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एक करोड़ रुपये मशीन की कुल कीमत और एक करोड़ रुपये महीना में किराए पर चला रहा निगम, अब ठेका होगा रद्द

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jun 2021 11:57 PM IST
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शहर की सफाई व्यवस्था पर नगर निगम हर माह पांच से छह करोड़ रुपये खर्च कर रहा है, इसके बाद भी सफाई नहीं हो पा रही। हालत यह है कि शहर के छह मुख्य मार्गों की सफाई करने वाली मशीन का किराया एक करोड़ रुपये महीना है। सीनियर डिप्टी मेयर दुष्यंत भट्ट ने बताया कि इस मशीन की कीमत ही एक करोड़ रुपये है। इस मशीन को टेंडर के जरिए किराये पर लिया गया है। इसके अलावा शहर के कई सेक्टरों और बाजारों की सफाई के लिए निगम हर माह करीब 80 लाख रुपये खर्च करता आ रहा है। भट्ट ने कहा कि निगम पर अतिरिक्त बोझ देख सफाई से संबंधित तकरीबन सभी टेंडर रद्द किए जाएंगे। इसके बाद हर वार्ड के लिए अलग टेंडर लगाए जाने की योजना बनाई जा रही है। इस योजना के अंतर्गत वार्ड की सफाई की जिम्मेदारी पार्षद को ही दी जाएगी।
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पूरे शहर से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम जेबीएम कंपनी का है। वहीं, निगम के सफाई कर्मचारियों की तनख्वाह का खर्च इससे अलग है। निगम पर पड़ने वाले इसी अतिरिक्त खर्च को देखते हुए इस योजना पर काम किया जा रहा है। इन टेंडरों की एक्सटेंशन और पेमेंट करवाने को लेकर निगम के सीएसआई तक प्रदेश के सबसे बड़े रिश्वत कांड में फंस चुके हैं। शहर के पार्षदों ने भी इन सफाई के टेंडरों पर बार-बार निगम सदन में हंगामा कर इनको रद्द करवाने की कई बार मांग की, लेकिन सब कुछ शहरवासियों और जनप्रतिनिधियों की आंखों के सामने होता रहा, लेकिन कभी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।

अब शहर के नेताओं ने मीटिंग कर फैसला लिया है कि जेबीएम को छोड़कर सभी सफाई से संबंधित टेंडरों को निगम कैंसल करेगा। इनकी जगह हर वार्ड का अलग सफाई का टेंडर लगाया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी पार्षद को सौंपी जाएगी। उनकी सुपरविजन में ही सफाई का पूरा काम होगा। इससे पहले भी निगम हाउस ने 7 जून को निगम कार्यालय में फैसला लिया था कि इसके लिए एक कमेटी बनाई जाएगी तो निर्धारित करेगी कि किस टेंडर को लगाया जाना चाहिए और किसे नहीं।
जेबीएम को छोड़कर ये टेंडर रद्द कराने की योजना
1. आईएनडी, 1 करोड़ रुपये प्रति माह-
शहर की मुख्य छह सड़कों की हर 24 घंटे में तीन बार सफाई करवाने के लिए रोड स्वीपिंग मशीन का टेंडर आईएनडी फर्म के पास है। इसके लिए निगम हर माह कंपनी को करीब एक करोड़ रुपये का भुगतान करता है।
2. नाला गैंग, 22 लाख रुपये प्रति माह-
नालों की सफाई के लिए 22 लाख रुपये प्रति माह से 150 कर्मचारियों का नाला गैंग का टेंडर लगा दिया। आज तक निगम प्रतिनिधियों तक का इस बात का पता नहीं है कि आखिर से 150 कर्मचारी कहां काम करते हैं।
3. पार्वती इंटरप्राइजेज, 40 लाख रुपये प्रति माह
शहर के छह सेक्टरों की सफाई के लिए पार्वती इंटरप्राइजेज फर्म को करीब 40 लाख रुपये का भुगतान किया जाता रहा है। जबकि पूरे शहर से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए जेबीएम को भी हर माह निगम पेमेंट कर रहा है।
4. पूजा फर्म, 40 लाख रुपये माह
रात की सफाई के लिए पूजा फर्म को करीब 40 लाख रुपये का टेंडर दिया है। इसमें सफाई कर्मचारी शहर के बाजारों व मार्केट की सफाई करने का काम करते हैं।

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