड़ताल के कारण कई अस्पतालों में इलाज न होने पर उसे सिविल अस्पताल ले जाया गया।
कई अस्पतालों में नहीं मिला इलाज : अरविंद
राजनगर निवासी अरविंद ने बताया कि सात साल की बेटी काफी दिनों से बीमार है। वह लोटस अस्पताल के पास निजी अस्पताल में बेटी को इलाज के लिए लेकर आया था, लेकिन यहां इलाज करने से इनकार कर दिया गया। कई अस्पतालों में भी इलाज नहीं मिला। एक क्लीनिक में जाकर दवा दिलाई।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us