किसानों को राज्यों में विभाजित करने की कोशिश न करें सीएम मनोहर लाल

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 01 Sep 2021 01:41 AM IST
Do not try to divide farmers into states CM Manohar Lal
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संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने सीएम मनोहर लाल और हरियाणा के कई मंत्रियों द्वारा किसानों के विरोध के पीछे पंजाब सरकार के होने के दिए गए बयान को किसानों का अपमान करार दिया। एसकेएम ने इन नेताओं को किसानों को राज्यों में विभाजित करने की कोशिश नहीं करने को चेताया है। मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने कुंडली धरनास्थल पर पत्रकार वार्ता की।
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संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य बलबीर राजेवाल और डॉ. दर्शनपाल ने मंगलवार को कहा कि सीएम मनोहर लाल और उनके मंत्री किसान आंदोलन में दरार डालने के लिए उसमें शामिल किसानों को राज्य के आधार पर बांटने का प्रयास कर रहे हैं। सीएम ने बयान दिया कि किसानों के विरोध के पीछे पंजाब सरकार और पंजाब के किसान हैं। हरियाणा के किसानों की संख्या बेहद कम हैं। उन्होंने इसकी कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वह किसानों को राज्यों में विभाजित कर आंदोलन को कमजोर नहीं कर सकते। यह आंदोलन आज किसी एक राज्य के किसानों और मजदूरों का नहीं, बल्कि पूरे देश के किसानों और मजदूरों का बन चुका है। दिल्ली की सीमाओं और टोल प्लाजा पर धरनारत किसानों में आसपास के सभी राज्यों के किसान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि किसान एकजुट हैं और सरकार की इस तरह की रणनीति से टूटने और झुकने वाले नहीं हैं।

किसानों ने यह भी मांगें रखीं
संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य हन्नान मोल्ला और शिव कुमार कक्का ने कहा कि एसडीएम आयुष सिन्हा के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत तुरंत मुकदमा दर्ज किया जाए। विरोध कर रहे किसानों पर जानलेवा हमले में शामिल सभी दोषी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाए। शहीद किसान सुशील काजल के परिवार को 25 लाख रुपये और घटना में घायल हुए किसानों को 2-2 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। हरियाणा पुलिस सभी किसानों के खिलाफ दर्ज सभी फर्जी मुकदमे अविलंब वापस लिए जाएं।
संयुक्त किसान मोर्चा ने शनिवार को अंबाला के शहजादपुर पुलिस स्टेशन में गुरनाम सिंह चढूनी और अन्य किसानों के खिलाफ राजमार्ग जाम करने पर दर्ज मुकदमों के लिए निंदा की। उन्होंने इन मामलों को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
पांच सितंबर की किसान महापंचायत से भाजपा में बौखलाहट
संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि 5 सितंबर को मुजफ्फरनगर किसान महापंचायत के लिए किसानों को जोरदार समर्थन मिल रहा है। उत्तर प्रदेश के अलावा पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान से बड़ी संख्या में किसान इसमें शामिल होंगे। गांव स्तर की बैठकों में भी किसान खासी संख्या में जमा हो रहे हैं। इससे भाजपा के कुछ लोगों ने पांच सितंबर से पहले राज्य में किसान नेताओं को डराना-धमकाना शुरू कर दिया है। मंगलवार सुबह ऐसे ही लोगों ने अलीगढ़ में एक किसान नेता पर हमला करने की कोशिश की, मगर किसानों की एकजुटता के चलते उन्हें वापस जाना पड़ा।

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