Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Booster dose of inflation: Both domestic and commercial LPG cylinders became expensive, crossed Rs 1000 in Delhi

LPG price: घरेलू व व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर दोनों महंगे हुए, दिल्ली में 1000 रुपये के पार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 19 May 2022 08:09 AM IST
सार

राजधानी दिल्ली में रसोई गैस सिलेंडर अब 1000 रुपये पार पहुंच गया है। 14 किलो के घरेलू सिलेंडर में आज 3.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई, जबकि 19 किलो वाले व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत में आठ रुपये की बढ़ोतरी हुई है।  

घरेलू एलपीजी सिलिंडर हुआ महंगा
घरेलू एलपीजी सिलिंडर हुआ महंगा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

तेल व गैस कंपनियों ने गुरुवार सुबह आम आदमी को महंगाई की एक और खुराक दी। घरेलू व व्यावसायिक एलपीजी गैस दोनों के सिलेंडरों के दाम बढ़ाए गए हैं। इस माह दूसरी बार दाम बढ़ाए गए हैं।


राजधानी दिल्ली में रसोई गैस सिलेंडर अब 1000 रुपये पार पहुंच गया है। 14 किलो वाले घरेलू सिलेंडर में आज 3.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई, जबकि 19 किलो वाले व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत में आठ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। 


कोलकाता में सबसे महंगा घरेलू गैस सिलेंडर

गुरुवार से दिल्ली में घरेलू रसोई गैस सिलेंडर 1003 रुपये, मुंबई में 1002.50 रुपये, कोलकाता में 1029 रुपये और चेन्नई में 1018.50 रुपये में मिलेगा। इससे पूर्व 7 मई को घरेलू सिलेंडर के दाम में 50 रुपये की वृद्धि की गई थी। 


व्यावसायिक सिलेंडर चेन्नई में सबसे महंगा

अब 19 किलो का व्यावसायिक सिलेंडर दिल्ली में 2354 रुपये, कोलकाता में 2454 रुपये, मुंबई में 2306 रुपये और चेन्नई में 2507 रुपये में मिलेगा। देशभर में अब घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम 1000 रुपये के पार पहुंच गए हैं। एक साल में घरेलू सिलेंडर के दाम 800 रुपये से 1000 के पार पहुंच गए हैं। 


महंगाई से राहत की उम्मीद नहीं
उधर, इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने बुधवार को रिपोर्ट में कहा है कि लगातार बढ़ रही महंगाई से चालू वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इस दौरान पूरे वित्त वर्ष के दौरान औसत महंगाई नौ साल के उच्चतम स्तर पर 6.9 फीसदी रह सकती है। 


और बढ़ सकती है ब्याज दरें
एजेंसी के मुताबिक बढ़ती महंगाई को काबू में करने के लिए रिजर्व बैंक अपनी ब्याज दर रेपो दर में 0.75 फीसदी की बढ़ोतरी कर सकता है। हालात गंभीर होने पर नीतिगत दर में 1.25 फीसदी तक वृद्धि की जा सकती है। इसके अलावा, नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) को भी चालू वित्त वर्ष के अंत तक 0.50 फीसदी बढ़ाकर 5 फीसदी किया जा सकता है। बढ़ती महंगाई को नियंत्रण में करने के लिए केंद्रीय बैंक ने 4 मई को बिना पूर्व-निर्धारित कार्यक्रम के रेपो दर में 0.40 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। सीआरआर भी 0.50 फीसदी बढ़ाकर 4.5 फीसदी किया था। 

महामारी में आपूर्ति ने बढ़ाई समस्या  
महामारी में मांग कम होने के बावजूद नवंबर, 2020 तक खुदरा महंगाई 6 फीसदी से ज्यादा रही। इसकी एक वजह आपूर्ति पक्ष का बाधित होना भी था। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2015-16 से लेकर 2018-19 तक लगातार चार साल पर खुदरा महंगाई औसतन 4.1 फीसदी रही थी। इसके बाद पहली बार दिसंबर, 2019 में यह 6 फीसदी के पार पहुंच गई थी, जो आरबीआई की ऊपरी सीमा से ज्यादा है।  

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