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Divorce Case: बिना ठोस कारण पति के साथ न रहना एक प्रकार की प्रताड़ना, तलाक के मामले में कोर्ट की टिप्पणी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Wed, 17 Aug 2022 12:39 PM IST
सार

कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश ने कहा है कि पति के साथ बगैर किसी ठोस कारण के नहीं रहना, उसे प्रताड़ित करने जैसा है। यह एक प्रकार की क्रूरता है। वहीं केरल के एक मामले में कोर्ट ने कहा है कि पत्नी को ताना मारना भी मानसिक क्रूरता के समान है। 

कोर्ट का आदेश।
कोर्ट का आदेश। - फोटो : amar ujala
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विस्तार

तलाक के एक मामले में मध्य प्रदेश के फैमिली कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश ने कहा है कि पति के साथ बगैर किसी ठोस कारण के नहीं रहना, उसे प्रताड़ित करने जैसा है। यह एक प्रकार की क्रूरता है। कोर्ट ने पति की तलाक की अर्जी को मंजूर कर लिया है। 



2016 में हुई थी शादी

अधिवक्ता मनोज बिनीवाले ने बताया कि 2016 में इंदौर के रहने वाले सिद्धेश्वर कुमार की शादी जयपुर की करीना सिंह से हुई थी। दोनों मेट्रिमोनियल साइट पर मिले थे और कुछ दिन बाद उन्होंने शादी कर दी। पति ने तलाक की अर्जी पेश करते हुए कहा कि शादी के बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया। यहां तक कि शादी की पहली रात वाले दिन ही पत्नी ने उससे कहा कि वह किसी और के साथ रिलेशनशिप में है और आगे भी रहेगी। इसके बाद भी सिद्धेश्वर ने उसे पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया। 



सिद्धेश्वर ने बताया कि उसने अपनी पत्नी को समझाने का बहुत प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी। पति को बिना बताए घर से चली जाती। कभी मोबाइल बंद कर लेती तो कभी फोन ही नहीं उठाती। बाद में उसने कहा कि आगे वह अपने प्रेमी के साथ ही रहेगी। इसके बाद सिद्धेश्वर ने कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की।  


पत्नी को ताना मारना मानसिक क्रूरता
वहीं ऐसे ही एक दूसरे मामले में केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि पति द्वारा पत्नी को बार-बार ताना मारना और अन्य महिलाओं से पत्नी की तुलना करना, एक तरह की मानसिक क्रूरता है। केरल हाईकोर्ट ने कहा है कि पति द्वारा बार-बार ताना मारा जाना तलाक का पर्याप्त कारण नहीं है। हालांकि, कानून को इस तथ्य पर ध्यान देना चाहिए। दरअसल, अदालत फैमली कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। 

पत्नी ने लगाया था आरोप 
तलाक के एक मामले में पत्नी ने आरोप लगाया था कि उसका पति उसे अक्सर ताने मारता है। कहता है कि वह दिखने के मामले में उसकी अपेक्षाओं को पूरा नहीं करती है। अन्य महिलाओं की तुलना में भी वह उसे निराश करती है। कोर्ट ने कहा है कि यह एक प्रकार की मानिसक क्रूरता है। हालांकि, तलाक के लिए यह पर्याप्त कारण नहीं है। 

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