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बुध का तुला राशि गोचर, जानें क्या होगा आपके जीवन पर प्रभाव
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राज्य लोक सेवा आयोग: पहली बार नेटवर्क जैमर के साये में होगी एचएएस परीक्षा

हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (एचएएस) की परीक्षा 26 सितंबर को पहली बार नेटवर्क जैमर के साये में होगी। परीक्षा के दौरान नकल की संभावनाओं को पूरी तरह से विराम लगाने के लिए राज्य लोक सेवा आयोग ने यह फैसला लिया है। अभी तक यूपीएससी की परीक्षाओं में ही नेटवर्क जैमर लगाए जाते हैं। बुधवार को लोक सेवा आयोग में हुई अधिकारियों की बैठक में एचएएस की परीक्षा में भाग लेने वाले बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को कोरोना की निगेटिव रिपोर्ट या वैक्सीन सर्टिफिकेट दिखाने के बाद ही परीक्षा केंद्रों में प्रवेश देने का फैसला लिया गया।

हिमाचल के अभ्यर्थियों पर यह शर्त लागू नहीं होंगी। 26 सितंबर को प्रदेश के 133 केंद्रों में सुबह और शाम के सत्र में एचएएस की परीक्षा होगी। प्रशासनिक सेवा के 18 पदों के लिए 30625 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। परीक्षा में शामिल होने के लिए सभी अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड और पहचान पत्र भी लाना अनिवार्य किया गया है।

आयोग की अतिरिक्त सचिव सुषमा वत्स ने बताया कि बाहरी राज्यों से एचएएस की परीक्षा देने के लिए आने वाले अभ्यर्थियों को कोविड 19 वैक्सीन की दोनों डोज या 72 घंटे पुरानी आरटीपीसीआर या 24 घंटे पुरानी रैट निगेटिव रिपोर्ट अपने साथ लानी होगी। इन दस्तावेजों को दिखाने के बाद ही अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि 26 सितंबर को सुबह दस से बारह और दोपहर दो से चार बजे तक परीक्षा होगी।
 
केंद्रों में स्टाफ भी नहीं ले जा सकेगा मोबाइल फोन
परीक्षा केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स व मोबाइल फोन ले जाने पर सख्त मनाही रहेगी। यह आदेश सिर्फ अभ्यर्थियों के लिए नहीं बल्कि परीक्षा केंद्रों में ड्यूटी देने वाले स्टाफ और पानी पिलाने से लेकर अन्य कार्य के लिए तैनात सभी कर्मियों पर भी लागू रहेंगे।

दस जिलों के 133 केंद्रों में होगी परीक्षा
एचएएस की परीक्षा किन्नौर और लाहौल स्पीति के अलावा दस जिलों में बनाए जाने वाले 133 केंद्रों में होगी। परीक्षा के लिए शिमला में 32, सोलन में 14, कांगड़ा-धर्मशाला-पालमपुर में 30, मंडी-सुंदरनगर में 12, कुल्लू में 5, चंबा में 6, ऊना में 9, बिलासपुर में 6, हमीरपुर में दस और नाहन में नौ केंद्र बनाए जाएंगे।


इन 18 पदों के लिए होगी परीक्षा
राज्य प्रशासनिक सेवा के 8 पद कार्मिक विभाग में भरे जाएंगे। खाद्य आपूर्ति विभाग में जिला नियंत्रक का एक पद, गृह विभाग में प्रदेश पुलिस सेवा के 4 पद, ग्रामीण विकास विभाग में खंड विकास अधिकारी के दो पद, राजस्व विभाग में तहसीलदार का एक पद और सहकारिता विभाग में असिस्टेंट रजिस्ट्रार के 2 पद भरे जाएंगे।
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एचएएस परीक्षा  (फाइल फोटो) एचएएस परीक्षा (फाइल फोटो)

उच्च शिक्षा निदेशालय: कोरोना से माता-पिता गंवाने वाले निजी स्कूलों के बच्चों की फीस होगी माफ

हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण के कारण माता-पिता गंवाने वाले निजी स्कूलों के बच्चों की फीस माफ होगी। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को लागू करने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने बुधवार को सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और प्रिंसिपलों को लिखित निर्देश जारी किए हैं। मार्च 2020 के बाद से अभी तक प्रदेश में निजी स्कूलों में पढ़ने वाले चार बच्चों ने माता-पिता दोनों और 280 बच्चों के एक अभिभावक की कोरोना संक्रमण से मौत हुई है।

उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि अगस्त में आए सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को तुरंत प्रभाव से लागू करने के लिए जिला अधिकारियों को पत्र जारी कर दिए हैं। दो-तीन दिन के भीतर इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करवाते हुए निदेशालय को रिपोर्ट देने को भी कहा गया है। महिला एवं बाल विकास निदेशालय की ओर से शिक्षा विभाग को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों से बीते दिनों अवगत करवाया गया है। महिला एवं बाल विकास निदेशालय की ओर से बताया गया है कि मार्च 2020 के बाद कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश में 22 ऐसे विद्यार्थी चिंहित किए गए हैं, जिनके माता-पिता दोनों की मौत हुई है।

इन 22 विद्यार्थियों में से चार विद्यार्थी निजी स्कूलों में पढ़ते हैं। 736 विद्यार्थी ऐसे भी चिंहित किए गए हैं, जिनके एक अभिभावक की कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से मौत हुई है। इनमें से 280 विद्यार्थी निजी स्कूलों में पढ़ते हैं। ऐसे विद्यार्थियों की इस शैक्षणिक सत्र की फीस को माफ करने को लेकर कोर्ट की ओर से आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा कितने विद्यार्थियों ने पढ़ाई बीच में छोड़ दी है। इन्हें दोबारा स्कूलों में लाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। इसकी जानकारी भी 25 सितंबर तक महिला एवं बाल विकास निदेशालय ने तलब की है। इस जानकारी को सुप्रीम कोर्ट से अवगत करवाया जाना है।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों से कहा है कि वह इस बात को सुनिश्चित करें कि कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों की पढ़ाई किसी भी तरह से बाधित न हो। शीर्ष अदालत ने राज्यों के चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और जिला शिक्षा अधिकारी से कहा है कि वह इस मामले में स्कूल प्रशासन से बातचीत करें और यह सुनिश्चित कराएं कि निजी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की पढ़ाई मौजूदा साल में किसी भी तरह बाधित न हो।
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जलशक्ति विभाग ने बर्खास्त किए 35 पंप ऑपरेटर, जानें पूरा मामला

जलशक्ति विभाग ने करीब ढाई साल पहले नियुक्त 35 पंप ऑपरेटरों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। विभाग ने यह कार्रवाई प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की संशोधित मेरिट लिस्ट और प्रदेश उच्च न्यायालय के फैसले के बाद की है। विभाग ने इन सभी पंप ऑपरेटरों को नौकरी से निकालने से पूर्व 15 दिन का नोटिस देने का निर्णय भी लिया है। पंप ऑपरेटर प्रदेश सरकार की तीन साल के सेवाकाल के बाद नियमितीकरण की शर्त को पूरा करने जा रहे थे, लेकिन इससे पूर्व विभाग ने इन्हें जोर का झटका दे दिया। प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग ने अक्तूबर 2016 में जलशक्ति विभाग में जूनियर टेक्नीशियन और पंप ऑपरेटर के 250 पदों को भरने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे थे।

आवेदन आने के बाद आयोग ने 9 जून 2017 को प्रदेशभर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर लिखित परीक्षा का आयोजन किया। लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अभ्यर्थियों के लिए आयोग ने पंद्रह अंकों की मूल्यांकन परीक्षा ली और जुलाई 2018 में चयनित 187 अभ्यर्थियों की सूची सहित परीक्षा परिणाम घोषित किया। जबकि कोर्ट केस के चलते 62 पद खाली रखे और दो पदों के लिए कोई भी योग्य अभ्यर्थी नहीं मिला। इन चयनित 187 अभ्यर्थियों को जलशक्ति विभाग ने प्रदेशभर के विभिन्न अधीक्षण अभियंता सर्कल के तहत नियुक्तियां प्रदान कर दी थीं, जिन्हें नौकरी करते हुए करीब ढाई वर्ष हो रहे हैं।

लेकिन, इसी साल प्रदेश उच्च न्यायालय से याचिकाकर्ता के पक्ष में निर्णय आया। इस फैसले के बाद चयन आयोग ने 22 जुलाई 2021 को दोबारा से परीक्षा परिणाम संशोधित किया और 248 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया। इसमें 152 अभ्यर्थी पुराने चयनित हुए जबकि पूर्व में चयनित 35 अभ्यर्थी मेरिट सूची से बाहर हो गए। अब संशोधित मेरिट सूची विभाग के पास पहुंचने और सरकार से परामर्श के बाद जलशक्ति विभाग ने उन्हें बर्खास्त करते हुए उनकी सेवाओं को समाप्त कर दिया गया है। उधर, जलशक्ति विभाग के इंजीनियर इन चीफ नवीन पुरी ने बताया कि न्यायालय के फैसले के बाद चयन आयोग ने मेरिट सूची में संशोधन किया है। जिसके चलते 35 पंप ऑपरेटरों को अयोग्य करार दिया है।
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आईएएस अफसरों को मिलेगा 11 फीसदी डीए, अधिसूचना जारी, लाखों कर्मचारियों को झटका

हिमाचल प्रदेश में सरकार ने बुधवार को केंद्रीय निर्देश पर आईएएस और भारतीय प्रशासनिक सेवाओं के अन्य अधिकारियों के लिए 11 फीसदी डीए(महंगाई भत्ता) जारी करने की अधिसूचना जारी की है। वहीं, कुछ दिन पहले प्रदेश के लाखों कर्मचारियों को छह फीसदी डीए देने की अधिसूचना जारी की गई है। इससे प्रदेश के करीब पौने तीन लाख कर्मचारी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। सीएम जयराम ठाकुर ने 15 अगस्त को इस संबंध में घोषणा की थी कि प्रदेश के कर्मचारियों को छह फीसदी डीए दिया जाएगा। बीते दिनों इसकी अधिसूचना भी जारी हुई। कर्मचारी उम्मीद कर रहे थे कि जेसीसी बैठक में 11 फीसदी डीए बहाली पर फैसला होगा, लेकिन इसे भी आगे टाल दिया गया।

इसी बीच आईएएस अफसरों को डीए देने की अधिसूचना जारी कर दी गई। इसके तहत डीए 17 प्रतिशत की मौजूदा दर से बढ़ाकर 28 फीसदी किया गया है। यह एक जुलाई से देय होगा। एक जुलाई से लेकर 31 अगस्त तक का एरियर उनके जीपीएफ खातों में जमा किया जाएगा।  बीते दिनों हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष अश्वनी ठाकुर भी कर्मचारियों को 11 फीसदी डीए बहाल करने की मांग उठा चुके है। ऐसे में आने वाले दिनों में इसको लेकर कर्मचारी अपनी नाराजगी जाहिर कर सकते हैं। इससे सरकार पर  कर्मचारियों को भी 11 फीसदी डीए बहाल करने का दवाब बनेगा। 

अनुबंध कर्मचारियों को दो साल बाद नियमित करे सरकार: भूपेंद्र 
हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से भेंट की। मुख्यमंत्री से अनुबंध आधार पर कार्यरत कर्मचारियों की सेवाकाल अवधि को 3 से 2 साल करने और प्रदेश सचिवालय में जेओए (आईटी) की भर्ती न करने और लिपिक के पद पर ही भर्ती करने की मांग की है।  मुख्यमंत्री ने संघ की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। संगठन के महासचिव महेश कुमार ने बुधवार को यहां बताया कि गत सांय संगठन के संघ के पदाधिकारियों ने वरिष्ठ सहायकों के पद पर पदोन्नति हेतु लिपिक, कनिष्ठ सहायक की सेवा अवधि को 10 से घटाकर 7 वर्ष करने, सचिवालय में वरिष्ठ सहायक के पद पर पदोन्नति को अलग से पदोन्नति और भर्ती नियम बनवाने बारे प्रस्ताव दिए।

संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) की बैठक शीघ्र बुलाई जाए और उसमें कर्मचारियों के लिए छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाए। संघ का प्रतिनिधिमंडल इन सभी मांगों को लेकर मुख्य सचिव से भी मिला और सभी मांगों को पूरा करने बारे निवेदन किया। इस पर मुख्य सचिव ने भी संघ को इन मांगों को पूरा करने बारे आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ उप प्रधान चानण मैहता, उप प्रधान राजेंद्र सिंह, संयुुक्त सचिव महेंद्र सिंह, कोषाध्यक्ष संजय कुमार सहित कार्यकारी सदस्य कुलदीप कुमार और रक्षित कुमार मौजूद रहे। 
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कोरोना: हिमाचल में चार संक्रमितों की मौत, 193 नए पॉजिटिव मरीज, सीएमओ ने किया संधोल स्कूल का दौरा

हिमाचल सरकार
हिमाचल प्रदेश में बुधवार को चार और कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत हो गई है। इनमें जिला हमीरपुर के 60 वर्षीय व्यक्ति, शिमला में 75 वर्षीय व्यक्ति व 58 वर्षीय महिला, जबकि मंडी में 77 वर्षीय संक्रमित बुजुर्ग महिला ने दम तोड़ा है। वहीं, प्रदेश में कोविड-19 के 193 नए मामले आए हैं। प्रदेश में कोरोना मृतकों का आंकड़ा 3643 पहुंच गया है। अब तक कोरोना के 217615 मामले आ चुके हैं। इनमें से 212133 ठीक हो चुके हैं। कोरोना सक्रिय मामले 1823 हो गए हैं। इसमें से बिलासपुर जिले में 204, चंबा 30, हमीरपुर 453, कांगड़ा 445, किन्नौर 10 , कुल्लू 30, लाहौल-स्पीति 14, मंडी 354, शिमला 179, सिरमौर तीन, सोलन 23 और ऊना में 78 सक्रिय मामले हैं। बीते 24 घंटों के दौरान 100 मरीज ठीक हुए हैं और कोरोना की जांच के लिए 10955 लोगों के सैंपल लिए गए।

82 कोरोना मामले आने के बाद प्रशासन ने जांची डॉ. विजय मेमोरियल स्कूल की व्यवस्थाएं
वहीं, एसडीएम सरकाघाट राहुल जैन ने बुधवार को सीएमओ मंडी देवेंद्र शर्मा व बीएमओ संधोल के साथ मिलकर डॉ. विजय मेमोरियल पाठशाला का दौरा किया। इस स्कूल में 82 मामले कोरोना पॉजिटिव आने के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बना है। पहले दिन पाठशाला में कुल 25 मामले कोरोना के आए थे, जिसमें 22 बच्चे और 3 स्टाफ के कर्मचारी शामिल थे। वहीं दूसरे दिन 18 बच्चे और तीसरे दिन 39 बच्चे पॉजिटिव पाए गए। स्वास्थ्य विभाग तथा प्रशासन ने पाठशाला को कंटेनमेंट जोन बना दिया। उन्होंने स्कूल में पूरी व्यवस्थाएं जांची तथा बच्चों के स्वास्थ्य के बारे में भी पाठशाला के प्रधानाचार्य कुलदीप सिंह से जानकारी ली।

एसडीएम ने बताया कि बच्चों का स्वास्थ्य पूरी तरह से ठीक है और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार पाठशाला पर निगरानी रखे हुए है तथा दिन में तीन बार बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि बच्चों के अभिभावकों को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है। सभी बच्चे ठीक हैं और उनके स्वास्थ्य में जल्दी सुधार होगा। उन्होंने कहा कि टीम ने बच्चों के खाने व रहने की पूरी जानकारी पाठशाला के प्रधानाचार्य से ली। जिससे वह पूरी तरह से संतुष्ट नजर आए। उन्होंने बताया फिर भी प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग इस पूरी नजर रखे हुए है और यहां पुलिस का पहरा भी लगा दिया है।


 
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हिमाचल: कुल्लू में फटा बादल, सड़कों-फसलों को नुकसान, प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में येलो अलर्ट के बीच बुधवार को कुल्लू की रघुपुर घाटी में बादल फटने से सड़कों और फसलों को भारी नुकसान हुआ है। जिले के तीन गांवों के पैदल रास्ते टूट गए हैं। बादल फटने से क्षेत्र में मटर की फसल तबाह हो गई है। रास्ते टूटने से फनौटी पंचायत में 1000 सेब की पेटियां फंस गई हैं। राजधानी शिमला सहित कई जिलों में बुधवार को बादल छाए रहे। कुछ क्षेत्रों में बारिश भी हुई। विदाई से पहले हिमाचल में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। 

 22 सड़कों पर यातायात बंद
बुधवार को प्रदेश भर में 22 सड़कों पर यातायात बंद रहा। 11 सड़कें सिरमौर, 5 मंडी, 3 कुल्लू, 2 शिमला और एक बिलासपुर जिले में बंद रही। प्रदेश में बुधवार को 41 बिजली ट्रांसफार्मर ठप रहे। इनमें 27 सिरमौर और 14 कुल्लू जिला में हैं। इसके अलावा बीस मकान और 10 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। जिला कुल्लू में बुधवार को तीसरे दिन भी बारिश के साथ पहाड़ों में बर्फ के फाहे गिरे। जिला कुल्लू के बाह्य सराज की रघुपुर घाटी में बुधवार शाम करीब चार बजे के आसपास अचानक तेज बारिश होने से बादल फट गया।

खड्ड किनारे खेत बह गए
जिससे फनौटी खड्ड में बाढ़ आ गई। बाढ़ में रोहाचला-जुहड़ सड़क के साथ खड्ड किनारे खेत बह गए हैं। वहीं बारिश से मटर की खेती को नुकसान पहुंचा है। बादल फटने से आई बाढ़ से सड़क के साथ गांव को जोड़ने वाले पैदल रास्तों को भी नामोनिशान मिट गया। वहीं, रोहतांग दर्रा के साथ बारालाचा व कुंजुुम दर्रा में फाहे गिरने से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। बुधवार को पालमपुर में 41, बिलासपुर में 6, सोलन में 5.6, धर्मशाला-ऊना में 3 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड हुई। बुधवार को प्रदेश के अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री की कमी दर्ज हुई। 

 26 तक जारी रहेगी बारिश
26 सितंबर तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने गुरुवार को शिमला, सोलन और सिरमौर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान धुंध छाए रहने और भूस्खलन के आसार हैं। लोगों से नदी और नालों से दूर रहने की अपील की गई है।
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एकलव्य आदर्श विद्यालय की प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित

निजी विश्वविद्यालयों को 24 सितंबर से नियमित कक्षाएं लगाने के निर्देश

हिमाचल प्रदेश राज्य निजी शिक्षण नियामक आयोग ने 24 सितंबर से राज्य के सभी निजी विश्वविद्यालयों को नियमित कक्षाएं लगाने के निर्देश जारी किए हैं। कोरोना संकट के चलते पिछले लंबे समय से निजी विश्वविद्यालयों में ऑनलाइन ही पढ़ाई चल रही है। अब सरकार की ओर से कॉलेजों को खोलने के बाद आयोग ने निजी विवि को भी नियमित कक्षाएं चलाने के लिए कहा है। ऐसे में आयोग ने भी निजी विश्वविद्यालयों को खोलने के लिए कहा गया है। निर्देशों में कहा गया है कि 24 सितंबर से नियमित कक्षाएं लगाएं। इस बारे में बुधवार को सभी निजी विवि को ईमेल से जानकारी दे दी गई है। 

जिन कॉलेजों में शिक्षक नहीं वहां वर्चुअल माध्यम से होगी पढ़ाई
प्रदेश के ऐसे कॉलेजों में वर्चुअल माध्यम से पढ़ाई करवाई जाएगी जहां संबंधित विषय के शिक्षक नहीं है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि सभी कॉलेज प्रिंसिपलों को इस बाबत लिखित आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्रिंसिपलों से विषय वार शिक्षकों की जानकारी मांगी गई है। जिन कॉलेजों में शिक्षकों की कमी होगी, वहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए वर्चुअल माध्यम से कक्षाएं लगाई जाएंगी।
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