कोरोना काल के दौरान अस्पताल किराये पर लेकर प्रशासन ने नहीं किया भुगतान, केस करेगा जनता अस्पताल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 16 Sep 2021 11:50 PM IST
जनता अस्पताल सिरसा।
जनता अस्पताल सिरसा। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। कोरोना की पहली लहर के दौरान जिला प्रशासन ने महिला एवं प्रसूति विभाग के संचालन के लिए शहर के जनता मैटरनिटी अस्पताल को किराये पर लिया। लेकिन 4 माह तक अस्पताल को किराये पर लेने के बावजूद जिला प्रशासन ने इसका भुगतान नहीं किया। एक करोड़ रुपये से ज्यादा की रिकवरी के लिए जिला प्रशासन और सिविल अस्पताल प्रशासन को रिमांडर भेजे जाने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ। अब जनता अस्पताल प्रशासन ने रिकवरी के लिए कोर्ट केस करने की तैयारी कर ली है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार वह जल्द प्रशासन को लीगल नोटिस भेजा जाएगा।
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कोरोना महामारी की पहली लहर के दौरान नागरिक अस्पताल को कोविड-19 वार्ड के रूप में बदल दिया गया। ऐसे में अस्पताल प्रशासन ने सामान्य ओपीडी और महिला एवं प्रसूति वार्ड को भी सामान्य रोगियों के लिए बंद कर दिया। एनएचएम के तात्कालीन डायरेक्टर प्रभजोत सिंह निरीक्षण करने आए तो उन्होंने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही निर्देश दिए कि सुविधाओं को बंद करने की बजाय किसी प्राइवेट अस्पताल को किराये पर लेकर ये सुविधाएं दी जाएं। इस पर जिला प्रशासन ने शहर के जनता मैटरनिटी अस्पताल को किराये पर लिया। इस दौरान सुनिश्चित किया गया कि नागरिक अस्पताल का गायनी वार्ड जनता अस्पताल में चलेगा और इसकी एवज में कर्मचारियों के वेतन का भुगतान जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया जाएगा।

चार महीने प्रयोग कर लिया अस्पताल, भुगतान नहीं किया
जनता अस्पताल के संचालकों ने बताया कि जिला प्रशासन ने 9 अप्रैल से लेकर 16 अगस्त 2020 तक जनता अस्पताल का प्रयोग किया। लेकिन इसकी एवज में कर्मचारियों के वेतन का भुगतान नहीं किया। उन्होंने बताया कि ये राशि एक करोड़ रुपये से ज्यादा बनती है। इसलिए जनता अस्पताल प्रशासन ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर भुगतान करने की मांग की, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। इस पर तीन बार रिमाइंडर भी भेजे गए।
अब कोर्ट केस की तैयारी, लीगल नोटिस भेजेगा अस्पताल प्रशासन
तीन रिमाइंडर भेजने के बावजूद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई रिस्पांस न मिलने पर जनता अस्पताल के संचालकों ने फैसला किया है कि रिकवरी के लिए कोर्ट में केस दायर किया जाए। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अब अस्पताल संचालक जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग को लीगल नोटिस भेजेगा। यदि उसके बाद भी भुगतान नहीं होता तो कोर्ट केस होगा।
बार-बार रिमाइंडर भेजने के बावजूद अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
कोरोना की पहली लहर के दौरान जनता मैटरनिटी अस्पताल को जिला प्रशासन और नागरिक अस्पताल ने किराये पर लिया। इसकी एवज में करीब एक करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना है जिससे कर्मचारियों का वेतन दिया जाना है। लेकिन बार-बार रिमाइंडर भेजने के बावजूद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इसलिए अब हम लीगल नोटिस भेजेंगे और कोर्ट केस करेंगे। इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी है।
- राजकुमार कामरा, प्रशासक, जनता मैटरनिटी अस्पताल, सिरसा
डीजी ने कहा था डीसी सभी पक्षों से बातचीत करें
ये मामला हमारे संज्ञान में है। ये केस हमने स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक को भेजा था। डीजी ने कहा था कि एक बार डीसी इस मामले पर सभी पक्षों को बुलाकर बात करें कि आखिर समस्या कहां है।
- डॉ. मनीष बांसल, सिविल सर्जन, सिरसा

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