लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Haryana ›   Panipat ›   Yashi Agency's survey full of flaws going to be implemented on the city

शहर पर लागू होने जा रहा खामियों से भरा याशी एजेंसी का सर्वे

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 02 Oct 2022 02:15 AM IST
Yashi Agency's survey full of flaws going to be implemented on the city
विज्ञापन
ख़बर सुनें
पानीपत। नगर निगम ने शहर की सभी संपत्तियों पर खामियों से भरे याशी के सर्वे को लागू करने की तैयारी कर दी है। इसके बाद याशी के नए सर्वे वाली प्रॉपर्टी आईडी ही वैध मानी जाएंगी। जीआरएस के पुराने सर्वे वाली आईडी निष्क्रिय हो जाएंगे। नए सर्वे के अनुसार ही प्रॉपर्टी आईडी, एनडीसी मिलेगी। हालांकि हालात ये हैं कि अभी तक सर्वे की करीब 30 प्रतिशत प्रॉपर्टी का डेटा इंटीग्रेटेड तक नहीं हो सका है और निगम ने याशी को सर्वे का सर्टिफिकेट भी सौंप दिया है। जो जल्द ही निकाय की ओर से एनडीसी पोर्टल पर अपडेट हो जाएगा।

अब शहर के जिन लोगों ने निगम के चक्कर काट कर अपनी संपत्तियों के गलत डाटा को सही करवाया था उन्हें दोबारा से नए सर्वे के हिसाब से अपनी संपत्तियों का डेटा ठीक कराना होगा। जबकि अफसरों का कहना है कि ये डेटा पोर्टल पर ऑटोमैटिक अपडेट हो जाएगा।

खास बात यह है कि इसी सर्वे को लागू किया गया तो एजेंसी का भुगतान हो सकेगा। जिससे शहरवासियों के लिए एक नई मुसीबत खड़ी हो जाएगी। इसे लागू करवाने को लेकर निगम अफसर पिछले एक महीने से नई प्रॉपर्टी आई्डी, एनडीसी, तत्त्काल समाधान और सब डिविजन पॉलिसी तक लागूूूू नहीं कर रहे हैं।
याशी एजेंसी ने 2018 में शहर का सर्वे कर 1.73 लाख संपत्तियों को निकाला। इससे पहले जीआईएस के सर्वे के अनुसार शहर में 1.45 लाख संपत्तियां थी। नए सर्वे में शहर की 28 हजार संपत्तियां तो बढ़ी मिलीं, लेकिन इनमें से करीब 30 प्रतिशत के डाटा का मिलान नहीं हो सका। इस हिसाब से करीब 51 हजार से ज्यादा संपत्तियां ऐसी हैं, जिनके मालिक, रकबा, वैध-अवैध एरिया, खाली प्लॉट, डबलिंग का भी निगम या एजेंसी को नहीं पता है। दूसरी ओर याशी का दावा है कि उन्होंने शहर में कैंप लगाकर तीस हजार संपत्तियों के डेटा को सही किया है। ये वे लोग थे जिन्होंने अपनी संपत्तियों के डेटा पर निगम में आपत्ति दर्ज करवाई थी।
याशी सर्वे एजेंसी के खामियों से भरे सर्वे पर करीब डेढ़ साल पहले निगम 30 मार्च 2021 को एजेंसी की पेमेंट रोकने का प्रस्ताव भी पास कर चुका है। सदन का दावा था कि जब जनप्रतिनिधियों ने कहा था कि जब पूरा सर्वे ही गलत हुआ तो निगम इसकी पेमेंट क्यों कर रहा है। इस दौरान सभी पार्षदों ने हस्ताक्षर वाला एक पत्र भी आयुक्त को सौंपा गया, जिसमें पेमेंट रोकने के लिए कहा गया है। पार्षदों ने कहा कि खामियों से भरे इस सर्वे को सही बता इसका संतुष्टि प्रमाणपत्र लेने के लिए कंपनी के अधिकारी निगम में आ रहे हैं।
शर्तों के साथ दिया सर्टिफिकेट : भट्ट
निगम ने सख्त निर्देश और शर्तों के साथ याशी को सर्टिफिकेट दिया है। इसमें शहर की सभी संपत्तियों को डाटा याशी को दुरूस्त करके देना होगा। अगर कहीं कोई दिक्कत रही तो उसकी जिम्मेदारी एजेंसी और निगम अफसर होंगे। कहीं भी किसी भी खामी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
- दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
Election
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00