प्रशासन ने एसकेएस नेताओं को कल बैठक के लिए बुलाया, किसान नेता बोले - जल्द बनाएंगे रणनीति

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 18 Sep 2021 12:11 AM IST
Administration called SKS leaders for meeting tomorrow, farmer leaders said - will soon make a strategy
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संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के सदस्यों ने कहा कि किसान कुंडली समेत अन्य बॉर्डर पर अपनी इच्छा से धरना नहीं दे रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय सहित विभिन्न राज्यों की पुलिस ने उन्हें सीमाओं पर रहने के लिए मजबूर किया है। अगर भाजपा को किसानों के लगातार और तेज हो रहे विरोध प्रदर्शनों की चिंता है तो उन्हें फौरन आंदोलन की जायज मांगों को पूरा करके इसका समाधान करना चाहिए। साथ ही कहा है कि कुंडली में एक तरफ का रास्ता देने के लिए उन्हें 19 सितंबर को आने का निमंत्रण मिला है, जिस पर जल्द फैसला होगा।
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एसकेएम के वरिष्ठ नेता बलबीर राजेवाल ने शुक्रवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा जारी नोटिस के जवाब में प्रदेश सरकार ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) राजीव अरोड़ा की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। 20 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट की निर्धारित सुनवाई से पहले सोनीपत के जिला मजिस्ट्रेट ने 19 सितंबर को एसकेएम नेताओं के साथ दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल में बैठक बुलाई है। उन्होंने कहा कि एसकेएम एक बार फिर दोहराता है कि यह उनकी अपनी इच्छा से नहीं है कि लाखों किसान दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया गया है। उन्होंने कहा कि भारी बारिश, भीषण गर्मी और सर्दी के महीनों में किसान परेशान होकर भी राजमार्गों पर डटे हुए हैं। किसानों के लिए वर्तमान संघर्ष, उनकी आजीविका, बुनियादी संसाधनों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रक्षा से जुड़ा है। आंदोलन में अब तक 600 से अधिक किसान शहीद हो चुके हैं। यह सरकार है, जो अड़ी हुई है और किसानों को सीमाओं पर विरोध करने के लिए मजबूर कर रही है।

एसकेएम नेता ने कहा कि भाजपा-जजपा सरकार बार-बार अति किसान-विरोधी व्यवहार का प्रदर्शन करने के बाद ऐतिहासिक किसान आंदोलन को दबाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। खबर है कि सीएम मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें करनाल की घटनाओं सहित किसानों के विरोध प्रदर्शन से अवगत कराया। एसकेएम का कहना है कि अगर भाजपा को किसानों के विरोध प्रदर्शनों की चिंता है तो जायज मांगों को पूरा करके इसका समाधान करना चाहिए।
बैठक के लिए लगातार हो रही चर्चा
एसकेएम का कहना है कि जिला प्रशासन की तरफ से निमंत्रण मिलने के बाद बैठक के लिए चर्चा चल रही है, जिसमें जल्द बैठक के लिए रणनीति तय की जाएगी। बैठक में उनकी तरफ से अपने मुद्दे भी उठाने पर चर्चा हो रही है। जल्द इस पर सकारात्मक पहल की जाएगी।
एसकेएम ने 27 के भारत बंद के लिए जारी के दिशा निर्देश
एसकेएम ने कहा कि भारत बंद 27 सितंबर को सुबह 6 से शाम 4 बजे तक रहेगा। घटक संगठनों से समाज के सभी वर्गों के किसानों से हाथ मिलाने और बंद को पहले से प्रचारित करने की अपील की है, ताकि जनता को असुविधा न हो। बंद शांतिपूर्ण और स्वैच्छिक होगा। बंद के दिन के लिए मुख्य बैनर या थीम... किसान विरोधी मोदी सरकार के खिलाफ भारत बंद, मोदी करेगा मंडी बंद, हम करेंगे भारत बंद रहेगा। भारत बंद में केंद्र और राज्य सरकारों के कार्यालयों, बाजारों, दुकानों और कारखानों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों, विभिन्न प्रकार के सार्वजनिक परिवहन और निजी परिवहन, सार्वजनिक कार्यों और कार्यक्रमों को बंद करने की मांग करेगा। इसके अलावा एंबुलेंस, अस्पताल, चिकित्सा सेवाओं, अग्निशमन सेवाओं आदि जैसी आपातकालीन सेवाओं को छूट दी जाएगी।

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