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संसद कूच: किसान मोर्चा की सफाई-बाहर ही प्रदर्शन करेंगे, घेराव नहीं करेंगे पर जबरन अंदर भी नहीं घुसेंगे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 19 Jul 2021 10:11 AM IST

सार

संयुक्त किसान मोर्चा ने 22 जुलाई को संसद कूच का एलान किया हुआ है। इसे रोकने के लिए दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के साथ बातचीत की लेकिन वे किसानों को मनाने में नाकाम रहे। किसान संसद कूच करने पर अड़े हुए हैं। 
किसान संसद कूच पर अड़े हैं।
किसान संसद कूच पर अड़े हैं। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार

संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने संसद कूच को लेकर साफ कर दिया है कि वह संसद का घेराव नहीं करेंगे और संसद में जबरन घुसने का प्रयास भी नहीं करेंगे। किसान केवल संसद के बाहर अपनी मांगों को लेकर धरना देंगे और वहां ऐसा कुछ नहीं किया जाएगा, जिससे शांति व्यवस्था बिगड़ने की आशंका हो। हालांकि दिल्ली पुलिस के अधिकारी रविवार को कई घंटे तक संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं को संसद कूच नहीं करने के लिए मनाते रहे, लेकिन किसान नेताओं ने साफ कर दिया कि वह संसद कूच जरूर करेंगे। वहीं दिल्ली पुलिस ने संसद कूच के लिए अनुमति देने से साफ इनकार कर दिया है, जिसपर किसान नेताओं ने बिना अनुमति के ही संसद पर जाने की बात कही है। 
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संयुक्त किसान मोर्चा ने 22 जुलाई को संसद कूच का एलान किया हुआ है। इसे रोकने के लिए दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के साथ बातचीत की। किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल, दर्शन पाल, जगजीत सिंह दल्लेवाल, जोगिंदर सिंह उगराहां, युद्धवीर सिंह, योगेंद्र यादव ने बताया कि मोर्चा की समन्वय समिति की दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर से मुलाकात हुई और उनको संसद के सामने प्रदर्शन के बारे में जानकारी दी गई।



उनके अनुसार, पुलिस ने उनको संसद कूच नहीं करने के लिए कहा, लेकिन उनसे साफ कहा गया है कि किसान संसद कूच जरूर करेंगे। पुलिस ने उनको इसके लिए अनुमति नहीं देने की बात कही। किसान सीमित संख्या में जंतर-मंतर जाना चाहते हैं तो वहां की अनुमति देने की बात कही। इसके लिए किसान नेताओं ने इनकार कर दिया और दिल्ली पुलिस को आश्वासन दिया कि किसान संसद का घेराव नहीं करेंगे तो उसके अंदर भी जबरन घुसने का प्रयास नहीं किया जाएगा। इस तरह से दिल्ली पुलिस के अधिकारी किसानों को मनाने में नाकाम रहे और किसान संसद कूच करने पर अड़े हुए हैं। संसद कूच के लिए किसान संगठनों ने देशभर से अपने पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के नाम भी मांगे हुए है, जिससे उनके पहचान पत्र बनाकर तैयारी पूरी की जा सके। 

भाकियू टिकैत ने कहा, गुट की चुनाव लड़ने की कोई योजना नहीं
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत के यूपी में विधानसभा चुनाव को लेकर दिए गए बयान पर भाकियू टिकैत गुट ने अपनी स्थिति स्पष्ट की। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं बलबीर राजेवाल, दर्शनपाल ने कहा कि इस बारे में बातचीत के बाद भाकियू टिकैत गुट ने चुनाव लड़ने की किसी भी योजना से साफ इनकार कर दिया। उनके अनुसार नरेश टिकैत ने कहा है कि आने वाले चुनाव में भाजपा को सबक सिखाना होगा। इसलिए ऐसा नेता चुना जाना चाहिए कि अगर वह या उसका दल कोई फैसला किसानों के खिलाफ करे तो वह नागरिकों से आकर माफी मांगे। इसके साथ ही उसे किसानों के खिलाफ फैसला लेने पर अपने पदों से इस्तीफा देना होगा। वहीं भाकियू चढूनी गुट के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि हरियाणा में किसानों के घर पर लगातार दबिश जा रही है, जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर किसानों का उत्पीड़न बंद नहीं किया गया तो किसान भी बड़ा आंदोलन करने को तैयार हैं।

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