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Bilkis Bano: सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पांडे को हिरासत में लिया गया, बिल्किस के समर्थन में निकाल रहे थे मार्च

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद Published by: Amit Mandal Updated Mon, 26 Sep 2022 10:25 PM IST
सार

सेवलिया पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा कि संदीप पांडे और दस अन्य कार्यकर्ताओं को सोमवार शाम करीब चार बजे हिरासत में लिया गया। उन्हें बिना अनुमति के पदयात्रा शुरू करने के बाद हिरासत में लिया गया।

बिलकिस बानो
बिलकिस बानो - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

सामाजिक कार्यकर्ता संदीप पांडे और कुछ अन्य को गुजरात के खेड़ा जिले के सेवलिया में 2002 के गुजरात सांप्रदायिक दंगों के शिकार बिलकिस बानो के साथ एकजुटता जताने के लिए पैदल मार्च निकालने के लिए सोमवार को हिरासत में लिया गया। विशेष रूप से पंचमहल पुलिस ने रविवार रात दोहाद जिले के बिलकिस बानो के पैतृक गांव रंधिकपुर से एक पैदल मार्च निकालने की योजना बनाने के लिए गोधरा से रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता पांडे और उसके सहयोगियों को हिरासत में लिया। उन्हें सोमवार दोपहर को ही खेड़ा बॉर्डर पर छोड़ा गया।



सेवलिया पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा कि संदीप पांडे और दस अन्य कार्यकर्ताओं को सोमवार शाम करीब चार बजे हिरासत में लिया गया। उन्हें बिना अनुमति के पदयात्रा शुरू करने के बाद हिरासत में लिया गया। वे अभी भी हिरासत में हैं। कार्यकर्ताओं का दावा है कि सेवलिया में तीन स्थानीय लोगों को भी हिरासत में लिया गया, जिन्होंने उनके भोजन और आवास की व्यवस्था की थी। उनके सहयोगी कलीम सिद्दीकी ने दावा किया कि पांडे गोधरा में पैदल मार्च की अनुमति के लिए अनशन पर बैठे थे। 


हिंदू मुस्लिम एकता समिति ने कहा कि बिलकिस बानो से 2002 के बाद से हुए अन्याय और दर्द के लिए माफी मांगने के लिए और 11 आजीवन दोषियों की जल्द रिहाई के खिलाफ 26 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच दोहाद जिले के रंधिकपुर गांव से अहमदाबाद के साबरमती आश्रम तक पैदल मार्च का आयोजन किया जाना था। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि संदीप पांडे और तीन अन्य को रविवार रात करीब साढ़े दस बजे गोधरा (पंचमहल जिले के) से हिरासत में लिया गया। 

समिति ने कहा कि जो कुछ भी बिलकिस के साथ हुआ है उसके लिए वे केवल उनसे माफी मांगना चाहते हैं। बिलकिस बानो के सामूहिक दुष्कर्म और उसके परिवार के सात सदस्यों की हत्या के आरोप में गोधरा उप-जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे थे। 3 मार्च 2002 को दाहोद के लिमखेड़ा तालुका के रंधिकपुर गांव में भीड़ ने बिलकिस बानो के परिवार पर हमला किया था। उस समय पांच महीने की गर्भवती बिलकिस के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और उसके परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी गई थी।

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