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India China Tension: अरुणाचल सीमा पर तेजी से बुनियादी ढांचा बढ़ा रहा चीन, सेना ने भारत की तैयारियों को लेकर किया ये दावा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Mon, 16 May 2022 07:42 PM IST
सार

पूर्वी कमान के कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलीता ने कहा कि चीनी अधिकारियों ने सीमा के करीब गांवों को दो तरह से प्रयोग करने के हिसाब से विकसित किया है। लेकिन हम लगातार उसकी हरकतों की निगरानी कर रहे हैं। 

चीन एलएसी पर तेजी से कर रहा निर्माण कार्य।
चीन एलएसी पर तेजी से कर रहा निर्माण कार्य। - फोटो : Social Media
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विस्तार

भारतीय सेना के पूर्वी कमान के प्रमुख ने सोमवार को दावा किया कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) अब अरुणाचल प्रदेश से सटी सीमा के करीब अपनी तरफ तेजी से बुनियादी ढांचे को विकसित करने में जुटी है। हालांकि, पूर्वी कमान के कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल आरपी कलीता ने यह भी दावा किया कि भारत भी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तेजी से इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने के काम में जुटा है, ताकि किसी भी स्थिति से निपटने की क्षमताएं तैयार रखी जा सकें।


जनरल कलीता ने गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, "लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के उस पार तिब्बत क्षेत्र में काफी तेजी से इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकसित किया जा रहा है। चीन लगातार अपनी सड़कों और रेल-हवाई मार्ग को बढ़ाने का काम कर रहा है। इसलिए वे किसी भी हालात से निपटने या सेना तैनात करने के लिहाज से बेहतर स्थिति में हैं।"


कलीता ने कहा कि चीनी अधिकारियों ने सीमा के करीब गांवों को दो तरह से प्रयोग करने के हिसाब से विकसित किया है। लेकिन हम लगातार उसकी हरकतों की निगरानी कर रहे हैं। हम भी लगातार अपनी तरफ इन्फ्रास्ट्रक्चर और क्षमताओं को बढ़ा रहे हैं, ताकि आगे आने वाली किसी भी स्थिति को ठीक ढंग से संभाला जा सके। उन्होंने हमें मजबूत स्थिति में होने का कारण दिया है। 

भारतीय थलसेना के कमांडर ने स्वीकार किया कि सीमावर्ती स्थलों पर क्षमताओं और बुनियादी ढांचे को विकसित करने में दुर्गम स्थल और खराब मौसम सबसे बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय थलसेना उच्च स्तर की अभियानगत तैयारियों के साथ पूरी तरह तैयार है।

पवनहंस की बिक्री पर रोक लगाने का निर्णय
केंद्र सरकार ने हेलीकॉप्टर कंपनी पवनहंस की बिक्री को रोकने का निर्णय लिया है। बोली लगानेवाली सबसे बड़ी कंपनी स्टार9मोबिलिटी पर उठ रहे सवालों के कारण यह कदम उठाया गया है। स्टार9मोबिलिटी के शेयरधारकों में सबसे बड़े अलमस ग्लोबल फंड के पास इसकी 49 फीसदी हिस्सेदारी है। एनसीएलटी की कोलकाता की शाखा ने अप्रैल में एक आदेश में इस फंड पर प्रतिबंध लगा दिया था। फंड ने इंसॉल्वेंसी प्रक्रिया के जरिये 568 करोड़ रुपये में कोलकाता की एक कंपनी खरीदने के लिए बोली लगाई थी। लेकिन वह इसका भुगतान नहीं कर पाई थी। 

एससीओ की बैठक में उठा तालिबान का मुद्दा
इस बीच भारत, पाकिस्तान और शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के आतंकवादरोधी विशेषज्ञों ने नई दिल्ली की मेजबानी में बैठक की। इसमें विभिन्न क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से मुकाबला करने में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा हुई। यह बैठक एससीओ के आतंकवाद रोधी क्षेत्रीय ढांचे (आरएटीएस) के तहत आयोजित की गई। सूत्रों ने बताया कि इसमें अफगानिस्तान की स्थिति पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया गया। सभी ने तालिबान शासित देश में सक्रिय आतंकी संगठनों से निपटने से जुड़े खतरे पर चिंता व्यक्त की। पाकिस्तान ने बैठक में हिस्सा लेने के लिए एक तीन सदस्यीय दल भेजा है। भारत ने 28 अक्तूबर को एक वर्ष की अवधि के लिए एससीओ-आरएटीएस परिषद की अध्यक्षता संभाली थी।

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