Hindi News ›   India News ›   India China Talks: China Says On LAC Disengagement That India Demands Unreasonable After 13th Round Of Military Talks

सैन्य वार्ता फिर बेनतीजा: सीमा पर स्थिति जस की तस, न ही चीन हटा न हिंदुस्तान ने खींचे कदम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Mon, 11 Oct 2021 08:48 AM IST

सार

 India China Border Talks: बैठक में जब भारत की ओर से जायज मांग उठाई गई तो चीन इसपर भड़क गया और बैठक के बाद भारत के खिलाफ जहर उगलने लगा। चीन ने कहा कि भारत अनुचित मांग उठा रहा है, जिससे मुश्किलें आ रही हैं।  
भारत-चीन सीमा विवाद
भारत-चीन सीमा विवाद - फोटो : पीटीआई
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विस्तार

पूर्वी लद्दाख के निकट एलएसी पर तनाव खत्म करने के लिए करीब दो महीने के बाद भारत और चीन के बीच रविवार को 13वें दौर की कोर कमांडर स्तर की सैन्य वार्ता हुई। यह बैठक लगभग साढ़े आठ घंटे चली। जानकारी के अनुसार इस बैठक में जब भारत की ओर से जैसे ही चीन को पीछे हटने के लिए कहा गया तो चीन इसपर भड़क गया और भारत के खिलाफ जहर उगलने लगा। चीन ने कहा कि भारत अनुचित मांग उठा रहा है, जिससे मुश्किलें आ रही हैं। चीन ने कहा कि आपकी इस तरह की मांग से विवाद और बढ़ जाएगा। वहीं सैन्य सूत्रों के अनुसार भारतीय पक्ष ने जब विवादित क्षेत्रों के मुद्दों को हल करने के लिए रचनात्मक सुझाव दिए तो चीनी पक्ष इसपर राजी नहीं था और न ही खुद कोई समाधान दिया। ऐसे में यह बैठक बेनतीजा रही।  

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भारतीय पक्ष  स्थिति का गलत आकलन नहीं करेगा: चीन
चीनी सेना ने बयान जारी करते हुए कहा कि रविवार को 13वें दौर की कोर कमांडर स्तर की बैठक के दौरान भारत ने अनुचित और अवास्तविक मांगों पर जोर दिया, जिसके बाद बातचीत को आगे बढ़ाने में मुश्किलें आ रही हैं। चीन को  उम्मीद है कि भारतीय पक्ष किसी भी तरह से स्थिति का गलत आकलन नहीं करेगा, सीमावर्ती क्षेत्रों में उत्पन्न विवाद को सुलझाने में हरसंभव मदद करेगा, प्रासंगिक समझौतों का पालन करेगा और दो देशों और दो सेनाओं के बीच ईमानदारी के साथ काम करेगा। 


भारतीय सेना ने दिया आधिकारिक बयान  
भारतीय सेना के प्रवक्ता ने बताया कि भारत-चीन कोर कमांडरों की बैठक में चर्चा पूर्वी लद्दाख में एलएसी के साथ बाकी मुद्दों के समाधान पर केंद्रित थी। भारतीय पक्ष ने कहा कि एलएसी पर विवाद चीनी पक्ष द्वारा यथास्थिति को बदलने और द्विपक्षीय समझौतों के उल्लंघन के कारण उत्पन्न हुआ। इसलिए, यह आवश्यक था कि चीनी पक्ष शेष क्षेत्रों में उचित कदम उठाए, ताकि पश्चिमी क्षेत्र में एलएसी के साथ शांति बहाली हो सके।

बैठक के दौरान, भारतीय पक्ष ने शेष क्षेत्रों के विवाद को हल करने के लिए रचनात्मक सुझाव दिए, लेकिन चीनी पक्ष सहमत नहीं था और खुद की तरफ से कोई समाधान भी नहीं दे सका। हालांकि, दोनों पक्ष संचार बनाए रखने और जमीन पर स्थिरता बनाए रखने पर सहमत हुए। सेना ने कहा कि हमें उम्मीद है कि चीनी पक्ष द्विपक्षीय संबंधों के समग्र परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखेगा और शेष मुद्दों के शीघ्र समाधान की दिशा में काम करेगा।

 डेढ़ साल में 13 दौर की हो चुकी है बैठक
बता दें कि पूर्वी लद्दाख से सटी एलएसी पर पिछले डेढ़ साल से चल रहे तनाव के दौरान 13 दौर की बैठक हो चुकी हैं। इस दौरान लाइन ऑफ एक्चुयल कंट्रोल (एलएसी) के फिंगर एरिया, कैलाश हिल रेंज और गोगरा इलाकों में तो डिसइंगेजमेंट हो चुका है, लेकिन हॉट स्प्रिंग, डेमचोक और डेपसांग प्लेन्स में तनाव अभी भी जारी है।

कुछ दिन पहले चीन ने फिर की घुसपैठ की कोशिश
करीब 10 दिन पहले दोनों देशों की टुकड़ियों के बीच अरुणाचल के तवांग के यांग्से में झड़प हुई थी और भारतीय सैनिकों ने घुसपैठ की कोशिश कर रहे चीनी सैनिकों को वापस जाने को मजबूर कर दिया। 

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