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बारिश सिर पर, नालों का निर्माण अधूरा, झेलें मुसीबत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jun 2021 02:12 AM IST
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पानीपत। ओल्ड इंडस्ट्रीयल एरिया स्थित रोड पर फैला पानी।
पानीपत। ओल्ड इंडस्ट्रीयल एरिया स्थित रोड पर फैला पानी। - फोटो : Panipat
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पानीपत। करोड़ों रुपये के राजस्व से हर सरकार सरकारी का खजाना भरने के बावजूद औद्योगिक नगरी पानीपत सड़क, नालों और निकासी जैसी मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है। ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया में छह महीने में 16 नालों का निर्माण हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआईआईडीसी) को करना था, जिसे सवा दो साल में भी पूरा नहीं किया जा सका। महज 35 फीसदी ही निर्माण हो सका। पौने चार साल तक उद्यमियों ने संघर्ष किया तो निर्माण शुरू हुआ, अब छह साल बीत जाने के बावजूद दिन बहुरे नहीं हैं। बारिश का मौसम सिर पर है और अब उन्हें फिर नारकीय हालतों से जूझना होगा।
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ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया में अधिकतर सड़कें टूटी हुई हैं। सड़कों का निर्माण कोविड के कारण रुक गया। 2016 से यहां सड़कों के निर्माण कार्य को लेकर उद्यमी संघर्ष कर रहे हैं। कई बार जन प्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद ठेकेदार तक फरार हो गए। एचएसआईआईडीसी को 9.84 करोड़ रुपये की लागत से 16 नालों का निर्माण पूरा कराना था। इनका निर्माण नवंबर 2019 में शुरू हुआ था। चार महीने ही बमुश्किल काम चल पाया और कोविड के कारण अप्रैल 2020 में काम पूरी तरह से बंद हो गया था। 13 माह से तो काम पूरी तरह ठप पड़ा है। अब अधूरे काम के कारण उद्यमियों और श्रमिकों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। बारिश शुरू होने के बाद यहां हालात खराब होना तय है। दरअसल, यहां गंदे पानी की निकासी न होना बड़ी समस्या है। सड़कों पर केमिकल युक्त पानी बहता है। श्रमिकों को इसी से होकर गुजरना पड़ता है। केमिकल युक्त पानी के सड़कों पर बहने से भूमिगत जल भी खराब हो रहा है।

चार करोड़ के बिल जमा कराए, सिर्फ 35 लाख का ही भुगतान
ठेकेदार को ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया की निकासी दुरुस्त करने को सभी नालों का निर्माण अब तक पूरा हो जाना चाहिए थे, लेकिन सवा दो साल में केवल 35 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है। इस क्षेत्र में नौ किलोमीटर तक नालों का निर्माण करना था। अब तक 3.50 किलोमीटर ही निर्माण पूरा हो पाया है और 5.30 किलोमीटर का निर्माण अधूरा है। ठेकेदार का कहना है कि सरकार की ओर से समय पर पेमेंट नहीं मिल रही है। उद्यमी भी काम में हस्तक्षेप करते हैं। जब काम शुरू होता है तो उद्यमी अपनी चलाते हैं इसलिए काम करने में दिक्कत होती है। अब तक करीब चार करोड़ रुपये का काम करके बिल एचएसआईआईडीसी में जमा करवा रखे हैं लेकिन विभाग ने केवल 34 लाख रुपये का ही भुगतान हुआ, जबकि टेंडर शर्तों के मुताबिक रनिंग पेमेंट होनी थी।
नालों के निर्माण के 10-10 फीट गहरे गड्ढे खुदे, पानी भरने पर होंगे हादसे
नालों का निर्माण पूरा नहीं हुआ है, लेकिन 10-10 फीट गहरे गड्ढे सड़क के किनारे खुदे पड़े हैं। बारिश में इन गड्ढों में पानी भरेगा और हादसे अंजाम होंगे। बारिश के साथ ही ओल्ड इंडसिट्रयल एरिया की मुसीबत बढ़ने वाली है।
काम रुकने से बनी हुई है परेशानी : ग्रोवर
पिछले कई सालों से सड़कों व नालों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अब तक नालों का कार्य पूरा नहीं हुआ है। नालों के निर्माण कार्य लिए हर जन प्रतिनिधि के चक्कर काट चुके हैं। अधिकारी और ठेकेदार समय पर काम नहीं करते। उद्यमी हजारों करोड़ रुपये टैक्स देते हैं, लेकिन सरकार उद्यमियों को सड़कें और गंदे पानी की निकासी की सुविधा तक नहीं दे पा रही है।
- विनोद ग्रोवर, प्रधान, ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया मेन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन
उद्यमियों को सुविधा मिलनी चाहिए, बहुत परेशानी है: धमीजा
ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया में काफी परेशानियां हैं। अब तक सड़कों का निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ है। नालों का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। गंदे पानी की निकासी की सुविधा नहीं है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से कई बार अपनी परेशानियों को लेकर मिल चुके हैं, कोई सुनता ही नहीं है, कारोबार प्रभावित होता है।
- विनोद धमीजा, उद्यमी, ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया
कई बार हादसे भी हो चुके हैं, कोई सुनने वाला नहीं है: मोहित
बड़ी संख्या में श्रमिक यहां की फैक्टरियों में काम करते हैं। सड़क में बने गड्ढ़ों में गिरकर कोई न कोई रोज ही चोटिल होता रहता है। सड़कें बनाई ही नहीं जा रही हैं। कई साल से यहां के लोग सड़कें और गंदे पानी की निकासी के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन लगता है कि कोई सुनने वाला ही नहीं है।
- मोहित, श्रमिक, ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया
कोविड के कारण काम लेट हो गया है, अब तेजी लाएंगे: राजबीर
कोविड के कारण काम लेट हो गया है। अब काम में तेजी लाएंगे। ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया में सुविधाएं देना प्राथमिकता हैं।
- राजबीर, एक्सईएन, एचएसआईआईडीसी, पानीपत।

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