कैबिनेट में फेरबदल: यूपी-बिहार के दो नए चेहरों को जगह, नए चेहरों में चार पूर्व नौकरशाह

amarujala.com- presented by: संदीप भट्ट Updated Sat, 02 Sep 2017 11:30 PM IST
पीएम मोदी और अमित शाह
पीएम मोदी और अमित शाह - फोटो : ANI
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मोदी मंत्रिमंडल का तीसरा विस्तार और फेरबदल रविवार सुबह 10.30 बजे होगा। विस्तार के लिए महज कुछ घंटे बचे हैं। इस बीच खबर आ रही है कि कल होने वाले फेरबदल में 9 मंत्री शपथ लेंगे। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक बिहार से दो सांसदों को मंत्री बनाए जाएंगे।
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कल शपथ लेनेवाले मंत्रियों की संभावित नाम सामने आए हैं:
1.अश्विनी कुमार चौबे (बिहार)
2. राजकुमार सिंह, पूर्व गृह सचिव (बिहार)
3. शिव प्रताप शुक्ल (यूपी)
4. वीरेंद्र कुमार (मध्यप्रदेश)
5.अनंत कुमार हेगडे (कर्नाटक)
6. हरदीप सिंह पुरी (सीनियर ब्यूरोक्रेट)
7.गजेंद्र सिंह शेखावत (राजस्थान)
8. सत्यपाल सिंह, पूर्व कमिश्नर, मुंबई (यूपी)
9. अल्फाेन्स कन्ननथानम, पूर्व चीफ DDA (केरल)


तय किए गए नामों में से 2 आईएएस, 1 आईपीएस और 1 आरएफएस रह चुके हैं। इनमें पूर्व गृह सचिव पद पर आर.के.सिंह रह चुके हैं। वहीं मुबंई के पूर्व पुलिस कमिश्नर और बागपत से सांसद सत्यपाल सिंह हैं। डीडीए चीफ रह चुके अल्फोंस ने दिल्ली में हजारों अवैध इमारतों को गिराया था। हरदीप सिंह पुरी 1974 बैच के आईएफएस अफसर हैं और उनको विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा का जानकार माना जाता है। 

उधर, नीतीश कुमार की पार्टी  जेडीयू को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है। खबर है कि संघ के हस्तक्षेप के बाद उमा भारती को अभयदान मिलने और कई दौर की माथापच्ची के बाद निर्मला सीतारमण को मंत्रिमंडल में बनाए रखने पर सहमति बनी है। विस्तार को अंतिम रूप देने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बृहस्पतिवार को माथापच्ची करने के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने संघ प्रमुख और संघ के प्रमुख नेताओं से दो दौर की बातचीत की है। सूची को अंतिम रूप देने के लिए शाह की पीएम मोदी के साथ अंतिम बैठक हुई।

अब तक की जानकारी के मुताबिक संघ के हस्तक्षेप के बाद जल संसाधन मंत्री उमा भारती के मंत्रिमंडल से बाहर करने के बदले उनका मंत्रालय बदलने, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को चुनावी राज्य हिमाचल प्रदेश में लगाने, निर्मला सीतारमण को मंत्रिमंडल में बनाए रखने पर सहमति बनी है।

सूत्रों ने बताया कि संघ का साथ मिलने के बाद उमा को ले कर दोबारा चर्चा हुई। तय किया गया कि हिंदुत्व के मोर्चे पर गलत संदेश से बचने के लिए उन्हें टीम में बनाए रखा जाए।

उमा की विदाई से  विस्तार में रक्षा, कृषि और रेल मंत्रालय को ले कर सबसे ज्यादा माथापच्ची हो रही है। प्रधानमंत्री इन मंत्रालयों का जिम्मा किसी कद्दावर मंत्री को देना चाहते हैं। गडकरी रेलवे मंत्रालय संभालने के लिए तैयार नहीं हैं। इस क्रम में रक्षा मंत्रालय वर्तमान ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को दिए जाने के प्रस्ताव पर भी मंथन हो रहा है।

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सहयोगी दलों से खटपट
विस्तार पर राजग के दो सहयोगियों शिवसेना और जदयू को ले कर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है। जबकि प्रधानमंत्री ने अन्नाद्रमुक के दोनों धड़ों में विलय की प्रक्रिया पूरी हो जाने तक इस दल को अपनी टीम में जगह देने के लिए इंतजार करने का मन बनाया है।

जदयू सूत्रों का कहना है कि उसे एक कैबिनेट और एक राज्य मंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव मिला था, मगर इससे जुड़े विभाग पर मतभेद है। बिहार के सीएम नीतीश कुमार जदयू के लिए भारी भड़कम मंत्रालय चाहते हैं।

जबकि शिवसेना महज एक अतिरिक्त राज्य मंत्री के प्रस्ताव से खुश नहीं है। इसी प्रकार टीडीपी को ले कर भी कोई सर्वसम्मत फार्मूला नहीं निकल पाया है। पहले टीडीपी के गजपति राजू को तरक्की दिए जाने की बात थी, मगर अब टीडीपी कैबिनेट में एक और जगह चाहती है।

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प्रवेश वर्मा की शाह से मुलाकात पर कयास
विस्तार पर चर्चा के बीच सांसद प्रवेश वर्मा की शाह से मुलाकात पर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। चर्चा है कि या तो उन्हें मंत्री बनाया जाएगा या दिल्ली के संगठन की कमान दी जाएगी। 

अब तक इन मंत्रियों का हुआ इस्तीफा
विस्तार से पहले अब तक संजीव बालियान, बंडारू दत्तात्रेय, राजीव प्रताप रूडी, कलराज मिश्र, महेंद्र नाथ पांडे, फग्गन सिंह कुलस्ते का इस्तीफा हो चुका है। कई अन्य मंत्रियों को भी इस्तीफा देने के लिए दिल्ली में ही रुकने का संदेश दिया गया है। 

मंत्रिमंडल के तत्काल बाद संगठन विस्तार
मंत्रिमंडल में विस्तार के तत्काल बाद भाजपा संगठन में विस्तार की भी योजना है। यही कारण है कि माथापच्ची दोनों ही स्तर पर हो रही है। जिन मंत्रियों को हटाया जाना है उनमें से ज्यादातर को संगठन में जिम्मेदारी दिया जाना निश्चित है। गौरतलब है कि पार्टी के केंदीय संगठन में महासचिवों, उपाध्यक्षों के कई पद पहले से ही खाली हैं।



 

मोदी कैबिनेट में फेरबदल को लेकर मोहन भागवत से चर्चा

अमित शाह
अम‌ित शाह - फोटो : अमर उजाला
​इससे पहले आज वृंदावन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बैठक हुई, जिसमें सर संघचालक मोहन भागवत के साथ अमित शाह भी मौजूद थे। ऐसा कहा जा रहा है कि इस दौरान मोदी कैबिनेट में फेरबदल को लेकर भी अलग से बातचीत हुई। बता दें कि बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह 30 अगस्त की रात को ही वृंदावन पहुंच गए थे।

आपको बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार रविवार सुबह 10 बजे हो जाएगा। माना जा रहा है कि 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले मंत्रीमंडल का यह आखिरी विस्तार होगा, ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी इस बार टीम को पूरी तरह मजबूत करना चाहेंगे जो आम चुनावों में उनकी वापसी की राह आसान कर सकें।

लगभग एक दर्जन मंत्रियों की विदाई
बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ दर्जन नए चेहरों को जगह मिलेगी और लगभग एक दर्जन मंत्रियों की विदाई भी होगी। 4 साल में तीसरी बार हो रहे फेरबदल में 18 से 30 मंत्रियों के मंत्रालयल बदलेंगे। अरसे से खाली पड़े पदों को भरने के साथ ही कई मंत्रियों के विभाग भी बदले जाएंगे। 

छह राज्यमंत्रियों को कैबिनेट मंत्री के रूप में तरक्की
पीयूष गोयल और धर्मेंद्र प्रधान सहित छह राज्यमंत्रियों को कैबिनेट मंत्री के रूप में तरक्की भी मिल सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने इसके लिए मंत्रियों के तीन साल के कामकाज और चुनावी राज्यों के समीकरण को आधार बनाया है।
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