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कांग्रेस में सांगठनिक बदलाव: बूढ़े फौजी क्या संभाल लेंगे कांग्रेस की कमान और क्या प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश से हटेगीं?

शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 22 Jul 2021 07:28 PM IST

सार

कांग्रेस पार्टी में एक बड़ी भूमिका युवा नेता सचिन पायलट का इंतजार कर रही है। कांग्रेस के अंदरखाने से निकलकर आ रही खबरों के मुताबिक अगले कुछ दिनों में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी कुछ बड़े कदम उठाने वाली हैं...
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सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी
सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार

कांग्रेस पार्टी में एक बड़ी भूमिका युवा नेता सचिन पायलट का इंतजार कर रही है। कांग्रेस के अंदरखाने से निकलकर आ रही खबरों के मुताबिक अगले कुछ दिनों में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी कुछ बड़े कदम उठाने वाली हैं। वह उत्तर प्रदेश के प्रभार से महासचिव प्रियंका गांधी को मुक्त कर सकती हैं। पंजाब के बाद फिलहाल उनका सबसे अधिक ध्यान छत्तीसगढ़ पर है। यहां से पार्टी के नेता टीएस सिंह देव ने भूपेश बघेल के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। वह राज्य सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं और रह कर अपनी ही सरकार की नीतियों का विरोध कर देते हैं।
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छत्तीसगढ़ से राजस्थान तक कम करना है टेंशन

टीएस सिंह देव राज्य  में मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। कांग्रेस मुख्यालय तक वह अपनी बात पहुंचा भी रहे हैं। दूसरा बड़ा महत्वपूर्ण जिला राजस्थान है। यहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जल्द ही अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं। इसमें सचिन पायलट के करीबी चार मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा नगर निगम में भी सचिन पायलट के करीबियों को जगह मिल सकती है। बताते हैं सचिन पायलट खुद राजस्थान में अशोक गहलोत के मंत्रिमंडल में शामिल होने के इच्छुक नहीं हैं।


कांग्रेस अध्यक्ष के संदेश वाहकों ने उन्हें केंद्रीय राजनीति में आने का प्रस्ताव दिया है। सब कुछ सही रहा तो उन्हें कांग्रेस मुख्यालय में कांग्रेस महासचिव का रुतबा और कांग्रेस मुख्यालय 24 अकबर रोड में कार्यालय मिल सकता है। इतना ही नहीं गुर्जर समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले सचिन पायलट को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभार सौंपकर कांग्रेस पार्टी नया गुल खिलाने का सपना देख सकती है। लेकिन इसमें बहुत कुछ अभी भविष्य की गर्त में छिपा है।

सचिन पायलट को उत्तर प्रदेश से जोड़ने के पीछे कांग्रेस पार्टी की एक दूरगामी सोच कारण में बताई जा रही है। पार्टी को 2021 के विधानसभा चुनाव में बहुत कुछ खास होने की संभावना नजर रहीं आ रही है। ऐसे में महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को पिटा मोहरा साबित होने से बचाने के लिए वहां से निकालना और पूरे देश की राजनीति में उनकी भूमिका बढ़ाना जरूरी हो गया है। दूसरे सचिन पायलट युवा, धारदार नेता हैं। वह पार्टी के कुछ नेताओं को उत्तर प्रदेश में प्रियंका के विकल्प के रूप में दिखाई दे रहे हैं।
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