विज्ञापन
विज्ञापन
लाभ पंचमी - सौभाग्य वर्धन का दिन,घर बैठे कराएं लक्ष्मी गणेश पूजन एवं लक्ष्मी सहस्रनाम पाठ,मात्र 101/- में,अभी बुक करें
Myjyotish

लाभ पंचमी - सौभाग्य वर्धन का दिन,घर बैठे कराएं लक्ष्मी गणेश पूजन एवं लक्ष्मी सहस्रनाम पाठ,मात्र 101/- में,अभी बुक करें

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Digital Edition

किसान आंदोलन: आंदोलनकारियों के पड़ाव में दो घंटे के अंतराल में दो किसानों की मौत, पोस्टमार्टम में पता चलेगा कारण

हरियाणा के बहादुरगढ़ में दिल्ली-रोहतक बाईपास पर नयागांव चौक के निकट गुरुवार शाम को दो घंटे के अंतराल में एक ही गांव के दो किसानों की मौत हो गई। दोनों की मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया है। पोस्टमार्टम शुक्रवार को होगा। दोनों किसानों के परिजनों को भी सूचना दे दी गई है। फिलहाल अनुमान लगाया जा रहा है कि दोनों की मौत हार्ट फेल होने से हुई होगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

पंजाब के बठिंडा के गांव पट्टी माना जेठुके निवासी धर्म सिंह पुत्र दलबारा सिंह और रिपन सिंह पुत्र धन सिंह कुछ दिनों से आंदोलन में भाग लेने आए हुए थे। धर्म सिंह की उम्र करीब 55 साल और रिपन सिंह की उम्र 50 साल थी। ये दोनों बाईपास पर नयागांव चौक के निकट बिजली पोल नंबर 166 के पास अपने गांव के टेंट में ठहरे हुए थे। यहां भोजन करके टेंट में लेटे थे।

गुरुवार शाम करीब 4 बजे अचानक रिपन सिंह की मौत हो गई। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवा दिया। करीब दो घंटे बाद उसी तंबू में धर्म सिंह की भी मौत हो गई। साथी किसानों ने उसकी मौत की सूचना एचएल सिटी चौकी पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। स्वजनों को भी इसकी सूचना दी गई।

यह भी पढ़ें : 
11 माह बाद खुलेगा रास्ता: टीकरी बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने हटाए बैरिकेड, शुक्रवार को हो सकता है एक तरफ का यातायात बहाल

एचएल सिटी पुलिस चौकी प्रभारी गौतम ने बताया कि बाईपास पर दो किसानों की मौत हुई है। उनकी मौत के कारणों का पता नहीं लग सका है। किसानों की मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम के बाद होगा। शुक्रवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम होगा। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद ही इस मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।
... और पढ़ें
प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

टीकरी बॉर्डर पर 11 माह बाद खुलेगा रास्ता: दिल्ली पुलिस ने हटाए बैरिकेड, शुक्रवार को हो सकता है एक तरफ का यातायात बहाल

ग्यारह महीने से टीकरी बॉर्डर सील रहने के कारण परेशानी झेल रहे लोगों को बहुत जल्द कुछ राहत मिलेगी। दिल्ली पुलिस इसके लिए तैयारी कर रही है। वीरवार को जेसीबी व क्रेन की मदद से कई तरह के बैरिकेड हटा दिए गए। सड़क की सफाई भी की गई। संभावना यह भी है कि शुक्रवार को ही एक लेन खोल दी जाए। टीकरी बॉर्डर से दिल्ली-रोहतक रोड की एक लेन खोलने के लिए दिल्ली पुलिस ने गुरुवार शाम को काम शुरू कर दिया। सूत्रों ने बताया कि फिलहाल दिल्ली से हरियाणा में आने वाली साइड की एक लेन का रास्ता खोला जाएगा। इसके लिए गुरुवार को कई घंटे तक काम किया गया। काफी संख्या में मजदूर काम में लगे रहे। दिल्ली की सीमा में स्टेशन के निकट लगे लोहे के बैरिकेड, सड़क में लगाई गई कीलें, अवरोधक बनाकर खड़े किए गए पुराने ट्रक, लोहे की कांटेदार तार और आरसीसी के भारी भरकम ब्लॉक हटाए गए।
... और पढ़ें

राम रहीम को हाईकोर्ट से राहत: प्रोडक्शन वारंट पर नहीं जाएगा फरीदकोट, कहा– एसआईटी चाहे तो सुनारिया जेल में कर सकती है पूछताछ

श्री गुरुग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप की बेअदबी के मामले में फरीदकोट की अदालत की ओर से गुरमीत राम रहीम को प्रोडक्शन वारंट पर लाने के आदेश के खिलाफ दाखिल याचिका पर डेरामुखी को बड़ी राहत मिली है। गुरुवार को कई घंटे चली सुनवाई के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राम रहीम को प्रोडक्शन वारंट पर फरीदकोट न ले जाने के आदेश को रद्द कर दिया। 

गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब से श्री गुरुग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप की चोरी और बाद में इसकी बेअदबी के मामले में जांच कर रही एसआईटी ने राम रहीम से पूछताछ की अनुमति मांगी थी। एसआईटी के निवेदन पर फरीदकोट की ट्रायल कोर्ट ने डेरामुखी को प्रोडक्शन वारंट पर लाने की अनुमति देते हुए उसे 29 अक्तूबर को न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया था।

राम रहीम ने इस मामले में हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दाखिल की थीं। एक याचिका में अग्रिम जमानत की मांग की गई थी तो दूसरी में प्रोडक्शन वारंट को चुनौती दी गई थी। गुरुवार को देर शाम तक चली सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राम रहीम को प्रोडक्शन वारंट पर ले जाने के आदेश को रोक दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि यदि पंजाब पुलिस की एसआईटी चाहे तो राम रहीम से रोहतक की सुनारिया जेल में पूछताछ कर सकती है।

यह भी पढ़ें : 
दादा–दादी को उतारा मौत के घाट: 11वीं के छात्र ने कमरे में बंद कर कुल्हाड़ी से की निर्मम हत्या, खुद फोन कर दी जानकारी

प्रोडक्शन वारंट आगामी चुनाव में सत्तादल की जीत का दांव
राम रहीम ने अपनी याचिका में कहा कि बेअदबी मामले में पहले जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई इसमें कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर चुकी थी। इसके बाद सत्ता बदली तो केस सीबीआई से वापस लेकर एसआईटी को सौंप दिया गया। एसआईटी ने अपने राजनीतिक आकाओं को खुश करने के लिए इस मामले में याची का नाम घसीटा। अब जब पंजाब में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं तो सत्ता दल के इशारे में याची के प्रोडक्शन वारंट की मांग एसआईटी ने कर दी है जो जांच नहीं सत्ताधारी दल की जीत का दांव है।
... और पढ़ें

अच्छी खबर: हरियाणा में कर्मचारियों-पेंशनर्स को दिवाली से छह दिन पहले मिलेगा वेतन और पेंशन, 29 को वेतन दिवस घोषित

हरियाणा सरकार कर्मचारियों, पेंशनर्स को दिवाली से छह दिन पहले वेतन और पेंशन देने जा रही है। 30, 31 अक्तूबर को अवकाश के कारण 29 अक्तूबर को वेतन दिवस घोषित किया है। वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने वीरवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। सर्व कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर अक्तूबर में ही वेतन देने की मांग की थी।

सरकार ने इसका संज्ञान लेते हुए ताजा आदेश जारी किए हैं। पक्के के साथ ही कच्चे कर्मियों को भी शुक्रवार को वेतन मिलेगा। सर्व कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान सुभाष लांबा व महासचिव सतीश सेठी ने कहा कि 22 अक्तूबर को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को 30-31 अक्तूबर को शनिवार व रविवार, पहली नवंबर को हरियाणा दिवस के राजपत्रित अवकाश के कारण 29 अक्तूबर को वेतन मांगा था।

यह भी पढ़ें :
 हरियाणा की बड़ी खबरें: बहादुरगढ़ में हादसा-पंजाब की तीन महिला प्रदर्शनकारियों की मौत, कनीना सामूहिक दुष्कर्म कांड में तीन आरोपी दोषी करार

केंद्र सरकार की तर्ज पर एक महीने का बोनस सभी कच्चे व पक्के कर्मचारियो को देने की मांग भी की है, लेकिन सरकार ने उसके आदेश जारी नहीं किए हैं।उन्होंने कहा, वीरवार को ही आदेश जारी होने के कारण सर्वर डाउन, इंटरनेट कनेक्टिविटी में दिक्कत व डीडीओ के अवकाश पर होने की सूचनाएं मिल रही हैं। इस कारण काफी कर्मचारी व पेंशनर्स 29 तारीख को वेतन व पेंशन से वंचित रह सकते हैं। सरकार से मांग है कि सभी को शुक्रवार को वेतन अदायगी सुनिश्चित करे। इसके लिए सभी विभागों, ट्रेजरी व बैंक अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
... और पढ़ें

पंचकूला: दुष्कर्म की शिकायत रद्द करने पर छत्तीसगढ़ की युवती ने हरियाणा के डीजीपी से लगाई कार्रवाई की गुहार

प्रतीकात्मक तस्वीर
पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित महिला थाने में छत्तीसगढ़ की युवती ने दुष्कर्म के आरोप लगाकर सुधीर राणा के खिलाफ 5 अगस्त को शिकायत दी थी। उसने आरोप लगाया कि आईओ सुनीता और एसएचओ नेहा चौहान ने बिना जानकारी दिए एफआईआर कैंसल कर दी। न तो इसके लिए कॉल की और न ही कोई नोटिस दिया गया। युवती ने आरोप लगाया कि आरोपी सुधीर राणा ने उसे जान से मारने की धमकी दी है। इसके बाद भी पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस की तरफ से बिना नोटिस दिए एफआईआर रद्द कर दी गई। युवती ने बुधवार को यह शिकायत पंचकूला स्थित डीजीपी ऑफिस में दी है।

ये भी पढ़ें-
ऐलनाबाद विधानसभा उपचुनाव: हलके के बड़े गांवों के सरपंचों की चौधर तय करेगी चंडीगढ़ की राह

शादी का झांसा देकर बनाए थे संबंध  
युवती ने आरोप लगाया कि शादी का झांसा देकर आरोपी सुधीर राणा ने उसके साथ दो साल तक दुष्कर्म किया था। इस दौरान वह उसे होटल में ले जाकर संबंध बनाता था। युवती ने बताया कि उसने शादी करने के लिए एक साल का समय मांगा। इस पर उसने हामी भर दी। इसके बाद उसने अपना रोका दूसरी जगह कर लिया। जब युवती को इस बात का पता चला, तो आरोपी सुधीर राणा से उसने मुलाकात की। इस पर सुधीर राणा ने उसे धमकी देकर कहा कि उसके पिता डीएसपी सुभाष राणा हैं।

ये भी पढ़ें-बहादुरगढ़ में बड़ा हादसा: किसान आंदोलन में शामिल पंजाब की तीन महिला प्रदर्शनकारियों को डंपर ने कुचला, मौत

मेडिकल नहीं कराया था पुलिस ने
युवती के अनुसार आरोपी ने कहा कि उसके पिता सीएम तक पहुंच रखते हैं। उसका कोई कुछ नहीं कर सकता है। युवती ने बताया कि वह 21 अक्तूबर को दोबारा पंचकूला महिला थाने में गई। उसने अपने केस के बारे में पूछा तो पता चला कि उसकी एफआईआर कैंसल कर दी गई है। उसे इसकी जानकारी महिला थाना प्रभारी ने 24 अक्तूबर को दी है। आरोप लगाया कि वह सबूत पुलिस को पहले दे चुकी है। होटल के बिल सहित सभी चीजें दी थी। एफआईआर इन्हीं सबूतों पर लिखी गई थी। इसके बाद पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। उसका मेडिकल तक नहीं कराया गया।

ये भी पढ़ें-महंगाई की मार: छह महीने में पेट्रोल 17 और डीजल 15 रुपये बढ़ा, हिसार के लोग बोले-कब मिलेगी राहत

युवती की ओर से शिकायत दी गई थी। उसने सहमति और दोस्ती की बात बताई थी। महिला ने सहमति से संबंध बनाए हैं। युवती ने होटल की बुकिंग करवाई थी। जांच में सबूत नहीं पाए जाने पर एफआईआर रद्द की गई है।  
-नेहा चौहान, महिला थाना प्रभारी, पंचकूला


 
... और पढ़ें

कनीना सामूहिक दुष्कर्म कांड: कोचिंग पर गई छात्रा से दरिंदगी के तीन मुख्य आरोपी दोषी करार, पांच बरी

नारनौल जिले के कनीना के बहुचर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले में एडिशनल सेशन जज मोना सिंह की अदालत ने वीरवार को तीन मुख्य आरोपियों मनीष, पंकज व नीशु को दोषी करार दिया है। बाकी पांच अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। तीन दोषियों को शुक्रवार को सजा सुनाई जाएगी। पीड़ित पक्ष की तरफ अधिवक्ता करण सिंह यादव ने निःशुल्क केस की पैरवी की थी। बता दें कि 12 सितंबर 2018 को पीड़िता अपने पिता के साथ स्कूल बस में सवार होकर कोचिंग के लिए आई थी।

ये भी पढ़ें-
पानीपत में वारदात: नौल्था गांव में भैंस चराने गए 76 वर्षीय बुजुर्ग की डंडों से पीट-पीटकर हत्या

कोचिंग के लिए जा रही थी छात्रा
बस स्टैंड से उतरकर अपने कोचिंग सेंटर जा रही थी। उस दौरान आरोपी पंकज तथा मनीष रास्ते में मिले। उन्होंने पीड़िता को पानी में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर दिया और बाद में उसे एक गाड़ी में बैठाकर एक कुएं पर लेकर गए। जहां पर पंकज, मनीष और नीशू  ने सामूहिक दुष्कर्म किया। गैंगरेप के बाद पीड़िता की हालत खराब हो जाने पर इन लोगों ने गांव के ही एक चिकित्सक संजीव को घटनास्थल पर बुलाया। चिकित्सक पीड़िता को प्राथमिक उपचार देकर मौके से चला गया।

ये लगी थीं धाराएं
इस मामले में ट्यूबवैल मालिक दीनदयाल पर धारा-118 व 120बी लगाई थी। संजीव पर धारा-118, नवीन पर 202 तथा अभिषेक व मनजीत को मनीष व पंकज को शरण देने यानी 216 के तहत चार्ज फ्रेम किया गया था।
 
यह बना मुख्य आधार
अधिवक्ता कर्ण सिंह यादव एवं अधिवक्त सुभाष यादव ने बताया कि उक्त मामले में अदालत के अंदर 33 गवाहों को पेश किया गया था। इसके अलावा मेडिकल रिपोर्ट में तीनों मुख्य आरोपियों का सीमन मैच हो गया। मेडिकल रिपोर्ट एंव गवाहों को आधार मानकर न्यायाधीश ने तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया है।

ये भी पढ़ें-Bahadurgarh accident: किसान आंदोलन में शामिल पंजाब की तीन महिला प्रदर्शनकारियों को डंपर ने कुचला, मौत

शुक्रवार को सुनाई जाएगी सजा
महिलाओं के विरुद्ध अपराध की स्पेशल कोर्ट की इंचार्ज एडिशनल सेशन जज मोना सिंह की अदालत ने तीन मुख्य आरोपियों मनीष, पंकज व नीशु को दोषी करार दिया है तथा बाकी पांच अन्य आरोपी दीनदयाल, संजीव, नवीन, अभिषेक, मंजीत को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। जिन पर आरोप नहीं था। न्यायाधीश ने सजा के लिए 29 अक्तूबर की तारीख तय की है।

ये भी पढ़ें-पंचकूला: दुष्कर्म की शिकायत रद्द करने पर छत्तीसगढ़ की युवती ने हरियाणा के डीजीपी से लगाई कार्रवाई की गुहार

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं चेयरमैन ने कर्ण सिंह यादव एडवोकेट को उपरोक्त केस की पैरवी पीड़ित पक्ष की तरफ से करने के लिए नियुक्त किया था। इसमें 33 गवाहों की गवाही करवाई थी। अदालत ने तीन मुख्य आरोपियों को दोषी करार दिया है। 29 अक्तूबर को सजा की तारीख तय की गई है। दोषियों को उम्र कैद की सजा दिलाने के लिए दलील करेंगे। पीड़िता को क्षतिपूर्ति दिए जाने की भी मांग करेंगे। पांच अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया गया है।
-करण सिंह, अधिवक्ता, पीड़ित पक्ष
... और पढ़ें

हरियाणा में युवाओं को मिलेंगी, पांच लाख प्राइवेट नौकरियां समेत हरियाणा की बड़ी खबरें

  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00