डीआरडीओ: मॉस्को में अंतर्राष्ट्रीय सैन्य-तकनीकी फोरम 'सेना-2021' में दिखेगा स्वदेशी लड़ाकू विमानों का जलवा

एएनआई डेस्क, अमर उजाला Published by: Kuldeep Singh Updated Mon, 23 Aug 2021 06:23 AM IST

सार

  • भारत ने मॉस्को में अंतर्राष्ट्रीय सैन्य-तकनीकी फोरम 'सेना-2021' में कुछ हल्के स्वदेश निर्मित लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस, एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (एईडब्ल्यू एंड सी) को खड़ा किया 
डीआरडीओ, डीपीआई के निदेशक डॉ. एनके आर्य
डीआरडीओ, डीपीआई के निदेशक डॉ. एनके आर्य - फोटो : twitter@ANI
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विस्तार

मॉस्को में अंतर्राष्ट्रीय सैन्य-तकनीकी फोरम 'सेना-2021' में भारत में निर्मित लड़ाकू विमानों का जलवा दिखेगा। अंतर्राष्ट्रीय सैन्य-तकनीकी फोरम में डीआरडीओ भी अपनी प्रदर्शनी लगाएगा।
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रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) में  पब्लिक इंटरफेस निदेशालय (डीपीआई) के निदेशक डॉ एनके आर्य ने कहा कि 'हम अपने निर्यात उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सैन्य-तकनीकी फोरम 'सेना-2021' में भाग ले रहे हैं। जिसमें भारत ने कुछ हल्के स्वदेश निर्मित लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस, एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (एईडब्ल्यू एंड सी) को शामिल करेगा।

आर्मी-2021 में नए उत्पाद होंगे पेश
रूस का कलाश्निकोव समूह अंतरर्राष्ट्रीय सैन्य-तकनीकी फोरम आर्मी-2021 में नए उत्पाद को पेश करने के लिए तैयार है। कलाश्निकोव समूह के पहले उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी एंड्री सेमेनोव ने कहा कि सेमी एक्टिव होमिंग हेड के साथ एस -8 एल से लैस मिसाइल का उपयोग विभिन्न वाहक द्वारा किया जा सकता है, जिसमें सभी प्रकार के हेलीकॉप्टर या विमान, साथ ही यूएवी भी शामिल हैं।

HEF वारहेड के साथ उन्नत 80-mm S-8L लैस मिसाइल को स्थिर और गतिमान दोनों, हवा और जमीनी लक्ष्यों को संलग्न करने के लिए डिजाइन किया गया है। S-8L को B8V20 या B8M1 रॉकेट लॉन्चर का उपयोग करके हेलीकॉप्टरों और हवाई जहाजों से लॉन्च किया जाता है। रॉकेट की फायरिंग रेंज 6 किमी तक है। यह हल्के बख्तरबंद लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से निशाना बना सकता है।




भारत भी कर रहा है अपने रक्षा उपकरणों को प्रदर्शित
भारत ने मॉस्को क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सैन्य-तकनीकी फोरम आर्मी-2021 में स्वदेश निर्मित लड़ाकू विमान एलसीए तेजस, एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल, अर्जुन मेन बैटल टैंक (एमके1ए) को प्रदर्शित किया है। 

डीआरडीओ के निदेशक डॉ एनके आर्य ने कहा कि हम अपने निर्यात उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए भाग ले रहे हैं, उनमें से कुछ हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस, एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (एईडब्ल्यू एंड सी) हैं। उन्होंने आगे विस्तार से बताया कि रक्षा प्रणालियों के निर्यात के मामले में भारत के पास बहुत बड़ी संभावनाएं हैं।

आगे कहा कि डीआरडीओ अधिकांश स्वदेशी प्रणालियों का विकासकर्ता है और यह स्वीकार किया जाता है कि डीआरडीओ को दुनिया के लिए विभिन्न उत्पादों और विभिन्न प्रणालियों को प्रस्तुत करना चाहिए। मुझे यकीन है कि यह कदम भारतीय निर्यात को और आगे ले जाने के लिए एक लंबा रास्ता तय करेगा।




 
 

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