गले की फांस : राष्ट्रपति की मौजूदगी में बिजली गुल होने के मामले में अभियंताओं पर लटकी तलवार

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 17 Sep 2021 06:13 PM IST

सार

जिलाधिकारी के आदेश पर राष्ट्रपति के संगमनगरी दौरे के समय सिविल लाइंस उपखंड में फाल्ट की शुरू हुई जांच। एसडीओ और जेई पर हो सकती है कार्रवाई।
Prayagraj News :  बिजली कटौती।
Prayagraj News : बिजली कटौती। - फोटो : प्रयागराज
विज्ञापन

विस्तार

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के संगमनगरी दौरे के समय इलेक्ट्रिकल फाल्ट बिजली विभाग के कई अफसरों के लिए गले की फांस बन सकता है। जिलाधिकारी संजय खत्री ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में म्योहाल डिवीजन के दो अभियंताओं पर कार्रवाई किए जाने के संकेत मिले हैं। मुख्य अभियंता विनोद कुमार गंगवार ने राष्ट्रपति के आगमन के समय फाल्ट की पुष्टि की, लेकिन किसी भी कार्यक्रम के दौरान बिजली की वजह से व्यवधान आने से इंकार किया है।
विज्ञापन


बीते 11 सितंबर को राष्ट्रपति के आगमन के दौरान बिजली गुल होने का मामला अभियंताओं के गले की हड्डी बन सकता है। मुख्य समारोह के संबोधन के बाद कुछ देर के लिए बिजली चली गई थी। हालांकि जेनरेटर बैकअप के लिए लगाए गए थे, लेकिन राष्ट्रपति की मौजूदगी के समय बिजली गुल होने के मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। कहा जा रहा है कि बिजली ऐसे समय गुल हुई जब हफ्ते भर पहले से मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंता की मौजूदगी में राष्ट्रपति के संभावित रूटों और स्थलों पर चाक-चौबंद बिजली आपूर्ति के लिए मशक्कत पूरी की जा चुकी थी।


अधीक्षण अभियंता आरके सिंह ने बताया कि इस मामले की अभी जांच की जा रही है कि बिजली आपूर्ति के दौरान फाल्ट किन वजहों से आया। इस मामले में म्योहाल डिवीजन के एसडीओ और जेई पर कार्रवाई किए जाने के संकेत मिले हैं। मुख्य अभियंता ने बताया कि उनकी टीमें हर स्थल पर मुस्तैदी से लगी रहीं। फाल्ट आने के दौरान जेनरेटर बैकअप में होने की वजह से किसी तरह का व्यवधान आने की पुष्टि नहीं हुई है।

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति कोविंद झलवा में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के अलावा हाईकोर्ट में एडवोकेट चेंबर और मल्टीलेवल पार्किंग की आधारशिला रखने आए थे। हाईकोर्ट परिसर में आयोजित समारोह में हिस्सा लेने के बाद उन्होंने सर्किट हाउस में कुछ लोगों से मुलाकात की थी। इसके बाद वह पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी से मिलने उनके घर गए थे। इसी दौरान फाल्ट आने की बात कही जा रही है।

राष्ट्रपति के आगमन के समय बिजली गुल होने की जांच कराई जा रही है। बिजली विभाग की ओर से जो रिपोर्ट भेजी गई थी, वह संतोषजनक न होने की वजह से वापस कर दी गई है। इस मामले की दोबारा रिपोर्ट मांगी गई है। ताकि, फाल्ट के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। -संजय खत्री, जिलाधिकारी 

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
  • Downloads

Follow Us

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00