केंद्र का फैसला: फॉस्फेट व पोटाश खाद पर 28,655 करोड़ की सब्सिडी, रबी सीजन में किसानों को राहत

पीटीआई, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Tue, 12 Oct 2021 10:10 PM IST

सार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मंगलवार को किसान, शिक्षा, शहरी विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। आगामी रबी बोआई सीजन को देखते हुए केंद्र सरकार ने खाद सब्सिडी बढ़ाने का बड़ा फैसला किया हैै।
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कैबिनेट बैठक - फोटो : PTI
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विस्तार

केंद्र सरकार ने फॉस्फेट व पोटाश आधारित खादों की सब्सिडी में इजाफा किया है। आगामी रबी बोआई सीजन में किसानों को सस्ती दरों पर खाद मिल सके, इसलिए कुल 28,655 करोड़ रुपये की खाद सब्सिडी दी जाएगी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (NBS) की दरों को मंजूरी दी। ये दरें अक्तूबर 2021 से मार्च 2022 तक के लिए रहेंगी। रबी का सीजन या सर्दियों का बोआई सीजन अक्तूबर से ही शुरू होता है।


बैठक के बाद जारी बयान के अनुसार एनबीएस के तहत प्रति किलो नाइट्रोजन (N) सब्सिडी की दर 18.789 रुपये, फॉस्फोरस (P) की 45.323 रुपये, पोटाश (K) की 10.116 रुपये और सल्फर (S) की 2.374 रुपये प्रति किलो रहेगी। इस तरह इस सब्सिडी पर कुल 28,602 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।

डीएपी पर अतिरिक्त सब्सिडी
इसके साथ ही सरकार ने डीएपी पर विशेष वन टाइम पैकेज भी घोषित किया है। इसके तहत करीब 5716 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। एनपीके खाद के तीन सबसे ज्यादा खपत वाले उवर्रकों के लिए भी खास वन टाइम पैकेज दिया गया है। इसमें एनपीके 10-26-26, एनपीके 20-20-0-13, एनपीके 12-32-16 के लिए 837 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

सरकार ने वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में खाद सब्सिडी के लिए 79,600 करोड़ रुपये सब्सिडी के लिए आवंटित किए हैं। अतिरिक्त सब्सिडी प्रदान करने के कारण ये आंकड़ा और बढ़ सकता है। जून में भी सरकार ने डीएपी और कुछ अन्य गैर-यूरिया उर्वरकों के लिए सब्सिडी में 14,775 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की थी। सरकार ने मंगलवार को कहा कि अतिरिक्त सब्सिडी से रबी सीजन 2021-22 के दौरान किसानों को सभी फॉस्फोरस व पोटाश आधारित उर्वरकों को सस्ती कीमतों पर आसानी से उपलब्ध कराया जा सकेगा।

केंद्र सरकार मौजूदा सब्सिडी जारी रखते हुए और डीएपी और तीन ज्यादा खपत वाले एनपीके खादों के लिए अतिरिक्त सब्सिडी के विशेष पैकेज देकर किसानों की मदद कर रही है। डाई अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) पर 438 रुपये प्रति बैग और एनपीके 10-26-26, एनपीके 20-20-0-13 और एनपीके 12-32-16 पर 100 रुपये प्रति बोरी (50 किलो) सब्सिडी देगी। जून में सरकार ने डीएपी पर सब्सिडी में 140 फीसदी की वृद्धि करते हुए यह 1200 रुपये प्रति बोरी कर दी थी, ताकि किसानों को यह महत्वपूर्ण खाद सस्ती दरों पर मिल सके, जबकि विश्व बाजार में इसके दाम बढ़े हैं।

अमृत योजना 2.0 की मियाद 2025-26 तक बढ़ाई
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अटल मिशन फॉ रिजुवीनेशन एंड अरबन ट्रांसफॉर्मेशन (AMRUT 2.0) की मियाद 2025-26 तक बढ़ा दी है। इस योजना पर कुल 2,77,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें केंद्र की हिस्सेदारी 76,760 करोड़ रुपये होगी।

100 सैनिक स्कूलों को मंजूरी

मंत्रिमंडल ने फैसला लिया है कि बच्चों में मूल्य आधारित शिक्षा, चरित्र के साथ प्रभावी नेतृत्व व अनुशासन को बढ़ावा देने के लिए सरकारी व निजी क्षेत्र के 100 सैनिक स्कूलों को संबद्ध किया जाएगा। ये स्कूल विशिष्ट स्तंभ के रूप में काम करेंगे जो रक्षा मंत्रालय के मौजूदा सैनिक स्कूलों से विशिष्ट और भिन्न होंगे। प्रथम चरण में 100 संबद्ध होने वाले भागीदारों को राज्यों/एनजीओ/निजी भागीदारों से लिया जाना प्रस्तावित है। 2022-23 के शैक्षणिक सत्र में इन 100 संबद्ध स्कूलों में 5000 छात्रों को छठी कक्षा में प्रवेश मिलने की संभावना है।

स्वच्छ भारत मिशन 2.0 को मंजूरी

मंत्रिमंडल ने स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) को 2025-26 तक जारी रखने की भी मंजूरी दे दी। इसमें 1.41 लाख करोड़ का खर्च आएगा, जिसमें 36,465 करोड़ रुपये का केंद्र का हिस्सा शामिल है। जो मिशन के अंतिम चरण के 62,009 करोड़ रुपये से 2.5 गुना अधिक है। इसका लक्ष्य स्वच्छता और ठोस कचरा प्रबंधन के परिणामों को बनाए रखना एवं उनकी गति बढ़ाना होगा। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत खुले में शौच से मुक्ति (ओडीएफ) के परिणामों पर जोर दिया जायेगा। साथ ही सभी शहरों में ठोस कचरे का वैज्ञानिक प्रसंस्करण शुरू किया जाएगा।

अटल नवीकरण मिशन अमृत 2.0 को भी मंजूरी 

मंत्रिमंडल ने कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन के दूसरे चरण (अमृत 2.0) को भी मंजूरी दे दी। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उठाया गया कदम होगा और शहरों को जल अर्थव्यवस्था के जरिये पेय जल की पर्याप्त व्यवस्था के साथ सुरक्षित व आत्मनिर्भर बनाएगा। अमृत 2.0 के लिए 2.77 लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे सभी घरों में पाइप के जरिये पानी पहुंचाने का लक्ष्य है।
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